निवेश से पहले टर्म प्लान पर जरूर करें गौर -
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निवेश से पहले टर्म प्लान पर जरूर करें गौर

प्रकाशित Wed, 12, 2012 पर 11:49  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

ट्रांसेड कंसल्टेंसी के सीईओ कार्तिक झावेरी की कहना है कि इंश्योरेंस और निवेश को एक साथ ना मिलाएं तो बेहतर होगा। कार्तिक झावेरी ने इंश्योरेंस से जुड़े कई सवालों के जवाब दिए जो आपके भी बहुत काम आ सकते हैं।


सवालः मेरे पास भारती एक्सा ड्रीम लाइफ पेंशन रेगुलर, एलआईसी एनडाओमेंट, एलआईसी कोमल जीवन हैं। मुझे बच्चों की पढाई, शादी और मेरे रिटायरमेंट को ध्यान में रखते हुए और कौन सी पॉलिसी लेनी चाहिए?


कार्तिक झावेरी: आपकी सभी पॉलिसी ट्रेडिशनल पॉलिसी हैं जिनमें रिटर्न 4-4.5 फीसदी से ज्यादा नहीं मिलता है। आपको सबसे पहले 50 लाख रुपये का टर्म प्लान लें। साथ ही 10 लाख रुपये का फैमिली फ्लोटर इंश्योरेंस लें। लक्ष्य पूरा करने के लिए नई पॉलिसी ना लें बल्कि किसी म्यूचुअल फंड या और निवेश लक्ष्यों में निवेश करें। आप अपनी पुरानी पॉलिसी को पेड अप करा लें।


सवालः टर्म प्लान लेना चाहता हूं, किन किन बातों का ख्याल करना चाहिए। टर्म प्लान एलआईसी से लूं या किसी और निजी कंपनी से लेना ठीक रहेगा? इंश्योरेंस कंपनी के क्लाम सेटलमेंट रेश्यो कहां से पता कर सकते हैं?


कार्तिक झावेरी: आप किसी भी निजी इंश्योरेंस कंपनी या एलआईसी से भी टर्म प्लान ले सकते हैं। सभी इंश्योरेंस कंपनियो को आईआरडीए रेगुलेट करता है। जहां से आपको सबसे सस्ता टर्म प्लान मिले वहां से आप पॉलिसी ले सकते हैं। 3-4 कंपनी के टर्म प्लान जांचें और सबसे सही टर्म प्लान लें। आप ऑनलाइन टर्म प्लान ले सकते हैं। भारती एक्सा ई प्रोटेक्ट, एगॉन रेलिगेयर आई टर्म, एचडीएफसी क्लिक टू प्रोटेक्ट में से चुन सकते हैं। आप टर्म प्लान लेते समय सभी जानकारी सही सही दें। आईआरडीए की वेबसाइट से आप क्लेम सेटलमेंट रेश्यो के बारे में पता कर सकते हैं।


सवालः 2009 में ओरिएंटल इंश्योरेंस से फैमिली फ्लोटर पॉलिसी ली थी। 2012 में पत्नी की बीमारी पर 1.90 लाख रुपये का क्लेम ले चुका हूं। अब कवर बढ़ाना चाहता हूं लेकिन कंपनी कवर बढ़ाने के लिए तैयार नहीं है। अब कवर बढ़ाने के लिए क्या विकल्प हैं?


कार्तिक झावेरी: कवर बढ़ाने का फैसला पूरी तरह कंपनी का होता है। अब इंशोयरेंस में पोर्टबिलिटी आ गई है तो आप अपनी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को दूसरी कंपनी में स्विच कर सकते हैं और उसके फायदे ले सकते हैं। आपके पास कंपनी बदलने का विकल्प मौजूद है। पॉलिसी पोर्टबिलिटी का फायदा उठाएं। पोर्टबिलिटी के बाद आपको नई कंपनी से नया कवर मिल सकता है। हो सकता है शुरुआत में आपको ज्यादा प्रीमियम देना पड़े लेकिन इसके बदले आपको हेल्थ पॉलिसी के ज्यादा फीचर्स भी मिलेंगे।


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