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टैक्स गुरू: जाने टैक्स बचत के आसान तरीके

प्रकाशित Sat, फ़रवरी 02, 2013 पर 13:44  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

जानिए टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया जी से टैक्स से जुड़े सभी सवालों के जवाब और टैक्स बचत के आसान तरीके।


सवाल : सेक्शन 80 सी के तहत कौन-से प्लान में निवेश करके टैक्स छूट का फायदा उठाए? 


सुभाष लखोटिया : कर्जदाता अपने पत्नी-बच्चों के नाम पर निवेश करके टैक्स छूट का फायदा ले सकते हैं। कर्जदाता 80 सी के तहत पीपीएफ, इंश्योरेंस, बच्चों की ट्यूशन फीस पेमेंट में निवेश करके टैक्स छूट पा सकते हैं।  


सवाल : मेरा बेटा बैंगलोर के मल्टीनैशनल कंपनी में काम करता है और उनके कंपनी के शेयर न्यूयॉर्क स्टॉक्स एक्सचेंज में लिस्टेड हैं। कंपनी के नियम के अनुसार वो अपने वेतन का 25 फीसदी शेयर में निवेश करता है जिसपर 15 फीसदी कंपनी सब्सिडियरी देती है। शेयर बेचने पर उसको लॉंन्ग टर्म कैपिटल गेन हो रहा है। उसपर टैक्स लगेगा या नहीं लगेगा?       


सुभाष लखोटिया : शेयर में कंपनी का हिस्सा भत्ता माना जाएगा, जिस पर टैक्स लगेगा। 1 साल से ज्यादा समय के बाद लिस्टेड कंपनी के शेयर बेचने पर टैक्स नहीं लगता और यह नियम सिर्फ भारत में लिस्टेड कंपनियो हैं। लेकिन विदेश में लिस्टेड कंपनियों के शेयर बेचने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स लगता है।     

सवाल :
आईटी विभाग से वित्त वर्ष 2009 और वित्त वर्ष 2010 के लिए टैक्स जमा करने का नोटिस मिला है। अब क्या करें?


सुभाष लखोटिया : आप कॉलेज से मिले टीडीएस सर्टिफिकेट के साथ असेसिंग अधिकारी को पत्र लिखे और इस बारे में जानकारी दें। अगर टीडीएस नहीं मिले तो आईटी ओम्बुड्स्मैन से संपर्क करें। 


सवाल : बेटी के नाम से पीपीएफ अकाउंट खोलना है। क्या इसके लिए पॅन कार्ड होना जरूरी है?


सुभाष लखोटिया : आप पॅन कार्ड के बैगेर भी पीपीएफ अकाउंट खोल सकते हैं। लेकिन बेहतर होगा कि अगर आप पॅन नंबर ले लें। 


सवाल : टैक्स ऑडिट कब जरूरी है?


सुभाष लखोटिया : 1 करोड़ रुपये से ज्यादा टर्नओवर होने पर टैक्स ऑडिट जरूरी है। लेकिन अगर 1 करोड़ से कम टर्नओवर होता है तो सेक्शन 44एडी के तहत ऑडिट की जरूरत ही नहीं होती है। सभी बिजनेस का टर्नओवर मिलाकर अगर 1 करोड़ रुपये से ज्यादा होता है तो ऑडिट होगा।   


सवाल : वीआरएस रकम पर टैक्स की देनदारी कैसे बनती है? अगर देनदारी बनती है तो कैसे छूट पा सकते हैं? 


सुभाष लखोटिया : वीआरएस की 5 लाख रुपये तक की रकम पर टैक्स नहीं लगता। लेकिन 5 लाख रुपये से ऊपर की वीआरएस की रकम पर टैक्स का भुगतान करना पड़ता है। आप पता करें की इसमें पीएफ की कितनी रकम है। आप की मां को पीएफ की रकम पर टैक्स छूट मिलेगा। आप मां के नाम से प्रॉपर्टी खरीद सकती है या मां के लिए सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम में निवेश कर सकते हैं।     


सवाल : इनकम टैक्स के लिहाज से पोस्ट ऑफिस या बैंक के पासबुक को कितने समय तक रखना चाहिए?


सुभाष लखोटिया : इनकम टैक्स के लिहाज से पोस्ट ऑफिस या बैंक के पासबुक को 6 साल तक संभालकर रखने चाहिए।  


सवाल : बहन के बैंक से अकाउंट से उनकी मृत्यू के बाद नॉमिनी के तौर पर पैसे मिले हैं क्या उसपर टैक्स लगेगा? 


सुभाष लखोटिया : बहन की मुत्यू के बाद भाई को मिले पैसों पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।


सवाल : 2006 में पहले मकान के लिए पीएफ से पैसे निकाले थी। क्या दूसरे घर के लिए फिर पीएफ से पैसे निकाल सकते है?   


सुभाष लखोटिया : पीएफ से पैसे निकालने के लिए आपको इसके के इस्तेमाल का कारण बताना जरूरी होगा। पीएफ खाते से पैसे निकालने से पहले आप अपने अधिकारों का पता करें।


सवाल : पिता से विरासत में खेती की जमिन मिली है। इसे बेचने पर कितना कैपिटल गेन बनेगा?     


सुभाष लखोटिया : पिता से विरासत में मिली खेती की जमिन बेचने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन कहलाएं। पिता ने सालों से पहले खरीदी जमिन है। इसलिए सेक्शन 49 के तहत जमीन की तारीख पिता की खरीद की तारीख ही मानी जाएगी।  


सवाल : टेलीफोन रीइंबर्समेंट नहीं लिया। क्या रिटर्न भरते समय इसे लेकर टैक्स बचा सकते हैं?      


सुभाष लखोटिया : आप फोन रीइंबर्समेंट के लिए कंपनी को डेक्लेरेशन दें। इससे आपको रीइंबर्समेंट पर टैक्स छूट मिलेगी। कंपनी मौजूदा साल की सैलरी में भी रीइंबर्समेंट एडजस्ट कर देगी।  


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