वित्त वर्ष की शुरुआत में ही करें टैक्स प्लानिंग -
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वित्त वर्ष की शुरुआत में ही करें टैक्स प्लानिंग

प्रकाशित Thu, 18, 2013 पर 14:47  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

अगर आप टैक्स प्लानिंग और निवेश प्लानिंग एक साथ करना चाहते हैं और सेक्शन 80सी के तहत टैक्स छूट लेना चाहते हैं तो अप्रैल की शुरुआत में ही निवेश कर सकते हैं। वित्त वर्ष की शुरुआत में पीपीएफ में निवेश करें। इससे टैक्स छूट के साथ पूरे साल पीपीएफ पर ब्याज की आमदनी होगी। और इसके साथ ही ये भी जरूरी नहीं है कि इसी साल की आय से पीपीएफ अकाउंट खोला जाए। आपके पास अगर पहले से पूंजी है तो उसे भी निवेश कर सकते हैं। टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया से जानें किन उपायों से बचेगा टैक्स और कहां होगी टैक्स बचत से कमाई।


सवालः 40 लाख रुपये का ज्वाइंट लोन लेकर घर खरीदेंगे। 25 लाख रुपये का लोन खुद लेंगे और 15 लाख रुपये पत्नी के नाम पर खरीदेंगे। क्या होमलोन के ब्याज पर अतिरिक्त 1 लाख रुपये की छूट मिल सकेगी?


सुभाष लखोटियाः आप दोनों को 1-1 लाख रुपये की अतिरिक्त टैक्स छूट मिल सकेगी। क्योंकि आपके घर की कीमत 40 लाख रुपये है और आप दोनों अलग अलग 25 लाख रुपये या इससे कम राशि का लोन ले रहे हैं। साथ ही आप के पास पहले से कोई मकान नहीं है। नए नियम के मुताबिक आपको अतिरिक्त टैक्स छूट मिल सकती है।


सवालः एसेसमेंट इयर 2010-11 में गलत जोन में आईटी रिटर्न भर दिया है। अब क्या करना चाहिए?


सुभाष लखोटियाः जिस आयकर अधिकारी के कार्यालय में गलत इंकम टैक्स रिटर्न भरा है उस आयकर अधिकारी को लिखित में गलत जोन में भरे गए रिटर्न के बारे में बताएं। उनसे सही आईटी जोन में इंकम टैक्स रिटर्न को भिजवाने का आग्रह करें।


सवालः मैंने फिक्स्ड डिपॉजिट से करीब 15,000 रुपये का ब्याज कमाया है। क्या धारा 80टीटीए के तहत ब्याज पर 10,000 रुपये की टैक्स छूट ले सकते हैं?


सुभाष लखोटियाः 80 टीटीए के तहत 10,000 रुपये की टैक्स छूट आपको नहीं मिल सकती है। 80 टीटीए की छूट सेविंग बैंक अकाउंट से मिले ब्याज पर मिलती है। एफडी से मिले ब्याज को इंकम टैक्स रिटर्न में अवश्य दिखाना पड़ेगा।


सवालः नाबालिग का आईटी रिटर्न कैसे फाइल होता है?


सुभाष लखोटियाः आयकर की धारा 64 के तहत नाबालिग की आय उसके पिता के साथ आय में जुड़ेगी। नाबालिग के लिए आईट रिटर्न भरना जरूरी नहीं होता है। हां अगर नाबालिग ने किसी तरह को नौकरी के जरिए पैसे कमाई हैं तो ही उसका इंकम टैक्स रिटर्न फाइल किया जाएगा। नाबालिग के रिटर्न में पिता के दस्तखत जरूरी होते हैं।


सवालः सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और विकलांग हैं। धारा 80यू के तहत टैक्स छूट लेते हैं। क्या धारा 80यू के तहत छूट लेने के लिए हर साल फॉर्म 10आईए के जरिए मै़डिकल सर्टिफिकेट देना जरूरी होता है?


सुभाष लखोटियाः आपको हर साल फॉर्म 10-आईए में मैडिकल सर्टिफिकेट देना जरूरी नहीं होता है। अगर सर्टिफिकेट में डॉक्टर ने रीएसेसमेंट की बात कही हो तो निर्धारित साल बाद सर्टिफिकेट देना पड़ सकता है। वहीं अगर डॉक्टर ने रीएसेसमेंट की बात नहीं कही है तो हर साल फॉर्म 10-आईए के साथ मैडिकल सर्टिफिकेट देना जरूरी नहीं होगा।


सवालः पेंशन और बैंक एफडी से 6 लाख रुपये की आय आती है। पेंशन पर टीडीएस कटता है। इस साल बैंक एफडी से 3 लाख रुपये ब्याज मिला है, साथ ही 1 लाख रुपये का 80 सी के तहत निवेश किया है। कुल रकम पर कितना टैक्स लगेगा?


सुभाष लखोटियाः आपने 1 लाख रुपये का निवेश 80सी के तहत किया है तो आपकी टैक्सेबेल इंकम 5 लाख रुपये हो जाएगी। स्लैब रेट के हिसाब से 5 लाख रुपये तक की आय पर 31,000 रुपये का टैक्स लगेगा। अगर टैक्स ज्यादा कटा हो तो आईटी रिटर्न भरें और रिफंड की मांग करें।


सवालः क्या पीपीएफ अकाउंट किसी भी साल में खोला जा सकता है?


सुभाष लखोटियाः पीपीएफ अकाउंट किसी भी उम्र में खोला जा सकता है और इस पर धारा 80सी के तहत टैक्स छूट ली जा सकती है।


सवालः म्यूचुअल फंड डिस्ट्रब्यूटर को मिलने वाले ब्रोकरेज पर टैक्स लगता है या नहीं?


सुभाष लखोटियाः म्यूचुअल फंड से आने वाली आय कमीशन के रूप में आई है इसलिए इस पर टैक्स की देनदारी बनेगी। म्यूचुअल फंड बेचने से मिले ब्रोकरेज पर टैक्स लगेगा।


सवालः एफडी के ब्याज पर क्या टैक्स लगेगा? क्या एफडी करने के लिए पैन कार्ड रखना जरूरी होता है?


सुभाष लखोटियाः अगर एफडी से मिलने वाले ब्याज की इंकम टैक्स छूट से कम है तो टैक्स नहीं लगेगा। टैक्स छूट के लिए फॉर्म 15जी इस्तेमाल करें। टैक्स छूट के लिए जमा किए गए पैसे का सबूत रखनी भी जरूरी होता है। बैंक में रखे किए पैसे का सबूत रखना जरूरी होगा। एफडी के लिए पैन कार्ड जरूरी नहीं है।


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