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टैक्स प्लानिंग पर टैक्स गुरू की सलाह

प्रकाशित Sat, 02, 2013 पर 15:24  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

बजट में वित मंत्री ने बस नाम मात्र चीजें करके, सभी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। टैक्स स्लैब में बदलाव, जिसका शायद हर किसी को इंतजार था उसमें, 5 लाख की आय वालों को बस 2,000 रुपये तक की छूट देकर ही उन्हों खाना पूर्ति कर ली।


हालांकि 25 लाख तक के होम लोन पर 1 लाख रुपये तक की छूट देकर उन्होंने घर खरीदारों को जरूर थोड़ी राहत दी, इसके साथ ही आरईजीएसएस स्कीम का दायरा बढ़ाकर भी उन्होंने इसे और आकर्षक बनाने की कोशिश की और ऐसे में अब किस तरह से आप अपनी टैक्स प्लानिंग कर सकते हैं आइए जानते है टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया जी से।


टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया का कहना है कि बजट में वित्त मंत्री ने उत्तराधिकार टैक्स ना लगाकर करदाताओं को राहत दी है जो काफी अच्छी खबर है। अमीरों पर सुपर रिच टैक्स लगाकर वित्त मंत्री ने करदाताओं पर ज्यादा भार नहीं डाला है क्योंकि इसके दायरे में 45,000 से 50,000 लोग ही आएंगे। 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की आयवालों पर 10 फीसदी सरचार्ज लगाने से ज्यादा लोग टैक्स के दायरे में आ सकेंगे।


राजीव गांधी इक्विटी स्कीम में टैक्स डिडक्शन का जो भी फायदा मिलेगा वो केवल 50,000 रुपये के निवेश पर होगा। इस स्कीम में अच्छी बात ये है कि अगर आपने इस साल निवेश कर दिया तो अगले 2 वर्षों तक और निवेश करके लाभ ले सकते हैं। इसके अलावा अब इसमें 10 लाख के बजाय 12 लाख तक कमाने वाले लोग हिस्सा ले सकेंगे।


सरकार के नए नियम के मुताबिक 25 लाख रुपये तक के होमलोन पर अतिरित्त 1 लाख रुपये तक की टैक्स छूट फायदा ऐसे व्यक्ति उठा सकते है जिनके पास अपना मकान नहीं है और जो वित्त वर्ष 2013 के बाद नए घर के लिए लोन रहे हैं। इसके अलावा जिनकी प्रॉपर्टी की वैल्यू 40 रुपये लाख रुपये से ज्यादा नहीं है। वर्तमान लोन और ईएमआई पर करदाताओं को इसका लाभ नहीं होगा। इस नए प्रावधान के जरिए नए लोन लेने वालों को 10,000 रुपये से 20,000 रुपये तक की टैक्स छूट मिल सकती है।


सुभाष लखोटिया के मुताबिक आम आदमी के लिए 2000 रुपये का टैक्स क्रेडिट मिलना ज्यादा बड़ी बात नहीं है। इससे करदाताओं को ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद नहीं है। सीनियर सिटीजन को इनकम टैक्स का ज्यादा फायदा नहीं मिलेगा। 


शेयर बाजार में निवेश से हुई कमाई को लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन कहते हैं। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन में इनकम टैक्स नहीं लगता है लेकिन शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन पर 15 फीसदी टैक्स लगता है। वहीं नई आयकर की धारा 194आईए के तहत नई और पुरानी दोनों प्रकार की प्रॉपर्टी पर टीडीएस लगेगा।


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