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टैक्स गुरु से जानिए टैक्स बचत के आसान तरीके

प्रकाशित Thu, 25, 2013 पर 16:54  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

आइए जानते हैं टैक्स की अहमियत और टैक्स अदा करने में आने वाली दिक्कतों पर टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया के टिप्स। 


सवाल : सोने में निवेश से टैक्स की देनदारी कैसे बनती है?


सुभाष लखोटिया : सोने की उतार-चढ़ाव को देखते हुए गोल्ड ईटीएफ में निवेश करना बेहतर विकल्प होगा। अगर आपका सोने में साल का निवेश 30 लाख रुपये से ज्यादा है तो वेल्थ टैक्स लगता है। लेकिन अगर आपने गोल्ड म्यूचुअल फंड में निवेश किया तो वैल्थ टैक्स नहीं लगेगा। 36 महीने से कम के निवेश पर निवेशकों को शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स देना होता है। वहीं 36 महीने से ज्यादा के निवेश पर 20 फीसदी के हिसाब से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है।


अगर निवेशक गोल्ड म्यूचुअल फंड के बॉन्ड में निवेश करते हैं तो 1 साल से कम के निवेश पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है। वहीं 1 साल से ज्यादा के निवेश पर 20 फीसदी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगेगा।


सवाल : शादी और रिसेप्शन में लगभग 10 लाख रुपये का कैश गिफ्ट मिला है और 100 ग्राम सोना मिला है और पत्नी को उनके रिश्तेदारों की ओर से 500 ग्राम सोना मिला है। मेरे पास इन सब का कोई बिल नहीं है। क्या मुझे मेरे या मेरी पत्नी की इनकम टैक्स रिटर्न फाइल में दिखाना चाहिए?


सुभाष लखोटिया : आयकर की धारा 56 के तहत शादी के मौके पर मिला हर गिफ्ट टैक्स फ्री होता है। शादी के मौके पर गिफ्ट कैश या ज्वेलरी में ले सकते हैं, कोई टैक्स नहीं लगेगा। रिश्तेदार से मिले महंगे से महंगे गिफ्ट पर भी टैक्स नहीं लगेगा लेकिन आपको कीमती गिफ्ट का प्रमाण-पत्र लेना होगा और शादी के दिन सोने की कीमत पता करके बैलेंसशीट बनाकर रखनी होगी।   


सवाल : भाई आबु धाबी से 3 साल बाद देश लौट रहा है। क्या 30 ग्राम सोने की चेन साथ लाने पर टैक्स लगेगा?


सुभाष लखोटिया : बजट 2013 में विदेश से सोना लाने पर रियायतें दी गई हैं। पुरुषों के लिए 50 हजार रुपये तक की ज्वेलरी लाने पर टैक्स नहीं लगेगा। वहीं महिलाएं 1 लाख रुपये तक की ज्वेलरी बगैर ड्यूटी के ला सकती है। करदाता बजट में किए गए इस फैसले का लाभ उठा सकते हैं। 


सवाल : एफडी पर बैंक टीडीएस काट चुका है, लेकिन अभी तक टीडीएस सर्टिफिकेट नहीं मिला। क्या करें? 


सुभाष लखोटिया : आप www.incometaxindia.gov.in पर लॉग ऑन करके वेबसाइट से अपने टैक्स की जानकारी ले सकते हैं। मिली हुई जानकारी के आधार पर आप रिटर्न भर सकते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि बैंक से टीडीएस सर्टिफिकेट जरूर लें। टीडीएस सर्टिफिकेट देना बैंक का काम है।    


सवाल :  कैपिटल गेन अकाउंट स्कीम क्या है और इसका किसको फायदा मिलेगा? अकाउंट खोलते समय किन बातों का ध्यान रखें?  


सुभाष लखोटिया : करदाता कैपिटल गेन अकाउंट के तहत बैंक में एक अकाउंट खोल सकते हैं। रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी में निवेश से होने वाले कैपिटल गेन बचाने के लिए ये अकाउंट फायदेमंद होता है। खत्म हुई कारोबारी साल में प्रॉपर्टी बेची है तो करदाता रिटर्न भरने से पहले अकाउंट जरूर खोलें।

कैपिटल गेन अकाउंट में निवेश एक साथ या किस्तों में भी किया जा सकता है। करदाता प्रॉपर्टी खरीदने के लिए जरूरी रकम कैपिटल गेन अकाउंट में जमा कर सकते हैं और प्रॉपर्टी की खरीद या घर बनाने के लिए खाते से किस्तों में पैसे निकाल सकते हैं। इनकम टैक्स एक्ट की धारा 54, 54बी, 54डी, 54एफ, 54जी के तहत स्कीम में पैसा जमा किया जा सकता है।


सीजीएएस के तहत करदाता दो तरह के अकाउंट खोल सकते हैं। कैपिटल गेन अकाउंट स्कीम की ए और बी टाइप के 2 तरह के अकाउंट होते हैं। टाइप ए के डिपॉजिट अकाउंट में जमा सभी रकम बचत के रुप में होती है। जमा रकम स्पेशल सेविंग्स में रखी जाएगी।

टाइप बी का डिपॉजिट अकाउंट टर्म डिपॉजिट जैसा होता है। इसमें रकम की लेन देन तय समय पर ही मुमकिन होती है। निवेशक टाइप बी के डिपॉजिट अकाउंट में पैसे क्युम्युलेटिव या नॉन क्युम्युलेटिव इंटरेस्ट में डाल सकते हैं। ये अकाउंट केवल एसबीआई और अन्य 28 बैंको में खुल सकता है।    


सवाल :  एक अंडर कंस्ट्रक्शन फ्लैट बेचकर दूसरी अंडर कंस्ट्रक्शन फ्लैट में निवेश पर क्या कैपिटल गेन टैक्स लगेगा?


सुभाष लखोटिया : अंडर कंस्ट्रक्शन फ्लैट 3 साल से पहले बेचने पर मिली रकम शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन कहलाएगी और दोबारा अंडर कंस्ट्रक्शन फ्लैट में निवेश करने पर भी छूट नहीं मिलेगी।  


सवाल :  एक फ्लैट बेचकर दूसरा फ्लैट बेटी के नाम पर खरीदना चाहते है। क्या कैपिटल गेन टैक्स लगेगा? 


सुभाष लखोटिया : अगर फ्लैट बेचकर मिला पैसा बेटी को ब्याज पर या गिफ्ट के तौर पर देना चाहेंगे तब भी आपको कैपिटल गेन टैक्स का भुगतान करना पड़ेगा। बेटी को वब्याज पर पैसे देने से बेटी को टैक्स छूट में जरूर फायदा मिलेगा। कैपिटल गेन टैक्स बचाने का सबसे अच्छा विकल्प यही होगा कि आप दोनों के नाम पर फ्लैट खरीदें।        


सवाल : इंटरनेट बैंकिंग से रिटर्न भरा। रिटर्न भरने में गड़बड़ी हो गई है इस गलती को कैसे सुधारें?  


सुभाष लखोटिया : आप रिटर्न में हुई गलती की बैंक को जानकारी दें। बैंक इस गलती को सुधार सकता है। अगर बैंक गलती नहीं सुधारे तो अपने असेसिंग ऑफिसर को जानकारी दें।    


सवाल : छूट क्लेम करने में हुई भूल कैसे सुधारें?


सुभाष लखोटिया : समय पर क्लेम का प्रमाण देना जरूरी है। टैक्स रिटर्न भरते समय ज्यादा कटे हुए टैक्स का रिफंड क्लेम करें।


सवाल : एनआरआई अगर एनआरआई बनने से पहले भारत में एफडी और पीपीएफ में निवेश करता है तो टैक्स की देनदारी कैसे होगी?


सुभाष लखोटिया : एनआरआई बनने से पहले बैंक एफडी में किए निवेश पर टैक्स लगेगा। एफडी का ब्याज इनकम में जोड़कर स्लैब के मुताबिक टैक्स लगेगा।          


अगर निवेशक बैंक में फॉर्म 15एच जमा करते है तो एफडी की इनकम पर अतिरिक्त टैक्स नहीं कटेगा। अगर बैंक ने पहले ही टैक्स काट लिया है और फिर भी टीडीएड काटते है तो रिफंड क्लेम करें। 


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