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प्रॉपर्टी निवेश में कैसे बचें धोखाधड़ी से

प्रकाशित Fri, फ़रवरी 22, 2013 पर 17:18  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

प्रॉपर्टी निवेश में कौन-सी बातों का रखें ख्याल और कैसे बचें बिल्डर की धोखाधड़ी से जानिए पार्कलेन प्रॉपर्टी एडवाइजर के फाउंडर अक्षय कुमार और लीगल एक्सपर्ट हेमांग जरीवाला की कानूनी सलाह -


सवाल : 300 वर्गफुट की कमर्शियल प्रॉपर्टी 6510 रुपये के भाव से नोएडा एक्सप्रेसवे पर ली है, क्या इस निवेश से अच्छे रिटर्न कमा सकते हैं?


अक्षय कुमार : कमर्शियल प्रॉपर्टी निवेश में रिटर्न अच्छे होते है लेकिन रिस्क भी उतनी ही होती है। छोटे निवेशकों के लिए रिहायशी प्रॉपर्टी में ही निवेश करना फायदेमंद होगा।


कमर्शियल प्रॉपर्टी किराए पर देने से ज्यादा रिटर्न मिल सकता है लेकिन रिस्क भी होती है। कमर्शियल प्रॉपर्टी की सप्लाई ज्यादा होने के कारण मार्केट में मंदी है। प्रॉपर्टी के मालिक को किराया ना मिलने से नुकसान होने की संभावना होती है। आपने अच्छे डेवलपर और सही दाम पर निवेश किया है, इसलिए पजेशन तक इंतजार करें।


सवाल : बंगलुरू, व्हाइटफील्ड के मेरा होम प्रोजेक्ट में 56 लाख रुपये में 2बीएचके लिया है। एमआरकेआर डेवलपर का पहला प्रोजेक्ट है, क्या ये निवेश सही है?


अक्षय कुमार : प्रॉपर्टी में निवेश करते समय बजट और लोकेशन का सही चुनाव करना चाहिए। तय बजट में अच्छे डेवलपर को चुनना भी जरूरी है। व्हाइटफील्ड बंगलुरू का उभरता इलाका है और यहां निवेश फायदेमंद हो सकता है। इस बजट में आपके लिए और अच्छे प्रोजेक्ट में निवेश करना मुमकिन है।


सवाल : विमाननगर, पुणे में रोहन बिल्डर के प्रोजक्ट में 5800 रुपये वर्गफुट से फ्लैट बुक करने जा रहा हूं। इस इलाके में निवेश फायदेमंद होगा?


अक्षय कुमार : विमाननगर निवेश के लिए बढ़िया इलाका है। यहां लंबी अवधि के निवेश से काफी अच्छे रिटर्न मिल सकते हैं। रोहन बिल्डर की साख अच्छी है, लेकिन इस इलाके में फ्लैट की छत की ऊंचाई थोड़ी कम है। आमतौर पर छत की ऊंचाई करीब 10 फीट होनी चाहिए।


सवाल : नोएडा में 4 बीएचके लेना है। सेक्टर 74 में सुपरटेक के ओआरबी होम्स या सेक्टर 121 में एआरबी के क्लियो काउंटी- किस प्रोजेक्ट में निवेश करें?


अक्षय कुमार : सुपरटेक का ओआरबी होम्स और एआरबी का क्लियो काउंटी- दोनों प्रोजेक्ट अच्छे हैं। क्लियो काउंटी में निवेश करना बेहतर होगा। यहां आप निवेश लंबी अवधि के लिए बनाए रखें।


सवाल : नोएडा एक्सटेंशन में फ्लैट बुक किया है। डेवलपर ने एग्रीमेंट में एस्केलेशन की शर्त डाली है, जो बुकिंग के वक्त नहीं बताई गई थी। डेवलपर ये शर्त हटाने के लिए तैयार नहीं है, साथ ही सुपर बिल्टअप एरिया भी बढ़ा दिया है जिसके लिए ज्यादा पैसे भरने होंगे, क्या करें?


हेमांग जरीवाला : आप अलॉटमेंट लेटर की शर्तें और एग्रीमेंट की शर्तें जांच लें। दोनों में काफी अंतर हो तो बिल्डर को लीगल नोटिस भेजें। नोटिस में बढ़ाई हुई शर्ते मंजूर नहीं, ये दर्ज करें और कंज्यूमर कोर्ट में केस दायर करें। बिल्डर फ्लैट किसी और को बेच ना पाए, इसलिए कोर्ट से इंजक्शन ऑर्डर लें और एस्केलेशन और सुपर बिल्टअप एरिया की शर्तें रद्द करने की मांग करें।


सवाल : ओरिजनल एग्रीमेंट गुम हो गया है, डुप्लिकेट कॉपी बनवाने के लिए क्या करें?


हेमांग जरीवाला : एग्रीमेंट जहां रजिस्टर किया था वहां डुप्लिकेट एग्रीमेंट कॉपी के लिए अर्जी दें। एग्रीमेंट की डुप्लिकेट कॉपी सर्टिफाइड होनी जरूरी है। अर्जी देने के बाद आपको 15 दिनों में डुप्लिकेट कॉपी मिलेगी।


सवाल : रिसेल प्रॉपर्टी खरीदनी है। जो महिला ये प्रॉपर्टी बेच रही है, प्रॉपर्टी कार्ड पर उसके पिता का नाम है,जो गुजर चुके हैं। उस महिला ने एमओयू बनाकर 2 साल पहले किसी और को प्रॉपर्टी बेची थी जिनसे 25 फीसदी रकम ली थी लेकिन वो डील पूरी नहीं हुई। अब वो पार्टी महिला पर घर खाली करने के लिए दबाव डाल रही है, ऐसे में हम क्या कर सकते हैं?


हेमांग जरीवाला : घर मालिक पार्ट पेमेंट ले चुका है इसलिए प्रॉपर्टी खरीदने में रिस्क है और इसके लिए लंबी कानूनी कार्रवाई और काफी पैसे खर्च करने होंगे। अच्छा होगा कि आप विवादों में घिरी प्रॉपर्टी लेने से बचें।


सवाल : मेरा किराएदार लीज खत्म होने के बाद भी घर छोड़ नहीं रहा है, उसे घर से कैसे निकालें?


हेमांग जरीवाला : आप महाराष्ट्र रेंट कंट्रोल एक्ट के तहत कोर्ट में अर्जी दें। सबूत के तौर पर लीव एंड लाइसेंस एग्रीमेंट जरूरी है। 6 महीने में किराएदार को घर छोड़ने का आदेश कोर्ट से मिलेगा।


रिहायशी इस्तेमाल के लिए बने लीव एंड लाइसेंस के विवाद मिटाने के लिए अथॉरिटी बनी है। अर्जी देने के बाद ये अथॉरिटी एफिडेविट के जरिए फैसला सुनाती है। जरूरत पड़ने पर क्रॉस एक्जामिनेशन होता है और 6-12 महीने में किराएदार को घर छोड़ने का आदेश दिया जाता है।


सवाल : भोपाल में फ्लैट लिया है। लेकिन डेवलपर ने जो साइज ब्रोशर में दिया है उससे हर कमरे में 6-7 इंच कम जगह है। फ्लैट की रजिस्ट्री अभी तक नहीं की है। क्या कार्रवाई करें?


हेमांग जरीवाला : आप आर्किटेक्ट की मदद से फ्लैट का एरिया पता करें। साथ ही ब्रोशर या एग्रीमेंट में दर्ज एरिया और असल एरिया में कितना अंतर है, इसका भी पता करें। जितने पैसे ज्यादा लिए हैं उसके हर्जाने के लिए बिल्डर को लीगल नोटिस भेजें और बिल्डर पैसे लौटाने से मना करे तो कंज्यूमर कोर्ट में केस करें।


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पोस्ट करनेवाले: priyank84पर: 17:35, अगस्त 03, 2015

Property

I hold a flat in Dombivili East, the project name Casa Rio by Lodha Group. Please suggest what is the ideal period ...

पोस्ट करनेवाले: MMB Messengerपर: 17:28, अगस्त 03, 2015

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Are real estate prices in Mumbai set to fall steeply?...