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टैक्स, निवेश के लिहाज से किन बातों का रखें ध्यान

प्रकाशित Fri, 05, 2013 पर 15:41  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

नए वित्त वर्ष में टैक्स और निवेश के लिहाज से किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। अल्ट्रा साउंड सिटी स्कैन जैसे टेस्ट के लिए टैक्स छूट मिलती है या नहीं और होनलोन पर अतिरिक्त 1 लाख रुपये तक की छूट कैसे मिल सकती है। टैक्स से जुड़ी आपकी इन्हीं हर उलझनों को आसान बनाने के लिए जवाब दे रहे हैं टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया।   


सवाल : नए वित्त वर्ष में टैक्स और निवेश के लिहाज से किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? 


सुभाष लखोटिया : नए वित्त वर्ष में करदाताओं को अपने परिवार के सदस्यों की सूची बनाकर पता करना चाहिए कि कोई सदस्य इनकम टैक्स असेसी है या नहीं। अगर कोई टैक्स नहीं देता है तो उन्हें असेसी बनाकर परिवार के लिए बेहतर टैक्स प्लानिंग करें। साथ ही सेक्शन 80सीसीजी के तहत छूट लेने के लिए निवेश की योजना बनाएं। इसके अलावा बालिग सदस्यों का डीमैट अकाउंट खोलें ताकि जरूरत पड़ने पर शेयर खरीदने में परेशानी ना हों।


नए वित्त वर्ष में करदाता अपने नाम से घर खरीद कर टैक्स छूट का फायदा लें सकते हैं। एसआईपी के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश करना भी अच्छा विकल्प है। वित्त वर्ष 2012-13 के लिए रिटर्न भरने के लिए सभी जरूरी कागजात भी एक जगह कर लें और वित्त वर्ष 2013-14  के लिए सभी जरूरतों को ध्यान में रखकर कैश और खर्च की योजना तैयार करें। इस तरह करदाता नए वित्त वर्ष में पुख्ता प्लानिंग करके अपना टैक्स बचा सकते हैं। 


वित्त वर्ष 2013-14 में 60 साल से कम उम्र के व्यक्ति नई पेंशन स्कीम और जमीन में जरूर निवेश करें। नए वित्त वर्ष में जमीन में निवेश करने पर करदाताओं को अच्छा फायदा मिलेगा।


सवाल : इलाज के खर्चों पर क्या टैक्स छूट मिलेगी?


सुभाष लखोटिया : अगर आपने इलाज पर कोई छोटे मोटे खर्चे किए हो। जैसे खून की जांच की हो या अल्ट्रासाउंड टेस्ट किया हो तो इन खर्चों पर आपको 80 सी में अलग से छूट नहीं मिलेगी। क्योंकि ये खर्च प्रीवेंटिव हेल्थ चेकअप के दायरे में नहीं है।


सवाल : अगर लोन लेकर घर खरीदते है तो क्या 1 लाख रुपये की अतिरिक्त छूट का फायदा मिलेगा?


सुभाष लखोटिया : अगर आपके पास कोई और रेसिडेंशियल मकान हो तो नए मकान के खरीद पर कोई छूट नहीं मिलेगी। लेकिन मान लीजिए आपके पास कोई मकान नहीं है, ऐसी स्थिति में आप नया मकान खरीदेंगे जिसका लोन 25 लाख रुपये का होगा और वो कुल प्रॉपर्टी 40 लाख रुपये तक की होगी तो सेक्शन 80ईई के तहत ब्याज पर अतिरिक्त 1 लाख रुपये तक की छूट मिलेगी।


सवाल : क्या पत्नी पति को किराया देकर एचआरए पर छूट ले सकती है?


सुभाष लखोटिया : पति अपने पत्नी से किराया ले सकता है। पत्नी किराए की रसीद देकर एचआरए की छूट ले सकती है। 


सवाल : पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम पर ब्याज घटने से निवेश की प्लानिंग पर किस तरह का असर दिख सकता?   


सुभाष लखोटिया : सभी छोटी बचत स्कीम पर ब्याज 0.1 फीसदी घटा है। पोस्ट ऑफिस सेविंग्स बैंक के ब्याज में कोई बदलाव नहीं हुआ है। 1 साल के टाइम डिपॉजिट का ब्याज भी 8.2 फीसदी पर स्थिर है। लेकिन 5 साल के टाइम डिपॉजिट पर ब्याज 8.5 फीसदी से घटकर 8.4 फीसदी हुआ है। पीपीएफ पर ब्याज 8.8 फीसदी से घटकर 8.7 फीसदी किया गया है। वहीं सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम पर ब्याज 9.3 फीसदी से 9.2 फीसदी हुआ है। ज्यादातर करदाताओं के लिए पीपीएफ का अकाउंट खोलना बेहतर होगा  


सवाल : जमीन का लैंड यूज खेती से गैर खेती में बदला, क्या टैक्स देंबा होगा?


सुभाष लखोटिया : अगर ग्रामीण कृषि जमीन रहती है और उसको बेच देते है तो आपको टैक्स नहीं लगता है। चूकि आपने ग्रामीण कृषि जमीन को गैर-ग्रामीण कृषि जमीन में बदला है तो आपको 20 फीसदी कैपिटल गेन टैक्स देना पड़ेगा। पर अगर आप कैपिटल गेन टैक्स बचाना चाहते है तो आपके लिए अच्छा विकल्प यह होगा कि आप वापस इन पैसों से दूसरी कृषि जमीन लें या अपने नाम पर प्रॉपर्टी खरीदें।   


सवाल : अपने घर में बेटे को 50 फीसदी मालिक बनाना चाहते हैं। प्रॉपर्टी रजिस्टर नहीं है क्या करें? 


सुभाष लखोटिया : पिता अपनी प्रॉपर्टी में बेटे को हिस्सेदार बना सकता है। अगर बेटा बालिग है तो उसे प्रॉपर्टी गिफ्ट भी किया जा सकता है। अगर प्रोपर्टी पिता के नाम पर रजिस्टर्ड है तो गिफ्ट डीड बनाकर स्टैम्प ड्यूटी चुकाएं और अगर प्रॉपर्टी रजिस्टर्ड नहीं है तो आप बिल्डर रिकॉर्ड में ट्रांसफर करवाएं।    


सवाल : क्या सीनियर सिटीजन के लिए एडवांस टैक्स की देनदारी बनती है?


सुभाष लखोटिया : सीनियर सिटीजन के लिए कोई एडवांस टैक्स नहीं है। अगर बिजनेस इनकम है तो ही एडवांस टैक्स देना होगा। वरिष्ट नागरिक रिटर्न भरने के समय टैक्स दे सकते हैं।  


सवाल : अगर साल में 182 दिन भारत से बाहर रहते है तो क्या टैक्स लगेगा और क्या रिटर्न भरना होगा?


सुभाष लखोटिया : 182 दिन भारत से बाहर रहते है तो भारत में कोई टैक्स और रिटर्न नहीं भरना होगा।


सवाल : पत्नी के नाम से 2 लाख रुपये की एफडी की। एफडी के ब्याज पर किसे टैक्स देना होगा?


सुभाष लखोटिया : एफडी का ब्याज पति की इनकम में जोड़कर टैक्स लगेगा। सेक्शन 64 के तहत क्लबिंग ऑफ इनकम प्रावधान लागू होगा। क्ल्बिंग प्रोविजन के तहत पत्नी के नाम से किए गए निवेश से हुई आय पति की इनकम में जोड़ी जाती हैं। 


सवाल : 2007 में बुक किए फ्लैट का अब तक पजेशन नहीं मिला। फ्लैट बेचना चाहते हैं। टैक्स कैसे लगेगा? 


सुभाष लखोटिया : रजिस्ट्रेशन के बगेर फ्लैट बेचना अच्छा होगा। फ्लैट में अपना अधिकार बेच रहें है इसलिए आपको लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन का फायदा मिलेगा।


सवाल : 1 साल के लिए प्रॉपर्टी लीज पर दी। क्या प्रॉपर्टी के ब्रोकरेज चार्ज पर टैक्स छूट मिलेगी? 


सुभाष लखोटिया : प्रॉपर्टी के लिए मिले ब्रोकरेज पेमेंट पर कोई टैक्स छूट नहीं है।



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