टैक्स गुरु: कैसे भरें इनकम टैक्स रिटर्न -
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टैक्स गुरु: कैसे भरें इनकम टैक्स रिटर्न

प्रकाशित Sat, 25, 2013 पर 16:14  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

रिटर्न भरने की तारीख नजदीक आ रही है और ऐसे में आप किस तरह अपने आप को तैयार रखें। आइए जानते हैं टैक्स अदा करने में आने वाली दिक्कतों पर टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया की टिप्स।


सवाल : कैसे भरें इनकम टैक्स रिटर्न और रिटर्न भरने के क्या तरीके हैं?


सुभाष लखोटिया : करदाता 4  तरीके से आईटी रिटर्न भर सकते हैं। करदाता ट्रेडिशनली पेपर फॉर्म में रिटर्न फाइल कर सकते हैं। दूसरा डिजिटल सिग्नेचर के साथ ई-रिटर्न भर सकते हैं। साथ ही ई-रिटर्न फाइल करके वेरिफिकेशन फॉर्म आईटीआर वी बंगलुरू भेज सकते हैं या बारकोडेड रिटर्न भर सकते हैं हालांकि जो अभी प्रचलित नहीं है। जिनकी आय 5 लाख रुपये से ज्यादा है ऐसे सभी करदाताओं को ई-रिटर्न भरना जरूरी होगा।

ऐसे व्यक्ति जिनकी विदेश में संपत्ति है, जिनकी बिजनेस से इनकम है और टैक्स ऑडिट होता है वे सभी करदाता और कंपनियां डिजिटल सिग्नेचर के साथ ई-रिटर्न भर सकते हैं या फिर ई-रिटर्न भरकर वेरिफिकेशन फॉर्म आईटीआर वी बंगलुरु भेज सकते हैं। डबल टैक्सेशन रिलिफ क्लेम करने वाले करदाता, चैरिटेबल ट्रस्ट, शैक्षिक संस्थान और बाकी टैक्सपेयर्स के पास तो पेपर फॉर्म और ई-रिटर्न दोंनो तरह से रिटर्न भरने का विकल्प होता है।

टैक्स ऑडिट कराने वाले और कॉर्पोरेशन टैक्स पेयर के लिए इनकम टैक्स रिटर्न भरने की  आखिरी तारीख 30 सितंबर 2013 है। दूसरे करदाता, एचयूएफ और वरिष्ट नागरिकों के लिए अंतिम तारीख 31 जुलाई है।  


सवाल : 31 मार्च को ऑनलाइन रिटर्न भरा, इंटरनेट में खराबी से रिटर्न 1 अप्रैल को अपलोड हुआ क्या अब जुर्माना भरना होगा?


सुभाष लखोटिया : अगर आपका कोई टैक्स बकाया नहीं है तो देर से रिटर्न भरने पर जुर्माना नहीं लगेगा। 


सवाल : कारोबार की कुल बिक्री 40 लाख रुपये से कम और मुनाफा 8 फीसदी से कम है, फिर भी क्या ऑडिट जरूरी है? 


सुभाष लखोटिया : बिक्री 1 करोड़ रुपये से कम और मुनाफा 8 फीसदी से कम है तब भी आपको अकाउंट रखना होगा और ऑडिट करवाना होगा। तब भी आप रिटर्न भर सकते हैं।


सवाल : बैंक मुझे बीमारियों के उपचार के लिए जो रिइंबर्समेंट करती है क्या उसपर कोई टैक्स छूट है और अगर मैं टैक्स छूट लेना चाहता हूं तो उसकी क्या शर्ते हैं?  


सुभाष लखोटिया : बैंक रोगों के उपचार के लिए जो रिइंबर्समेंट करती है उसपर कोई टैक्स नहीं लगेगा। आईटी धारा 17 के तहत मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए मिलने वाले रिइंबर्समेंट को आप पार्क के तौर पर न लें। हॉस्पिटल चीफ कमिश्नर ऑफ मेडिसिन से प्रमाणित होना चाहिए। 


सवाल : इंश्योरेंस कंपनी से हमें 7,50,000 रुपये का क्रिटिकल इलनेस मिला है, क्या ये राशी  टैक्सेबल है?   


सुभाष लखोटिया : इंश्योरेंस कंपनी से मिली क्लेम की रकम पर कोई टैक्स नहीं लगता। 80डीडीबी के तहत टैक्स छूट मिल सकती है। टैक्स छूट लेने के लिए आप फॉर्म 80 आईए भरें।


सवाल : पुश्तैनी सोना बेचना चाहता हैं इस रकम से रेसिडेंशियल फ्लैट खरीदेंगे, टैक्स की देनदारी कैसे होगी?  


सुभाष लखोटिया : पुश्तैनी सोना बेचने पर मिली हुई रकम पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगेगा। लेकिन अगर आप सोना बेचकर मिली पूरी रकम का निवेश प्रॉपर्टी में करेंगे तो टैक्स नहीं लगेगा। पर ध्यान रखें कि सोना बेचकर हुए कैपिटल गेन्स पर छूट तभी मिलेगी जब आपके नाम पर एक ही प्रॉपर्टी होगी। 


सवाल : 1.75 लाख रुपये की एफडी है। करीब 18,000 रुपये ब्याज मिलेगा। क्या फॉर्म 15जी/एच भरकर टैक्स बचा सकते हैं? मैं 30 फीसदी के टैक्स स्लैब में आता हूं।


सुभाष लखोटिया : आप 30 फीसदी टैक्स स्लैब में आते है इसलिए फॉर्म 15जी/एच नहीं भर सकते। आप टैक्स कटने दें और जितना टैक्स बनता है उसमें से टीडीएस घटाएं।


सवाल : लकी ड्रॉ में कार जीता हूं। क्या सेक्शन 194बी के तहत टैक्स लगेगा। कितना टैक्स देना होगा?


सुभाष लखोटिया : इनाम में मिली कार पर सेक्शन 115बीबी के तहत 30 फीसदी के हिसाब से टैक्स लगेगा। आमतौर पर कंपनी इनाम देने से पहले ही टैक्स काट लेती है। अगर उन्होंने टीडीएस नहीं दिया है तो आप चालू वित्त वर्ष में एडवांस टैक्स भर दें। अगर कार पिछले साल मिली तो आपको पहले ही टैक्स भरना था। यदि टैक्स नहीं दिया हो तो आप टैक्स देकर रिटर्न भरें।      


सवाल : ट्रेडिंग के जरिए लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन हुआ है क्या इसे इनकम के साथ जोड़ सकते हैं? 


सुभाष लखोटिया : सभी इनकम के लिए एक ही इनकम टैक्स रिटर्न जमा करना होगा। शेयर में हुए लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स पर टैक्स नहीं लगेगा। लेकिन शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स पर 15 फीसदी टैक्स लगेगा।


सवाल : पत्नी को 15 लाख रुपये गिफ्ट करना चाहते हैं। इसके लिए क्या औपचारिकताएं हैं और कितना टैक्स लगेगा?


सुभाष लखोटिया :  पत्नी को गिफ्ट की गई रकम से हुई आय पति की कमाई में जुड़ेगी। पत्नी अगर गिफ्ट की रकम का निवेश टैक्स फ्री इंस्ट्रुमेंट में करें तो वो क्लबिंग ऑफ इनकम नहीं होगी। पत्नी का अलग अकाउंट होना जरूरी है।


सवाल : वित्त वर्ष 2012-13 में विदेश में काम किया और वहीं टैक्स चुकाया। क्या भारत में भी रिटर्न भरना होगा?


सुभाष लखोटिया : आप एनआरआई है तो विदेशी आय पर भारत में रिटर्न भरने की जरूरत नहीं है। अगर भारत में आय हो तो ही टैक्स भरना होगा।


सवाल : पीपीएफ अकाउंट का पैसा क्या बेटी को गिफ्ट कर सकते हैं?


सुभाष लखोटिया : आप पीपीएफ अकाउंट से सारा पैसा निकालकर बेटी को गिफ्ट कर सकते हैं। लेकिन टैक्स फ्री इनकम के लिए पीपीएफ अकाउंट को जारी रखना बेहतर होगा। बैंक से मिलने वाली ब्याज आय बेटी की आमदनी जाएगी। 2 लाख रुपये तक आमदनी पर टैक्स नहीं देना होगा। 


सवाल : दूसरे मकान पर क्या टैक्स छूट पा सकते हैं?  


सुभाष लखोटिया : दूसरे मकान पर टैक्स छूट नहीं मिलेगा। लेकिन अगर आप दूसरा मकान किराए पर देते है तो टैक्स छूट का फायदा मिलेगा।


सवाल : होम लोन के ब्याज और प्रिंसिपल पर टैक्स क छूट के साथ एचआरए क्लेम कर सकते हैं? किराए से हो रही आमदनी किसकी?   


सुभाष लखोटिया : होम लोन के ब्याज और प्रिंसिपल के भुगतान पर टैक्स छूट मिलेगा। मां को किराया दे रहे हैं इसलिए आप एचआरए क्लेम कर सकते हैं। घर का किराया आपकी मां की आमदनी मानी जाएगी।


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