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टैक्स गुरु: टैक्स की उलझनों को बनाएं आसान

प्रकाशित Thu, 11, 2013 पर 15:22  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया से जानिए पीएफ अकाउंट और टैक्स से जुड़ी उलझनों पर सुझाव -


सवाल : अप्रैल में करदाताओं को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और किस बात से सचेत रहना चाहिए?


सुभाष लखोटिया : अप्रैल 2013  में कई करदाताओं को आईटी असेसमेंट का नोटिस मिल सकता है। घोषित आय में कोई इनकम जोड़ी गई या कोई छूट अस्वीकार की गई तो आपको अपील करने का अधिकार है। लेकिन ध्यान रखें कि आपको पहली अपील असेसमेंट ऑर्डर मिलने के 30 दिन के अंदर भरना जरूरी है।

अपील के पहले जरूरी कागजात की फाइल बनाएं और इस फाइल यानि पेपर बुक को अपील के साथ जमा करें। आपको फॉर्म नं 35 की दो कॉपी तथ्यों और अपील के आधार के साथ जमा करनी होगी। साथ ही आईटी विभाग से मिली डिमांड नोटिस की ओरिजनल कॉपी और आईटी असेसमेंट ऑर्डर की कॉपी भी अपील के साथ लगानी होगी। ध्यान रहे कि अपील फाइल करने में देरी ना हों। आप पर लगाए गए विभिन्न जुर्माने के लिए भी अपील फाइल कर सकते हैं।


आईटी कमिशनर(अपील) के पास अपील दायर करने के लिए फीस लगती है। असेस्ड इनकम 1 लाख रुपये या उससे कम की राशी पर 250 रुपये फीस लगेगी। अगर असेस्ड इनकम 1 लाख रुपये से ज्यादा है लेकिन 2 लाख रुपये से कम है तो 500 रुपये और 2 लाख रुपये से ज्यादा असेस्ड इनकम पर 1000 रुपये की फीस लगेगी। अन्य किसी भी मामले की अपील के लिए 250 रुपये फीस होगी।


सवाल : एक कंपनी में 2 साल काम किया। अगर प्रोविडंट फंड का पैसा निकालते हैं तो कितना टैक्स लगेगा और टैक्स कैसे बचाएं?    


सुभाष लखोटिया :  अगर 5 साल या उससे ज्यादा एक कंपनी में नौकरी की तो प्रोविडंट फंड के पैसे निकालने पर टैक्स नहीं लगेगा। लेकिन अगर आप 5 साल से पहले नौकरी छोड़ते है तो पीएफ इनकम में जोडकर टैक्स कटेगा। अगर किसी बीमारी की वजह से आपकी नौकरी छूटी या कंपनी ने नौकरी से आपकी छ्टाई कर दी तो पीएफ पर टैक्स नहीं लगेगा। कंसल्टेंट की नौकरी है तो पीएफ अकाउंट ट्रांसफर करने का भी विकल्प नहीं मिलेगा।    


सवाल : एचआरए पर टैक्स का फायदा कैसे उठा सकते हैं?         


सुभाष लखोटिया : किराए पर छूट तीन बातों के आधार पर मिलती है। पहला वास्तविक किराया, दूसरा वास्तविक किराया जिसका 10 फीसदी बेसिक सैलरी से कटता है और तीसरा मेट्रो शहर में रहने वाले लोगों के लिए बेसिक सैलरी का 50 फीसदी, नॉन मेट्रो शहर में 40 फीसदी हिस्सा। इनमें से सबसे कम हिस्से पर बतौर एचआरए छूट मिलता है।        


सवाल : एमसीएक्स में ट्रेडिंग से हो रही इनकम कौन-सी कैटगरी में आएगी?  शॉर्ट टर्म या लॉन्ग टर्म कैटेगरी में आएगा?
          
सुभाष लखोटिया : कमोडिट की ट्रेडिंग में आपको मुनाफा और घाटा दोनों हुआ है। तो दोनों एडजस्ट करके जो नेट अमाउंट होगा केवल उसपर टैक्स देना है और ये आपकी स्पेकुलेशन इनकम कहलाएगा। स्पेकुलेशन बिजनेस इनकम से स्पेकुलेशन लॉस घटाकर बैलेंस अमाउंट पर आपको टैक्स का भुगतान करना होगा। 
    
सवाल : 2006 की प्रॉपर्टी इस साल बेचकर कुछ पैसा दूसरी प्रॉपर्टी में निवेश किया। कुछ रकम बची है। टैक्स कैसे लगेगा?
    
सुभाष लखोटिया :  कमर्शियल प्रॉपर्टी बेचने पर कैपिटल गेन टैक्स बचाने के लिए पूरी रकम से नई प्रॉपर्टी खरीदना जरूरी है। अगर आपने सिर्फ 30 लाख रुपये घर खरीदने में लगाएं तो इतनी ही रकम पर टैक्स बचत होगी और बाकी रकम पर कॉस्ट इंफ्लेशन इंडेक्स का फायदा लेकर 20 फीसदी की दर से कैपिटल गेन टैक्स चुकाना होगा।   
    
सवाल : अहमदाबाद से गुडगांव आ गए हैं। इनकम टैक्स कहां भरें और क्या करना चाहिए?
    
सुभाष लखोटिया : आप इन अकम टैक्स रिटर्न गुड़गांव में भरें और पैन माइग्रेशन की सभी औपचारिकता पूरी करें।   
    
सवाल : भाई के साथ ज्वाइंट नाम से घर खरीदा। लोन की किस्त खुद देता हूं। क्या पूरी रकम पर टैक्स छूट मिलेगी? 
    
सुभाष लखोटिया :  अगर आप प्रॉपर्टी के 100 फीसदी मालिक है तो हो आपको 100 फीसदी किस्त पर छूट मिलेगी। लेकिन अगर भाई प्रॉपर्टी में हिस्सेदार है तो लोन के ब्याज पर सिर्फ 50 फीसदी ही छूट मिलेगी। लोन के ब्याज पर पूरी तरह छूट पाने के लिए आपको भाई का हिस्सा अपने नाम करना होगा। आप भाई से प्रॉपर्टी का हिस्सा खरीदें या भाई आपको अपना हिस्सा गिफ्ट करें।    
    
सवाल : 1996-2006 तक सिंगापुर में काम किया। लेकिन अब 2006 से भारत में हूं। विदेश में जमा पीएफ के पैसे पर भारत में टैक्स लगेगा?
    
सुभाष लखोटिया : भारतीय नागरिक को विदेशी कमाई पर टैक्स लगता है। सिंगापुर सीपीएफ से मिले पैसे पर भारत में टैक्स लगेगा। लेकिन जब आप एनआरआई रहे तो उस दौरान सिंगापुर में मिले ब्याज पर टैक्स नहीं लगेगा।


सवाल : क्या पुराने गहने बेचकर हुआ लॉन्ग टर्म गेन शेयर के लॉन्ग टर्म लॉस के साथ एडजस्ट किया जा सकता है? 
    
सुभाष लखोटिया : गहने बेचने पर लॉन्ग टर्म गेन लगता है। शेयर के नुकसान को गहने से मिले मुनाफे से एडजस्ट नहीं किया जा सकता है। शेयर बाजार में 1 साल तक निवेश है तो टैक्स नहीं लगेगा।  
    
सवाल : कार रेंटल पॉलिसी पर क्या पत्नी टैक्स छूट का फायदा ले सकती हैं?
    
सुभाष लखोटिया :  कार रेंटल पॉलिसी पर टैक्स छूट पाने के लिए पत्नी के नाम पर कार होना जरूरी है। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत पत्नी के नाम पर कार ट्रांसफर करने से टैक्स छूट नहीं मिलेगी। बेहतर होगा की आपकी पत्नी कार को खरीद कर मालिक हो या लोन लेकर कार खरीदें। पत्नी अपने पति से भी कार खरीद कर टैक्स छूट का फायदा ले सकती है।   
    


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