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11 मार्च से सीडीएमए स्पेक्ट्रम की नीलामी

प्रकाशित Wed, फ़रवरी 27, 2013 पर 08:34  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सीडीएमए स्पेक्ट्रम की नीलामी 11 मार्च से होगी। पहले ये नीलामी जीएसएम स्पेक्ट्रम की नीलामी खत्म होने के 2 दिन के बाद होनी थी। लेकिन किसी कंपनी के भाग न लेने के चलते 11 मार्च से शुरू होने वाली जीएसएम स्पेक्ट्रम की दिल्ली, मुंबई समेत 5 सर्किल में नीलामी रद्द हो गई है।


सीडीएमए स्पेक्ट्रम के 800 मेगाहर्ट्ज बैंड की नीलामी 11 मार्च को होगी। नीलामी में सिर्फ एक प्लेयर के भाग लेने के चलते नीलामी एक राउंड में ही खत्म हो जाएगी। और स्पेक्ट्रम बेस प्राइस पर बिकेगा। एमटीएस ब्रैंड के तहत सीडीएमए प्लेटफॉर्म पर सर्विस देने वाली सिस्टमा श्याम ने 11 सर्किल में स्पेक्ट्रम खरीदने के लिए अर्जी दी है। कंपनी को इसके लिए 5,623 करोड़ रुपये देने होंगे।


जाहिर है कंपनियों की नीलामी में दिलचस्पी न होने से अब सरकार आपना 40,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य पूरा नहीं कर पाएगी। नीलामी के दूसरी बार फेल होने के बाद सरकार क्या फिर से इन सर्किल में स्पेक्ट्रम नीलामी पर रखेगी। इसका फैसला जल्द ईजीओएम करेगी। लेकिन कंपनियों का कहना है कि स्पेक्ट्रम का दाम वाजिब नहीं है यहां तक हाल में ब्रिटेन, जर्मनी जैसे विकसित देशों में हुई 4जी नीलामी से भी कहीं ज्यादा है।


जानकारों का कहना है कि ये कंपनियों की साठगांठ भी हो सकती है। क्योंकि नीलामी के फेल होने से उनके लिए दाम कम कराने के लिए सरकार पर दबाव बनाना आसान होगा। कंपनियां चाहती हैं कि उनके लाइसेंस की मियाद बढ़ जाए ताकि रिफार्मिंग के जरिए उनके पास मौजूद कीमती स्पेक्ट्रम वापिस नहीं लिया जाए।


900 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम की रिफार्मिंग पर टेलिकॉम विभाग को 7 मार्च तक फैसला लेना है। इसी बीच सरकार स्पेक्ट्रम की तीसरे राउंड की नीलामी की तैयारी में जुट गई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक सरकार को 20 सर्किल में बचे सारे स्पेक्ट्रम की नीलामी करनी है।


भारती एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया सेल्यूलर में से किसी ने भी नीलामी में भाग नहीं लिया। जबकि इन कंपनियों के दिल्ली, मुंबई और कोलकता लाइसेंस अगले साल नवंबर में खत्म हो रहे हैं। इन कंपनियों के पास 900 मेगाहर्ट्ज बैंड मौजूद है जिसकी कीमत 1800 मेगाहर्ट्ज से दोगुनी है। 900 मेगाहर्ट्ज की सिग्नल कवरेज दूसरे स्पेक्ट्रम के मुकाबले बेहतर है।


भारती एयरटेल और वोडाफोन ने दिल्ली हाईकोर्ट में 900 मेगाहर्ट्ज नीलामी के खिलाफ याचिका दायर की हुई है। इन कंपनियों का कहना है कि उनके लाइसेंस शर्तों के मुताबिक लाइसेंस की समयसीमा 10 साल तक बढ़नी चाहिए। कोर्ट ने सरकार से इस पर जवाब मांगा है।

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पोस्ट करनेवाले: goodguy_26पर: 20:37, जनवरी 24, 2015

Market Analysis - Fundamental View

Thanks a lot for the reply..what about other 2 MF`s i mentioned? Thanks and Regards, Good Guy...

पोस्ट करनेवाले: prjayachandranपर: 17:27, जनवरी 24, 2015

Market Analysis - Fundamental View

Dear goodguy_26, I had suggested DSP Blackrock Micro Cap Fund Retail Plan. This scheme has been a consistent ...