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प्रॉपर्टी से जुड़ी कानूनी दिक्कतें

प्रकाशित Sat, फ़रवरी 02, 2013 पर 12:34  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

जानिए प्रॉपर्टी निवेश से जुड़ी कानूनी दिक्कतों पर लीगल एक्सपर्ट उदय वावीकर की सलाह -


सवाल : नवी मुंबई में 56 लाख रुपये का फ्लैट लिया है। रेडी रेकनर रेट बढ़ने के बाद स्टैम्प ड्यूटी कैसे गिनी जाएगी? रेडी रेकनर के हिसाब से फ्लैट वैल्यू ज्यादा हुई तो वॅट और सर्विस टैक्स कौन सी वैल्यू से लिया जाएगा?


उदय वावीकर : रेडी रेकनर रेट के हिसाब से मार्केट वैल्यू पर स्टैम्प ड्यूटी गिनी जाती है। एग्रीमेंट वैल्यू का 1 फीसदी वॅट होगा। वहीं सर्विस टैक्स हर किस्त पर 3.9 फीसदी देना होगा। स्टैम्प ड्यूटी का वैल्यूएशन उस लोकेशन के स्टैम्प ड्यूटी अधिकारी ही तय करेंगे।


सवाल : रोहिणी सेक्टर 8 में हम 22-25 साल से रह रहे हैं। प्रॉपर्टी फ्रीहोल्ड नहीं हो रही है। अब डीडीए ने लीज रद्द करने का नोटिस दिया है, क्या करें?


उदय वावीकर : आप लीज एग्रीमेंट चेक करें और रिन्युअल की शर्तें भी जांच लें। आप किसी अच्छे वकील की सलाह लें और हाईकोर्ट में केस दर्ज करें। लीज अक्सर 50 साल से ज्यादा की बनती है।


सवाल : मैंने अपनी जमीन शुगर फैक्ट्री को लीज पर दी थी। अब फैक्ट्री बंद हो गई है। लेकिन फैक्ट्री मालिक अपना सेटअप वैसे ही छोड़कर गया है। जमीन खाली करने के लिए क्या करें?


उदय वावीकर : किराए और लीज में फर्क होता है। प्रॉपर्टी किराए पर देने से मालिक का ही हक बना रहता है और लीज पर दी प्रॉपर्टी पर लेने वाले का हक तय समय तक होता है। अगर लीज एग्रीमेंट खत्म हुआ है तो आप सिटी सिविल कोर्ट में केस दर्ज कर सकते हैं। लीज एग्रीमेंट खत्म होने के बाद ही आपको जमीन वापस मिल सकेगी।


सवाल : मीरा रोड में अंडर कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट में फ्लैट बुक किया है और 30 फीसदी पैसे भरे हैं। बाकी पैसे लोन से चुकाने हैं। लेकिन बिल्डर से कमेंसमेंट सर्टिफिकेट अब तक नहीं मिला है। इसलिए बैंक लोन नहीं दे रहा है। वहीं बिल्डर हर स्लैब के लिए पैसों की मांग कर रहा है। पैसे वक्त पर ना मिलने पर बिल्डर 24 फीसदी चार्ज करेगा। क्या मुझे ये पैसे भरने पड़ेंगे?


उदय वावीकर : कमेंसमेंट सर्टिफिकेट नहीं होने के कारण बैंक लोन नहीं दे रहा है तो आप बिल्डर के खिलाफ कंज्यूमर कोर्ट में केस कर सकते है और बिल्डर से ब्याज की रकम वसूल सकते हैं। बिल्डर से जल्द से जल्द आप सीसी, ओसी और कमेंसमेंट सर्टिफिकेट भी मांगें।


सवाल : मैसाना हाइवे पर रिहायशी प्लॉट है। इसे कमर्शियल प्रॉपर्टी में बदलकर शॉपिंग कॉम्लेक्स बनाना है। क्या करना होगा?


उदय वावीकर : आप अहमदाबाद नगर निगम के आर्किटेक्ट की सलाह लें और नगर निगम में रिहायशी प्लॉट को कमर्शियल में बदलवाने की अर्जी करें। आप नगर निगम की मंजूरी लेकर प्लॉट का कमर्शियल इस्तेमाल कर सकते हैं। नगर निगम के पास कमर्शियल प्रॉपर्टी का कोटा होगा तो मंजूरी मिलना आसान होगा। आपको टाउन प्लानिंग अथॉरिटी की मंजूरी लेना भी जरूरी होगा।


सवाल : ड्रीम्स मॉल में 1100 दुकानें है, बिल्डर हमारी सोसाइटी बनाने के लिए तैयार नहीं है। सोसाइटी रजिस्ट्रेशन के लिए 15000 रुपये भी भरें है। वकील के जरिए नोटिस भी भेजा है। लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा, आगे क्या करें?


उदय वावीकर : दुकानदार सेल्फ एप्लॉइड हैं तो आप कंज्यूमर कोर्ट में बिल्डर के खिलाफ शिकयत कर सकते हैं। कोर्ट से बिल्डर को सोसाइटी रजिस्ट्रेशन का आदेश मिल सकता है।


सवाल : बिल्डर पार्किंग के लिए 1.5 लाख रुपये मांग रहा था। पार्किंग बेचना और खरीदना गैर कानूनी है इसलिए मैंने पैसे नहीं भरें लेकिन अब मुझे पार्किंग नहीं मिल रही है, क्या करें?


उदय वावीकर : सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पार्किंग बेचना गैर कानूनी है। आप कंज्यूमर कोर्ट में शिकायत करें और कोर्ट से अंतरिम आदेश लें।


सवाल : 2011 से किराए के घर में रह रहा हूं। मकान मालिक फ्लैट बेचना चाहता है जो हम खरीदने के लिए तैयार हैं लेकिन सरकार की 10 फीसदी कोटा स्कीम से खरीदे हुए इस फ्लैट को मालिक 5 साल तक बेच नहीं सकता है। ये डील कैसे करें?


उदय वावीकर : कलेक्टर के लिए 10 कोटा स्कीम के तहत सरकर ने फ्लैट दिए हैं। सरकार ने 5 साल तक फ्लैट नहीं बेच सकने की शर्त हटा दी है। अब आपको फ्लैट खरीदने में कोई दिक्कत नहीं होगी। लेकिन इस पर आपको प्रीमियम भरना पड़ेगा और प्रॉपर्टी बेचते समय महाराष्ट्र सरकार के नियम मानने होंगे।

जैसे लो इनकम ग्रुप का होना जरूरी है और फ्लैट 1000 रुपये प्रति वर्गफूट से कम हो तो ट्रांसफर आसानी से होगा। पहले आप कलेक्टर ऑफिस से फ्लैट ट्रांसफर की सारी शर्ते जान लें।


सवाल : ब्रॉशर्स और एग्रीमेंट में बिल्डिंग में आने-जाने के लिए 2 रास्ते बनाने का प्रस्ताव था लेकिन एक ही रास्ता बनाया है और दूसरे रास्ते की जगह बगल में बने होटल को बेच दी। क्या 6 साल बाद अब इस पर कोई कर्रवाई कर सकते हैं?


उदय वावीकर : बिल्डर पर कार्रवाई करने का समय गुजर चुका है। कंप्लीशन सर्टिफिकेट मिलने के बाद आप सिटी सिविल कोर्ट में 3 साल और कंज्यूमर कोर्ट में 2 साल के भीतर शिकायत कर सकते हैं। आप कोर्ट में कंडोनेशन ऑफ डिले की अर्जी देकर कार्रवाई करने की कोशिश करें। 


सवाल : 2001 में औरंगाबाद में फ्लैट लिया था जो अब बेचना है लेकिन कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं दिया है। इसलिए सिडको में फ्लैट की रजिस्ट्री मेरे नाम पर नहीं हुई है, क्या करें?


उदय वावीकर : आप कंप्लीशन सर्टिफिकेट के लिए कंज्यूमर कोर्ट में अर्जी दें। कंप्लीशन सर्टिफिकेट के बगैर भी आप फ्लैट बेच सकते हैं। लेकिन सीसी के बगैर पजेशन नहीं लेना चाहिए। पजेशन ले चुके हैं तो फ्लैट बेचने में कोई दिक्कत नहीं होगी।


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पोस्ट करनेवाले: MMB Messengerपर: 15:50, दिसम्बर 17, 2014

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