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सोने में निवेश करने के लिए सुझाव

प्रकाशित Mon, 25, 2013 पर 15:43  |  स्रोत : Moneycontrol.com

आप सोने में निवेश कई माध्यमों द्वारा करते हैं जैसे गोल्ड म्यूचुअल फंड, गोल्ड ईटीएफ और गोल्ड बार और सिक्के। इसके अलावा कई भारतीय सोने के गहने भी खरीदते हैं लेकिन कभी उनका उपयोग नहीं करते क्योंकि वो इसे निवेश मानते हैं। इसमें से हरेक माध्यम के अपने अलग फायदे और नुकसान हैं।


1. ई गोल्ड


फायदे


1. म्यूचुअल फंड, ईटीएफ की तरह एक्सपेंस रेश्यो शामिल नहीं


2. छोटी से छोटी यूनिट जैसे 1 ग्राम भी फिजिकल गोल्ड में रिडीम की जा सकती है


3. कीमतों में ज्यादा पारदर्शिता


नुकसान


1. ई गोल्ड में ट्रेडिंग करने के लिए अलग ट्रेडिंग अकाउंट और डीमैट अकाउंट की जरूरत


2. टैक्स के लिहाज से निवेश का बढ़िया माध्यम नहीं, इसपर फिजिकल गोल्ड की तरह टैक्स लगता है


3. भारत में अभी नया लॉन्च हुआ है। स्टॉक एक्सचेंज की तरह कमोडिटी एक्सचेंज रेगुलेटेड नहीं हैं।


2 गोल्ड ईटीएफ


फायदे


1. इसकी यूनिट फिजिकल गोल्ड की तरह होती हैं जो सुरक्षित रखी जाती हैं।


2. इसके रिटर्न ई-गोल्ड की तरह ही होते हैं।


3. इसमें वैल्थ टैक्स नहीं लगता है। इस पर 1 साल के बाद 10 फीसदी का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स इंडेक्सेशन के बगैर लगता है या 20 फीसदी इंडेक्सेशन के साथ लगता है।


नुकसान


1. ईटीएफ खरीदने के लिए ट्रेडिंग अकाउंट और डीमैट अकाउंट होना चाहिए।


3.  गोल्ड म्यूचुअल फंड


फायदे


1. सिस्टोमैटिक इंवेंस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिए कोई भी सोने में नियमित निवेश कर सकता है। गोल्ड फंड में हर महीने 100 रुपये तक की छोटी रकम भी डाल सकता है।


2.  इसपर वैल्थ टैक्स नहीं लगता है। इस पर 1 साल के बाद 10 फीसदी का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स इंडेक्सेशन के बगैर लगता है या 20 फीसदी इंडेक्सेशन के साथ लगता है।


नुकसान


1. इसका एक्सपेंस रेश्यो गोल्ड ईटीएफ से ज्यादा है।


2. फंड के प्रदर्शन के आधार पर इसमें रिटर्न गोल्ड ईटीएफ से कम हो सकते हैं।


4. फिजिकल गोल्ड


नुकसान


1. बैंक गोल्ड बार और सिक्कों पर प्रीमियम चार्ज करता है। इनको दोबारा बेचना मुश्किल होता है।


2. इसमें स्टोरेज लागत और मेकिंग चार्ज शामिल रहते हैं। इसकी सुरक्षा करना भी एक मुद्दा है।


3. टैक्स के मामले में सबसे खराब विकल्प है। इसे खरीदने के 3 साल बाद इंडेक्सेशन के साथ 20 फीसदी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है। इस पर वैल्थ टैक्स भी लग सकता है।


सारांश


अगर आपके पास डीमैट अकाउंट है तो सोने में निवेश के लिए गोल्ड ईटीएफ खरीदना सबसे अच्छा विकल्प है। अगर आपके पास डीमैट अकाउंट नहीं है तो गोल्ड म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। ई-गोल्ड को एक उत्पाद के रुप में विकसित होने के लिए समय लगता है और जो लोग इसमें ट्रेडिंग के आदी नहीं हैं उन्हें इसमें दिक्कत आ सकती है। सोने के गहने उपयोग में आ सकते हैं वहीं गोल्ड बार और सिक्कों मे निवेश से बचना चाहिए।


इस लेख के लेखक कृपानंदा चिदंबरम हैं।