ट्रैफिक एक्सीडेंट पॉलिसी से जुड़ी अहम जानकारियां
अगर आप काम करने के लिए रोड और ट्रेन से लंबी यात्रा नहीं करते तो आप सचमुच भाग्यशाली हैं। इससे आप रेल और बसों की भीडभाड से ही नहीं बचते बल्कि दुर्घटना होने की संभावनाओं से भी बच जाते हैं। लेकिन हममें से कितने कम लोग ही इस तरह की यात्राओं से बच पाते हैं।
सफर करने के दौरान दुर्घटना होने का खतरा बहुत बढ़ जाता है। जो लोग काम के सिलसिले में रोज लंबी यात्राएं करते हैं उनके लिए तो ये खतरा और भी बढ़ जाता है। इस तरह के खतरों से बचने के लिए नेशनल इंश्योरेसं कंपनी ने एक नया और प्रभावी इंश्योरेंस प्रेडेक्ट लॉन्च किया है- ट्रैफिक एक्सीडेंट पॉलिसी।
हालांकि इस पॉलिसी का नाम ट्रैफिक एक्सीडेंट पॉलिसी है लेकिन ये पर्सनल एक्सीडेट इंश्योरेंस और हैल्थ पॉलिसी का मिलाजुला रुप है। इसमें विकलांगता, मृत्यु और ट्रैफिक एक्सीडेंट से होने वाले हॉस्पिटलाइजेशन को कवर किया जाता है।
ये इंश्य़ोरेंस पॉलिसी खास तौर पर उन लोगों के लिए लाभकारी है जो अपने दिन का ज्यादातर समय सड़क पर बिताते हैं और आमतौर पर मेडिक्लेम और महंगे इलाज का खर्च नहीं उठा सकते हैं जैसे सेल्स और मार्केंटिंग अधिकारी, कोरियर ब्वॉय, ऑफिस ब्वॉय और ड्राइवर आदि। हालांकि इन लोगों को एक्सीडेंट होने का खतरा उन लोगों से कहीं ज्यादा होता है जो सारा दिन ऑफस में बैठकर काम करते हैं।
एलिजिबिलटी और प्रीमियम
5 साल से 70 साल तक की उम्र के लोग ये इंश्योरेंस पॉलिसी खरीद सकते हैं। इसके तहत 1 लाख रुपये तक के इंश्योरेंस के लिए सिर्फ 150 रुपये प्रीमियम लिया जाता है जिसमें सर्विस टैक्स शामिल है। ये ध्यान रखें कि इसमें इंश्योरेंस कवर केवल 1 लाख रुपये तक का ही मिल सकता है।
एक्सीडेंट इंश्योंरेस बेनेफिट
इस पॉलिसी के तहत मिलने वाले लाभ दो भागों में बांटे जा सकते हैं। पहले भाग में जो बेनेफिट मिलते हैं वो पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस के तहत आते हैं। इसके अंतर्गत अगर एक्सीडेंट की वजह से इश्योर्ड व्यक्ति की मौत हो जाती है तो इंश्योरेंस पॉलिसी 1 लाख रुपये देती है। इसके अलावा अगर इंश्योर्ड व्यक्ति दुर्घटना में अपने दो अंग या दोनों आंखें खो देता है या एक आँख और एक अंग खो देता है तो भी इंश्योरेंस कंपनी 1 लाख रुपये देती है। अगर एक अंग या एक आंख खो देता है तो पॉलिसी के तहत 50,000 रुपये दिए जाते हैं। ये पॉलिसी पूरी तरह शारिरिक अपंगता को भी कवर करती है। इस तरह के केस में भी इंश्योरेंस पॉलिसी 1 लाख रुपये देती है। एक बात ध्यान रखने वाली है कि इस पॉलिसी का नाम ट्रेफिक एक्सीडेंट पॉलिसी है लेकिन ये सिर्फ ट्रैफिक के दौरान हुए एक्सीडेंट को ही नहीं कवर करती बल्कि सभी तरह के एक्सीडेंट को कवर करती है।
हॉस्पिटलाइजेशन के बेनेफिट
इस पॉलिसी का दूसरा भाग इस इंश्योरेंस की जान है और सभी के लिए इस इंश्योरेंस पॉलिसी को खरीदने का कारण बन सकता है। इसके तहत जिसका इंश्योरेंस हुआ है वो रेल या सड़क एक्सीडेंट के बाद हुई शारिरिक चोटों के इलाज के मेडिकल खर्च का रीइंबर्समेंट ले सकता है। इसके तहत किसी भी अस्पताल या नर्सिंग होम में हुए इलाज या सर्जरी के खर्चों का रीइंबर्समेंट दिलाती है।
ओपीडी और एंबुलेंस के लिए हुए खर्चे का रीइंबर्समेंट
इस पॉलिसी का दूसरा फायदा उन रीइंबर्समेंट में आता है जो अस्पताल में बिना भर्ती के खर्चों के लिए होता है। उदाहरण के लिए किसी अस्पताल में ओपीडी के दौरान किए गए खर्चे का भुगतान। आमतौर पर कोई अन्य हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी ओपीडी के दौरान हुए खर्चों को कवर नहीं करती है। ओपीडी के खर्चे के लिए इस पॉलिसी में अधिकतम 10,000 रुपये की सीमा निर्धारित है जो 1 लाख रुपये के अंतर्गत आती है।
अगर किसी मामले में रोगी अस्पताल में भर्ती नहीं सकता है तो इस पॉलिसी के तहत अस्पताल के अन्य खर्चे भी कवर किए जाते हैं।
पॉलिसी के अन्य फायदे
इस पॉलिसी में बीमा कराने वाला व्यक्ति एक नॉमिनी असाइन कर सकता है। अगर बीमाधारक की एक्सीडेंट में मृत्यु हो जाती है तो नॉमिनी इस पॉलिसी के फाय़दे ले सकता है।
ये एक एक्सीडेंट इंश्योरेंस पॉलिसी है इसलिए इसकी प्रक्रिया और फॉर्म भरना काफी सरल है। जो व्यक्ति इस इंश्योरेंस को खरीदना चाहते हैं उन्हें केवल अपना नाम, पता, जन्म तिथि और सालाना आय बतानी होती है। अगर कोई व्यक्ति पहले से किसी अपंगता का शिकार हो तो इसे फॉर्म में इसकी जानकारी देनी होती है। इस पॉलिसी में मेडिकल कराने की जरूरत नहीं होती है क्योंकि इसमें सिर्फ एक्सीडेंट के बाद हुए हॉस्पिटलाइजेशन के खर्चे कवर किये जाते हैं।
इस पॉलिसी के फायदों को देखते हुए इस पॉलिसी का खर्च जो 150 रुपये है काफी कम कहा जा सकता है। कम आय वाले व्यक्ति भी इस पॉलिसी को ले सकते हैं। इसके तहत शारिरिक अपंगता के लिए खर्च मिलता है और रेल या सड़क हादसे के बाद हुए हॉस्पिटलाइजेशन का खर्च भी मिलता है।
नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के ऑफर्स के बारे में जानकारी के लिए आप निम्नलिखित लिंक पर जानकारी ले सकते हैं।
http://www.nationalinsuranceindia.com/nicWeb/nic/CShowOffice
अगर इंश्योरेंस कंपनी के ऑफिस का व्यक्ति इस पॉलिसी के बारे में जानता नहीं है तो आप इंश्योरेंस कंपनी के इस लिंक का उपयोग कर सकते हैं जहां पॉलिसी लिस्टेड है।
http://www.nationalinsuranceindia.com/nicWeb/nic/PolicyServlet?id=9999&name=4820.html
तो इस जानकारी को फैलाइये, अपने परिवार वालों और दोस्तों को नाममात्र के खर्च के बाद इस पॉलिसी को लेने के लिए कहिए और इसके जरिए मानसिक शांति का अनुभव कीजिए।
ये लेख अपना पैसा डॉटकॉम के सीएफओ बलवंत जैन ने लिखा है। अपना पैसा डॉट कॉम ऑनलाइन लोन और इंवेस्टमेंट से जुड़ी जानकारी के लिए अहम पोर्टल है। आप लेखक से www.facebook.com/apnapaisa. पर संपर्क कर सकते हैं।
sab220513
पर: 12:24, मई 22, 2013Insurance Help
How much do you know your insurance BONUS? Your insurance policy is just not for saving tax. The bonus that accrue...
Guest
पर: 15:34, मई 21, 2013बीमा
kuch bhi nahi milenga...
