महिंद्रा एंड महिंद्रा के मुनाफे में 26.2% की बढ़ोतरी
वित्त वर्ष 2013 की तीसरी तिमाही में महिंद्रा एंड महिंद्रा का मुनाफा 26.2 फीसदी बढ़कर 836 करोड़ रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2012 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में महिंद्रा एंड महिंद्रा का मुनाफा 662.15 करोड़ रुपये रहा था।
वित्त वर्ष 2013 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में महिंद्रा एंड महिंद्रा का राजस्व 28.5 फीसदी बढ़कर 10,774 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। वित्त वर्ष 2012 की तीसरी तिमाही में महिंद्रा एंड महिंद्रा का राजस्व 8,386.8 करोड़ रुपये रहा था।
साल दर साल आधार पर तीसरी तिमाही में महिंद्रा एंड महिंद्रा का एबिटडा 1,020 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,211 करोड़ रुपये रहा। सालाना आधार पर तीसरी तिमाही में महिंद्रा एंड महिंद्रा का एबिटडा मार्जिन 12.1 फीसदी से घटकर 11.2 फीसदी रहा।
महिंद्रा एंड महिंद्रा के ऑटोमोटिव डिवीजन के प्रेसिडेंट पवन गोयनका का कहना है कि सुस्ती के दौर में भी प्रॉफिट मार्जिन बरकरार रहा है। ट्रैक्टर की बिक्री में आई गिरावट के बावजूद तीसरी तिमाही में मुनाफे पर असर नहीं हुआ है। यूटिलिटी व्हीकल और पिक-अप सेगमेंट का प्रदर्शन अच्छा रहा। महिंद्रा एंड महिंद्रा की कुल बाजार हिस्सेदारी 12.4 फीसदी से बढ़कर 13.7 फीसदी हो गई है।
पवन गोयनका के मुताबिक बांग्लादेश, भूटान और श्रीलंका जैसे अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मंदी का माहौल नजर आ रहा है। तीसरी तिमाही में क्वांटो की 12,000 यूनिटें बेची गई हैं और इस गाड़ी की मांग बनी हुई है। मंदी के दौर होने के चलते महिंद्रा एंड महिंद्रा के ट्रैक्टर सेगमेंट की बाजार हिस्सेदारी घटकर 41.5 फीसदी हो गई है। ट्रक इंडस्ट्री के लिए मंदी का दौर अब भी कायम है।
पवन गोयनका ने बताया कि ज्वाइंट वेंचर में नेविस्टार की हिस्सेदारी खरीदने के लिए अंतिम मंजूरी भी मिल गई है। तीसरी तिमाही में सैंगयोंग की बाजार हिस्सेदारी में अच्छी बढ़त देखने को मिली है। साल 2013 में 1,49,000 सैंगयोंग गाड़ियां बेचने का लक्ष्य है।
Market Statistician
पर: 18:24, जून 19, 2013Price when posted : [Presha Metall - BSE:Rs. 50.25 ],
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