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जारी है मिडकैप के टूटने का सिलसिला, क्या करें

प्रकाशित Wed, 27, 2013 पर 10:19  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

पिछले 2 दिनों से मिडकैप शेयरों में जारी गिरावट आज भी जारी है। मिडकैप शेयरों में सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में कोर एजूकेशन में करीब 45 फीसदी की गिरावट है। वहीं ऑप्टो सर्किट्स 14.1 फीसदी नीचे है। एडुकॉम्प सॉल्यूशंस में 13.3 फीसदी की गिरावट है और एबीजी शिपयार्ड में 9.3 फीसदी की गिरावट है।


साथ ही स्मॉलकैप शेयरों में रुशिल डेकोर, प्लेथिको फार्मा में 20 फीसदी, ग्रेविटा इंडिया और जिंदल कोटेक्स में 19 फीसदी और एवरॉन एजुकेशन में 11.1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।


मार्केट रेगुलेटर सेबी ने मिडकैप शेयरों में आई इस भारी गिरावट की जांच शुरू कर दी है। सेबी ये जानना चाहता है कि कहीं शेयरों में ये गिरावट ब्रोकरों की हेराफेरी के कारण तो नहीं आ रही है। सेबी चेयरमैन यू के सिन्हा का कहना है कि अगर कोई गड़बड़ी मिली तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी।


प्रभुदास लीलाधर के पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज के सीईओ संदीप सबरवाल का कहना है कि बाजार लगातार नीचे जा रहा है और इससे भी मिडकैप शेयरों में गिरावट का रुख देखा जा रहा है। हर साल कुछ मिडकैप शेयरों में गिरावट का दौर आता है और इस बार भी ऐसा दौर पिछले 2 दिनों में देखा गया है।


जिन कंपनियों के प्रोमोटरों ने शेयर गिरवी रखे हैं उनमें तो गिरावट आ ही रही है, उनके साथ साथ कई ऐसे दिग्गज शेयर भी नीचे आ रहे हैं जो पोर्टफोलियो में रखने के लिए काफी अच्छे शेयर हैं।


संदीप सबरवाल के मुताबिक बाजार में नकारात्मक रुझान देखा जा रहा है और बिकवाली हावी है। मिडकैप शेयरों की गिरावट के साथ कुछ दिग्गज शेयरों में भी गिरावट है जिनमें खरीदारी करने का अच्छा मौका है। निवेशक आईसीआईसीआई बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एलएंडटी में खरीदारी कर सकते हैं।


मार्केट एक्सपर्ट अंबरीश बलिगा का कहना है कि मिडकैप शेयरों में आई गिरावट अभी आगे और कई दिनों तक जारी रह सकती है। मिडकैप शेयरों में जल्द मजबूती आने की कोई संभावना नहीं है। अगर बजट अच्छा रहा तो लार्जकैप शेयरों में तेजी दिखेगी और मिडकैप शेयरों को बजट का फायदा मिलने की उम्मीद कम है।


अंबरीश बलिगा के मुताबिक फाइनेंसर की ओर से गिरवी रखे शेयरों में बिकवाली जारी रहने से मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में कमजोरी आई है। साथ ही जिस तरह से सेंटीमेंट खराब हुआ उससे गिरावट वाले शेयरों को नए फाइनेंसर मिलने की उम्मीद भी कम हो गई है। इस कारण भी मिडकैप शेयर दबाव में हैं।


बाजार के एक अन्य दिग्गज जानकार पृथ्वी हल्दिया का कहना है कि प्रोमोटरों के गिरवी रखे शेयरों में बिकवाली से ही मिडकैप शेयर टूट रहे हैं। मिडकैप शेयरों में भारी गिरावट को देखते हुए इनसाइडर ट्रेडिंग की होने वाली जांच में सुधार करने की जरूरत है। निवेशकों को सलाह है कि बाजार में लिक्विडिटी की समस्या से जूझ रहे शेयरों में पैसे ना लगाएं।

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