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टैक्स गुरू के साथ करें टैक्स समस्याओं का निदान

प्रकाशित Sat, 14, 2010 पर 15:50  |  स्रोत : Hindi.in.com

14 अगस्त 2010

सीएनबीसी आवाज़



सरकार ने इस बार आयकर भरने के लिये करदाताओं को 4 अगस्त तक की तिथि दी थी यानि हर साल से भी 4 दिन ज्यादा। पर फिर भी कुछ लोग ऐसे रह गये हैं जो कर समय से भरना भूल गये हैं और अब जानना चाहते हैं कि क्या वो अभी भी टैक्स रिटर्न फाइल कर सकते हैं।


सीएनबीसी आवाज़ पर टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया का कहना है कि अगर टैक्स रिटर्न भरने में देरी हो गयी है तो चिंता करने से कुछ नहीं होगा। अब आप के पास एक ही रास्ता बचता है कि आप देर से सही पर अपना टैक्स रिटर्न भर दें।


इस के लिये आयकर कानून में नियम हैं कि आप का जो भी कर बनता है उस पर महीनावार 1% का ब्याज आपको आयकर विभाग को देना होगा। देर से टैक्स भरने के लिये आप को आयकर विभाग क कुछ तो दण्ड देना ही होगा। पूरे टैक्स राशि पर सालाना 12% का ब्याज राथि आपको अतिरिक्त देना होगा।


अगर आप पहले ही अपने एम्पलॉयर को टैक्स दे चुके हैं और आप के पास कोई टैक्स की राशि बकाया नहीं है तो आप को घबराने की ज़रूरत नहीं है।




इस बार टैक्स गुरू ने होम लोन पर टैक्स छूट के बारे में बताया कि आयकर की धारा 50-सी के तहत अगर आपने कोई घर जमीन, प्रॉपर्टी और बिल्डिंग बेची है तो आप को इस पर कर देना होगा। खास बात ये है कि अगर इस की कीमत सर्किल रेट( जिस रेट पर स्टाम्प ड्यूटी का भुगतान किया गया) से कम भी हो तो भी आप को इस पर सर्किल रेट के हिसाब से ही टैक्स देना होगा।


इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि अगर आप ने कोई घर या जमीन 15 लाख रु में बेचा है और इस पर सर्किल रेट 18 लाख रु के हिसाब से आ रहा है तो आप को इसके सर्किल रेट के हिसाब से ही कैपिटल गेन टैक्स देना होगा।



अगर ये ज्यादा आ जाता है तो आप को आयकर विभाग में अधिकारी से बात करनी होगी। इस के बाद वो आप के मामले को वैल्यूएशन सेल में भेजेगा। अगर इस की कीमत ज्यादा आती है तो जांच के बाद आप के टैक्स की राशि घटा दी जायेगी।
 

अगर सरकार ने कृषि योग्य भूमि आप से ली है तो इस पर आयकर की धारा 10(37) के तहत टैक्स में आपको छूट मिल सकती है।



इसके अलावा एक और जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि आप किसी भी बैंक, आर्थिक संस्था, व्यक्ति से ऋण ले सकते हैं और आप को इस पर आयकर की धारा 54 के तहत 1.5 लाख तक के कर्ज पर कर में छूट मिल सकती है।



इस के साथ ही आप को इस बात का ख्याल रखना चाहिये कि आप को आयकर नियमों में किराय पर रहे हैं तो आप अपने एम्पलॉयर से एचआरए बेनेफिट ले सकते हैं।
 



अगर दो घर हैं और दोनों घर के लिये होमलोन ले रखें हैं तो भी आप आयकर में छूट के लिये आवेदन कर सकते हैं।



अक्सर टैक्स के रिफंड के बारे में लोगों के मन में ये सवाल होते हैं कि क्या इस पर भी टैक्स देने होता है। इस सवाल पर टैक्स गुरू का कहना था कि जब आयकर विभाग आपको देर से टैक्स रिफंड करता है तो इसके साथ वो आपको देर से रिफंड का ब्याज भी देता है। इस बात का खास ख्याल रखें कि टैक्स रिफंड पर मिला ब्याज आयकर कानून के तहत टैक्स के दायरे में आयेगा। आयकर विभाग ने आपके रिफंड के अतिरिक्त जो भी धन आपको दिया है, उस पर आयकर देना होगा।



टैक्स के बारे में आधारभूत बातों के बारे में टैक्स गुरू ने बताया कि आप को आयकर की धारा 80 सी के तहत 1 लाख रु तक के निवेश पर कर में छूट मिल सकती है। धारा 80 सीसीएफ के तहत आप इंफ्रा बॉण्ड में 20,000 रु तक के निवेश पर कर में छूट ले सकते हैं। इसके अलावा 80-डी के तहत मैडिकल पॉलिसी में 15,000 रु तक के निवेश पर कर में छूट ले सकते हैं।



अधिकांश वरिष्ठ नागरिक इस बात को जानना चाहते हैं कि क्या ब्याज से मिलने वाली आय पर आयकर कानून के तहत इस पर कर देना होगा। इस का उत्तर है कि बैंक के ब्याज से प्राप्त आय पर आप को कर देना होगा।
 



अगर आप ने ई-रिटर्न फाइल किया है और आप ने इसके साथ डिजिटल सिग्नेचर करके दिया है तो आप को बाद में विभाग को दस्तावेज साइन करके नहीं भेजना होगा।


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