Moneycontrol » समाचार » प्रॉपर्टी

ऑक्शन प्रॉपर्टी खरीदने के लिए क्या हो तरीका!

प्रकाशित Fri, 18, 2013 पर 16:49  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

पार्क लेन प्रॉपर्टी एडवाइजर के सीईओ एंड फाउंडर, अक्षय कुमार और कानूनी सलाहकार विनय सिंग से जानिए प्रॉपर्टी की सभी जरूरी जानकारियों के साथ लीगल सवालों के जवाब और प्रॉपर्टी बाजार का ताजा हाल।


सवाल : 2008 में डीएलएफ फेज 1, इंदौर में 1800 रुपये प्रति वर्गफुट का प्लॉट लिया है, क्या इस निवेश में बने रहें या बेच दें?

अक्षय कुमार : फिलहाल आपको इस निवेश में बने रहना चाहिए। इंदौर में भले पिछ्ले 4 साल में प्रॉपर्टी के दाम नहीं बढ़े। लेकिन आगे अगले 3-5 साल में कीमतें बढ़ने की उम्मीद है। इसलिए निवेश में बने रहने में समझदारी होगी।


सवाल : 18-20 लाख रुपये का निवेश कमर्शियल प्रॉपर्टी मार्केट में करना है। क्या मेरे बजट में यमुना एक्सप्रेस वे में प्रॉपर्टी मिलेगी?


अक्षय कुमार : कमर्शियल प्रॉपर्टी निवेश के लिए आपका बजट काफी कम है। आपको 250-300 रुपये प्रति वर्गफुट में दुकान मिल सकती है। कमर्शियल प्रॉपर्टी से ज्यादा रिहायशी प्रॉपर्टी में निवेश करना बेहतर होगा। कमर्शियल प्रॉपर्टी में निवेश लंबी अवधि के लिए रखना होगा। अगले 5-7 साल में नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेस वे के प्रॉपर्टी बाजार में बढ़त आने की उम्मीद है।


दुकान खरीदते समय सही लोकेशन का चुनाव करना जरूरी है। रिहायशी प्रोजेक्ट में ही कमर्शियल प्रॉपर्टी खरीदना अच्छा होगा। दुकान की लोकेशन रस्ते के सामने की तरफ लें। दुकान पहली या दूसरी मंजिल पर ना खरीदें। ग्राउंड फ्लोर के दुकान को चुनना बेहतर होगा।


सवाल : 3450 रुपये प्रति वर्गफुट में दिघी, पुणे में निवेश करने जा रहा हूं। 23 लाख रुपये का 1 बीएचके है। भविष्य में इससे कितने रिटर्न की उम्मीद है?


अक्षय कुमार : दिघी पुणे का इमर्जिंग लोकेशन है और यहां बढ़िया इंफ्रास्ट्रक्चर है। दिघी में प्रॉपर्टी के दाम 3000-3700 रुपये प्रति वर्गफुट है। आपको सही डेवलपर और प्रोजेक्ट का चुनाव करके निवेश करना चाहिए।


सवाल : ऑक्शन प्रॉपर्टी खरीदनी है, क्या एजेंट के जरिए खरीदना सुरक्षित होगा, किन बातों का ख्याल रखें?


विनय सिंह : ऑक्शन प्रॉपर्टी एजेंट के जरिए खरीदते समय सावधानी बरतनी चाहिए। क्योंकि ऑक्शन प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त में एजेंट से धोखाधड़ी होने की संभावना होती है। इसलिए ऑक्शन प्रॉपर्टी में निवेश से पहले बैंक में प्रॉपर्टी के कागजातों की जांच करें और एग्रीमेंट बनाते वक्त पहले मालिक को पार्टी बनाएं।

सवाल : सोसायटी ने शिफ्ट करते वक्त लिफ्ट चार्ज 1,000 से 5,000 रुपये किए हैं। 2 साल पहले शिफ्ट करने पर मैंने पैसे भरे थे, अगर अब शिफ्ट करना हो तो क्या पैसे भरने जरूरी हैं?

विनय सिंह : अगर एजीएम में सोसायटी ने शिफ्टिंग चार्ज बढ़ाने का फैसला लिया है तो सदस्य को पैसे भरने होंगे। मकान मालिक किराएदार से ये पैसे ले सकता है। सोसायटी के फैसले कानून के दायरे में और किफायती होने जरूरी है। फ्लैट किराए पर देते वक्त सोसायटी नॉन ऑक्युपेंसी चार्ज लगाती है। नॉन ऑक्युपेंसी चार्ज एडमिनिस्ट्रेटिव चार्ज का 10 फीसदी लगता है। इससे ज्यादा चार्ज लगाने पर सोसायटी के खिलाफ रजिस्ट्रार ऑफिस में शिकायत की जा सकती है।


सवाल : पिताजी ने 20 साल पहले जम्मू में जमीन खरीदी थी। रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है, पहले मालिक का देहांत हुआ है, हमारे पास पावर ऑफ अटॉर्नी है, क्या रजिस्ट्रेशन के बगैर हम जमीन पर कंस्ट्रक्शन कर सकते हैं?


विनय सिंह : 2011 में सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्रेशन एक्ट के अमल को जरूरी माना है। इसलिए रजिस्ट्रेशन करना काफी जरूरी है। क्योंकि रजिस्ट्रेशन के बाद ही आप कंस्ट्रक्शन कर सकते हैं।


सवाल : गाजियाबाद में अंडर कंस्ट्रक्शन फ्लैट बुक किया है। क्या बैंक लोन के लिए ट्राई पार्टी और बिल्डर-बायर एग्रीमेंट जरूरी है?


विनय सिंह : बैंक लोन के लिए ट्राइ पार्टी एग्रीमेंट बनाने का चलन है, लेकिन वो गलत है। आप ट्राइइ पार्टी एग्रीमेंट बनवाने की जानकारी बैंक से लें सकते हैं। आपने अंडर कंस्ट्रक्शन फ्लैट बुक किया इसलिए जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन करें। क्योंकि रजिस्ट्रेशन से ही प्रॉपर्टी पर खरीदार का हक साबित होता है। इसके अलावा आपको स्टैम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन की फीस एक बार ही भरनी होती है।   


सवाल : हुडा से गुड़गांव सेक्टर 57 में प्लॉट अलॉट हुआ था। 6 किस्तें भरने के बाद पता चला कि जमीन विवाद में फंसी है, अब हुडा एनहांसमेंट फीस के तौर पर 15 लाख रुपये की मांग कर रहा है, क्या करें?


विनय सिंह : प्लॉट का अलॉटमेंट रद्द होने के बाद एनहांसमेंट फीस भरने का सवाल ही नहीं है। आप हुडा ऑफिस में एनहांसमेंट फीस के बारे में पता करें। हो सकता है कि पैसों की मांग गलती से की गई हो।


सवाल :1000 रुपये प्रति वर्गफुट का प्लॉट स्कीम के तहत खरीदा है। किस्तों में पैसे भरे, सभी रसीदें मेरे पास हैं, लेकिन प्लॉट मेरे नाम पर रजिस्ट्रेशन करने के लिए बिल्डर तैयार नहीं है, ना ही रिफंड दे रहा है। एग्रीमेंट भी नहीं बना है, क्या करें?


विनय सिंह : आप बिल्डर को नोटिस देकर रजिस्ट्रेशन की मांग करें और अगर बिल्डर टालमटोल करे तो आप रसीदों के आधार पर कंज्यूमर कोर्ट में केस दर्ज कर सकते हैं।

वीडियो देखें