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एचएनआई पर आयकर विभाग की नजर

प्रकाशित Sat, 18, 2013 पर 12:21  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

क्या आपकी इनकम 25 लाख रुपये से ज्यादा है? तो इस साल रिटर्न भरते वक्त अपने सारे एसेट्स की जानकारी देने के लिए तैयार रहिए। वित्त वर्ष 2013 के इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म में अब प्रोफेशनल को रिटर्न फॉर्म के साथ अपनी सारी संपत्ति का ब्यौरा देना भी जरूरी हो गया है।


इनकम टैक्स विभाग की नजर हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स की संपत्ति पर है। अगर आप सैलरीड कर्मचारी नहीं हैं और सालाना कमाई 25 लाख रुपये से ज्यादा है तो अपने रिटर्न फॉर्म के साथ शेड्यूल एएल भरने के लिए तैयार हो जाइए। लेकिन अगर आपकी इनकम सैलरी के अलावा प्रोपराइटरी बिजनेस या दूसरे प्रोफेशन से आती है और 25 लाख रुपये से ज्यादा है तो भी आपको शेड्यूल एएल भरना होगा। आईटीआर-3 और आईटीआर-4 भरने वालों को ये शेड्यूल एएल भरना होगा।


अब बताते हैं कि शेड्यूल एएल में आपको क्या जानकारी देनी है। अपनी अचल संपत्ति का ब्यौरा यानि आपके नाम कोई जमीन या बिल्डिंग है तो ये बताना होगा। साथ ही, चल संपत्ति जैसे बैंक अकाउंट, शेयर्स और सिक्योरिटीज, इंश्योरेंस पॉलिसी, लोन या एडवांस और कैश इन सबकी जानकारी शेड्यूल एएल में देनी होगी। इसके अलावा ज्वेलरी और सोने-चांदी का ब्यौरा, आर्टपीस कलेक्शन, कार, एयरक्रॉफ्ट और याट जैसे एसेट्स के बारे में भी बताना होगा। ये भी बताना होगा कि आपने ये एसेट्स कितने में खरीदे हैं।


जो टैक्सपेयर्स इस पेपरवर्क से बचने से खुश हैं, उन्हें बता दें कि टैक्स एक्सपर्ट के मुताबिक आगे जाकर सैलरीड कर्मचारी भी इस नियम के दायरे में लाए जा सकते हैं। क्योंकि ना सिर्फ सरकार को टैक्स वसूली बढ़ानी है, बल्कि ब्लैक मनी पर लगाम भी लगानी है।


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