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इंश्योरेंस पर प्रोबस इंश्योरेंस ब्रोकर के सुझाव

प्रकाशित Fri, 12, 2013 पर 15:03  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

फोकस करते हैं आपके इंश्योरेंस से जुड़े सवालों पर जिनके जवाब देंगे प्रोबस इंश्योरेंस ब्रोकर के इंश्योरेंस हेड आत्रेय भारद्वाज


सवाल : मैंने 10 दिन पहले आईसीआईसीआई एलिट वेल्थ पॉलिसी ली है जिसका टर्म 5 साल का है और सालाना प्रीमियम 5 लाख रुपये है। रेगुलर प्रीमियम पॉलिसी के बदले सिंगल प्रीमियम पॉलिसी लेना चाहता हूं। कौन सी पॉलिसी लूं?


आत्रेय भारद्वाज : आईसीआईसीआई एलिट वेल्थ एक यूलिप पॉलिसी है जिसमें लंबे समय में आपको अच्छा रिटर्न मिलेगा। आप चाहे तो इस पॉलिसी को जारी रखें या फ्री लुक पीरियड यानि 15 दिन के अंदर पॉलिसी रद्द कर सकते हैं। आप एक टर्म प्लान जरूर खरीदें और इक्विटी फंड में निवेश शुरु करें।


सिंगल प्रीमियम पॉलिसी में अनियमित आय पाने के लिए प्रीमियम पेमेंट का अच्छा विकल्प है। लेकिन पॉलिसी पीरियड से पहले मौत होने पर पहले चुकाए सारे प्रीमियम बर्बाद होने का खतरा होता है। 
 
सवाल : अगर 10-12 दिनों के लिए विदेश जाना हो तो किस तरह की पॉलिसी लेनी चाहिए?


आत्रेय भारद्वाज : ऑफिस संबधित विदेशी टूर के लिए कंपनियां कॉर्पोरेट टैवल इंश्योंरेंस लेती हैं। विदेशी ट्रिप के लिए बीमा खरीदने पर ये ध्यान रखना चाहिए कि आप कौन से देश जा रहे हैं। टैवल इंश्योरेंस का सबसे अहम फीचर मेडिकल कवर होता है। टैवल इंश्योंरेंस में ज्यादा प्रीमियम उन देशों के लिए होता है, जहां इलाज महंगा है। अगर आप नियमित तौर पर विदेश जाते है तो मल्टी ट्रिप पॉलिसी खरीदें।   


सवाल : मेरे पास 10 साल से नेशनल इंश्योरेंस की परिवार मेडिक्लेम पॉलिसी है। 3 साल से मुझे हाइपरटेंशन है। क्या मुझे कंपनी को इसके बारे में जानकारी देने की जरूरत है?


आत्रेय भारद्वाज : इंश्योरेंस लेने के बाद किसी बीमारी का पता चलने पर इंश्योरेंस कंपनी को जरूर बताना चाहिए। आप इंश्योरेंस कंपनी को हाइपरटेंशन की जानकारी जरूर दें। इंश्योरेंस कंपनी को जरूरी जानकारी बताने से क्लेम रिजेक्ट होने की संभावना कम होगी। 


सवाल : मेरे पास अवीवा न्यू पेंशन प्लस प्लान है जिसका सालाना प्रीमियम 1 लाख रुपये है और फंड वैल्यू 2,39,487 रुपये है। इसके अलावा सालाना 25,000 रुपये प्रीमियम का अवीवा लाइफ लाइन प्लान है और इसकी फंड वैल्यू 49,917 रुपये है। मैने निवेश के लिहाज से ये दोनों पॉलिसी ली थी लेकिन दोनों ही पॉलिसी से रिटर्न अच्छा नहीं है। क्या इन पॉलिसी से निकल जाना चाहिए ?  



आत्रेय भारद्वाज : निवेशकों को इंश्योरेंस और इंवेस्टमेंट को अलग-अलग रखना चाहिए। अवीवा न्यू पेंशन प्लस एक यूलिप प्लान है और इसमें एलोकेशन चार्जेस ज्यादा हैं। मौजूदा फंड वैल्यू के हिसाब पॉलिसी का प्रदर्शन फिलहाल अच्छा नहीं है। तीसरे और चौथे साल के लिए सरेंडर चार्ज 2 फीसदी बाद कोई चार्ज नहीं लगता है। अगर आप और कुछ समय तक पॉलिसी जारी रखते है यह यूलिप प्लान लंबी अवधि में फायदेमंद साबित होंगे। 4 साल बाद चाहे तो आप सरेंडर कर सकते हैं।    



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