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खर्च करने की आदत को कैसे काबू करें

प्रकाशित Sat, जनवरी 19, 2013 पर 14:23  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

पिछले कुछ सालों में लोगों की आमदनी बढ़ी है। ऊंची आमदनी से लोगों की जीवनशैली और खर्च करने की आदत में भी बदलाव आया है। खर्च करने की बढ़ती आदत के चलते रुपये बचाने और निवेश करने की आदत में कमी आ रही है।


एडवर्टाइजिंग और मार्केटिंग में भारी बदलाव आया है और ये नए आयामों को छू रही हैं। हरेक ब्रैंड दावा करता है कि वो बाजार में सर्वश्रेष्ठ है। ऐसी हालत में अपने खर्च करने की इच्छा पर नियंत्रण रखना बहुत जरूरी हो जाता है। अनाप शनाप खर्च करने की आदत काफी नुक्सानदायक हो सकती है। छोटी और लंबी दोनों ही अवधि में ये आदत आपके लिए हानिकारक साबित हो सकती है।


यहां आपके खर्च करने की इच्छा को काबू करने के कुछ सुझाव दिए गए हैं:
 
बजट बनाएं और उसके मुताबिक निवेश करें:
हालांकि आपको ये नापसंद हो सकता है लेकिन बजट बनाना आपकी सटीकफाइनेंशियल प्लानिंग के लिए काफी अहम है। बजट के जरिए खर्चों पर नजर रख सकते हैं, आप फालतू खर्च से बच सकते हैं, और ज्यादा पैसा बचा सकते हैं। एक सही बजट आपको अपनी खर्चों की प्राथमिकताएं तय करने और फालतू खर्चों से बचने में मदद करता है। एक सूची बनाएं जिसमें आपके महत्वपूर्ण खर्चे जैसे खाने-पीने की वस्तुएं, ग्रॉसरी, जरूरी सामान और ट्रांसपोर्ट के खर्चे शामिल हों, साथ ही इसमें कम महत्वपूर्ण खर्चे जैसे मनोरंजन, बाहर खाना पीना आदि भी शामिल हों। बजट आपके खर्च नियंत्रित करने का पहला कदम है। जब आपके खर्चों पर आपकी नजर नहीं होती तो आप जरूरत से ज्यादा खर्च कर जाते हैं।  


उत्साह में खरीदारी से बचें: इसके तहत वो खर्चे आते हैं जो आप आवेग में आकर खर्च कर जाते हैं और जो योजना के अंतर्गत नहीं होते हैं। इससे आपके मासिक निवेश में कटौती हो जाती है। इस तरह के खर्च आपके बजट से बाहर होते हैं और वित्तीय लक्ष्य की राह में रोड़ा होते हैं। अपने आपको इस तरह खर्च करने की भावनाओं से बचाने की कोशिश करें और खुद को काबू में रखें।


ऑनलाइन शॉपिंग ई-मेल से खुद को बचाएं: कई बार हम ऐसे मेल स्ब्सक्राइब करते हैं जो ऑनलाइन सौदे और ऑफरों के बारे में जानकारी देते हैं। कई बार हम इनकी मेलर लिस्ट में अपनी जानकारी के बिना ही शामिल हो जाते हैं। ये मेल आपको ऑनलाइन शॉपिंग डील के बारे में जानकारी देने का लाभ देती हैं। आपको इस तरह की मेल में तभी सब्सक्राइब करना चाहिए अगर आप अपनी खरीदारी की आदत को काबू में करना जानते हों। कई बार लोग ऑनलाइन शॉपिंग डील के जरिए सिर्फ इसलिए खरीदारी कर लेते हैं कि वो चीजें ऑफर के तहत सस्ती मिल रही हैं। उनकी इसकी जरूरत भी नहीं होती है। सिर्फ इसलिए कि वस्तुएं सेल में मिल रही हैं, आपको उन्हें खरीदना नहीं चाहिए। अगर आपको लगता है कि इस तरह की जानकारी आपको फालतू खर्च करने के लिए उकसाती है तो आपको ऐसे मेल से अनसब्स्क्राइब कर लेना चाहिए।


क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल समझदारी के साथ करें: अगर आप सावधानी के साथ क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल नहीं करते तो ये आपको कर्ज के चंगुल में फंसाने का सबसे खतरनाक माध्यम है। कार्ड इस्तेमाल करने से पहले इसके नियम और शर्तों को अच्छी तरह से पढ़ लें। देर से क्रेडिट कार्ड के बिल का भुगतान करने पर आपको भारी पेनल्टी लग सकती है और इससे आपको कैश बैलेंस आपकी सोच की तुलना में काफी तेजी से कम हो सकता है। तय तारीख से पहले क्रेडिट कार्ड के बिल का भुगतान करें क्योंकि तय तारीख के बाद बिल पर ब्याज लगना शुरु हो जाता है। आजकल क्रेडिट कार्ड के बड़े बिल को इकेव्टेड, मंथली रूट( ईएमआई) रूट से चुकाने की भी सुविधा मिल जाती है। इससे बचें क्योंकि इस ईएमआई पर भी ब्याज लगता है। अगर आप ईएमआई समय पर चुकाने में असमर्थ होते हैं तो इससे आप पर कर्ज बढ़ सकता है और ब्याज का बोझ भी बढ़ सकता है। क्रेडिट कार्ड पर पैसा उठाना भी महंगा होता है और इससे बचना चाहिए।
 
जब आप असमंजस में हों तो सोचें: अगर आप किसी मॉल में शॉपिंग कर रहे हैं और आप किसी ऐसा चीज को देखते हैं जो काफी आकर्षक हैं लेकिन काफी महंगी भी है और आपको इसकी जरूरत नहीं है तो कुछ समय सोचें कि आप इसे खरीदना चाहते हैं या नहीं। दुकान से बाहर निकल जाएं और सोचें कि क्या कुछ समय तक आपका काम उस चीज के बिना चल सकता है या नहीं। अगर जवाब हां है तो इसे खरीदने के लिए सही समय का इंतजार करें।


सिर्फ बोरियत से बचने के लिए शॉपिंग ना करें: अक्सर ऐसा देखा जाता है कि लोग सिर्फ इसलिए ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट सर्च करने लगते हैं क्योंकि वो बोर हो रहे हैं और उनके पास करने को कुछ और नहीं है। इससे आपकी जेब पर अनावश्यक बोझ पड़ सकता है। लगातार शॉपिंग वेबसाइट पर जाने से आपका खर्च बेतहाशा बढ़ सकता है। इससे बचने के लिए अपने आप को व्यस्त रखें।


दुकानों पर बिना जरूरत के ना जाएं: विंडो शॉपिंग तक तो ठीक है लेकिन अगर आपकी विंडो शॉपिंग वास्तविक शॉपिंग में बदल जाती है तो ये ठीक नहीं है। सिर्फ समय काटने के लिए दुकानों और मॉल्स में ना जाएं। जानकार सुझाव देते हैं कि ऐसे में बाहर जाते समय आप अपने क्रेडिट कार्ड को बाहर ना ले जाएं, इससे आप अनाप शनाप खर्च को रोक पाएंगे।


बच्चों के साथ सख्त रहें: हालांकि अपने बच्चों की जरूरतों का ख्यल रखना अच्छी बात है लेकिन उन्हें अपने मासिक बजट में दखलंदाजी ना करने दें। बच्चे फालतू खर्च करने के पीछे बहुत बड़ी वजह होते हैं। उन्हें सिखाएं कि अपने खिलौनों को ध्यान से रखें और इनको संभालें।


अगर सही जांच ना की जाए तो फालतू खर्च करना एक आदत बन जाता है। अपने खर्चों को नियंत्रित करने के लिए आप चुनें कि आपको किन चीजों की जरूरत है और किन चीजों की चाहत है। इसमें अंतर रखें और अपने बजट के मुताबिक अच्छी तरह खर्च करें।


ये लेख बैंक बाजार डॉटकॉम से साभार लिया गया है।


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