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कैसी हो महिलाओं की फाइनेंशियल प्लानिंग

प्रकाशित Tue, 25, 2013 पर 13:20  |  स्रोत : Moneycontrol.com

आज हम महिलाओं की इन्वेस्टमेंट प्लानिंग और उससे जुड़े इन्वेस्टमेंट के मूलमंत्र बताएंगे। क्योंकि कामकाजी महिलाओं में 80 फीसदी से ज्यादा महिलाएं निवेश से जुड़े फैसले खुद नहीं लेती हैं। ये बात सामने आई है नीलसन के कराए एक सर्वे में, जो देश भर में वर्किंग वीमेन के बीच किया गया। सर्वे के मुताबिक ज्यादातर कामकाजी महिलाएं अपने पैसे के निवेश के लिए परिवार के सदस्यों, दोस्तों या फाइनेंशियल एडवाइजर्स पर निर्भर करती हैं।


इस सर्वे में देश भर से 4800 महिलाएं शामिल हुईं, जिनकी उम्र 21 से 60 साल के बीच थी। ये सर्व मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, बंगलुरू और चेन्नई में किया गया। इस सर्वे में पाया गया कि सिर्फ 18 फीसदी सिंगल वर्किंग वीमेन निवेश से जुड़े फैसले खुद करती हैं। शादीशुदा महिलाओं में ये तादाद और भी कम थी, जहां सिर्फ 13 फीसदी महिलाएं भी निवेश के मामले में आत्मनिर्भर पाई गईं।


सर्वे में ये बात भी सामने आई कि ज्यादातर महिलाएं निवेश में जोखिम लेने से बचती हैं और इसलिए वो अपना निवेश ज्यादातर फिक्स्ड रिटर्न इंस्ट्रूमेंट जैसे बैंक डिपॉजिट, लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी, सोने, पोस्ट ऑफिस डिपॉजिट और बॉन्ड में ही करती हैं।


आज योर मनी हमारी यही कोशिश है की महिलाओं को फाइनेंशियल प्लानिंग की तरफ थोडा जागरूक किया जाएं और उन्हे सही राह दिखाई जाएं। इस खास चर्चा में शामिल हो रहे हैं, ट्रांसेंड कंल्सटेंसी प्राइवेट लिमिटेड के सीएफपी कार्तिक झवेरी और फाइनेंशियल एडवाइजर अर्णव पंड्या।


सवाल : महिलाओं का फाइनेंशियल प्लानिंग के लिए इतना ज्यादा ज्ञान ना होना, इतनी दिलचस्पी ना दिखाने के पीछे वजह क्या है? आपको क्या लगता है? महिलाओं के लिए फाइनेंशियल प्लानिंग जरूरी क्यों है?


अर्णव पंड्या : आज महिलाओं के लिए निवेश के काफी सारे विकल्प मौजूद है। लेकिन कामकाजी महिलाओं में 80 फीसदी से ज्यादा महिलाएं निवेश से जुड़े फैसले खुद नहीं लेती हैं। ज्यादातर कामकाजी महिलाएं अपने पैसे के निवेश के लिए परिवार के सदस्यों, दोस्तों या फाइनेंशियल एडवाइजर्स पर निर्भर करती हैं। सिर्फ कुछ सिंगल वर्किंग वीमेन निवेश से जुड़े फैसले खुद करती हैं।

महिलाओं को घर के बजट के बारे में अच्छी जानकारी होती है। अगर महिलाएं घर के बजट को संभालकर बचे हुए पैसे सही जगह निवेश करती है तो अपने सभी लक्ष्य पूरे कर पाएंगी। लेकिन इसके लिए महिलाओं को निवेश में आत्मनिर्भर बनना जरूरी है।


सवाल : महिलाएं ज्यादा लॉन्ग टर्म इंवेस्टमेंट में दिलचस्पी रखती हैं, ऐसे में उन्हे किन बातों का ख्याल रखना चाहिए।


कार्तिक झवेरी : अगर महिलाएं लॉन्ग टर्म निवेश करती है तो उन्हें सबसे आसान, छोटा तरीका अपनाना चाहिए जिसमें किसी भी तरह का असंमजस ना हों। निवेश में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनना चाहिए और थोड़ी-सी रुचि दिखा कर अपने परिवार से या संबधित व्यक्ति से ज्यादा जानकारी लेनी चाहिए। 


सवाल : मेरी उम्र 36 साल है और मेरी आमदनी सालाना 4 लाख रुपये हैं। रिटायरमेंट के लिए मुझे कुछ म्यूचुअल फंड में 7000 रुपये निवेश करने हैं। मैं पहले ही हर महीने 3,000 रुपये निवेश कर रही हूं। इसके अलावा लंबी अवधि के लिए एक गोल्ड फंड भी चाहिए। मेरे पास हेल्थ इंश्योरेंस प्लान नहीं है। मैं फैमिली फ्लोटर लूं या इंडिविज्युअल प्लान लूं?


भाई के फैमिली फ्लोटर में माता-पिता कवर हैं। मेरे पास 25 लाख रुपये का टर्म कवर है। मैं एलआईसी जीवन आनंद में सालाना 13,500 रुपये का प्रीमियम भरती हूं और पीपीएफ में 3 लाख रुपये निवेश किए हैं। 3 साल में घर का डाउन पेमेंट के लिए 5 लाख रुपये चाहिए। कैसे करूं अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग? 


कार्तिक झवेरी : परिवार आप पर निर्भर नहीं है इसलिए आपको लाइफ कवर की जरूरत नहीं हैं। लेकिन यदि कभी आप लोन लें तो उतनी रकम के बराबर टर्म प्लान भी लें। 3 साल में 5 लाख रुपये चाहिए तो इसके लिए आपको हर महीने 12,500 रुपये लगाने होंगे। आपको अपने लिए इंडिविज्युअल हेल्थ पॉलिसी लेनी चाहिए या आप भाई की फ्लोटर पॉलिसी में भी खुद को जोड़ सकती हैं। घर खरीदने के बाद आप म्यूचुअल फंड में निवेश बढ़ाएं।


सवाल : मेरी उम्र 22 साल है। दिसंबर 2011 से मैंने हर महीने एचडीएफसी टॉप 200 में 500 रुपये, एचडीएफसी बैलेंस्ड ग्रोथ फंड में 1000 रुपये लगाना शुरु किया है। क्या मैं हर महीने और 2000 रुपये लगा सकती हूं। मैंने चुने हुए फंड्स कैसे हैं?


कार्तिक झवेरी : आपने अच्छे फंड में निवेश किया है। आप इन फंड्स में बने रहें। आप अपना और 2000 रुपये का निवेश एचडीएफसी टॉप 200 में ही बढ़ा सकती हैं। एचडीएफसी टॉप 200 इस फंड का प्रदर्शन लगातार अच्छा रहा है। 


सवाल : मेरी उम्र 28 साल है और मेरी मसिक आय 15,000 रुपये है। पूरी सैलरी निवेश कर सकती हूं। अब तक कोई वित्तीय लक्ष्य नहीं है। करीब 1 लाख रुपये शेयर बाजार में डाले हैं। 10 ग्राम सोना भी खरीदा है। रिलायंस इक्विटी ऑपर्च्युनिटीज, आईडीएफसी स्टरलिंग इक्विटी में हर महीने 1000 रुपये की एसआईपी करती हूं और हाल ही में पीपीएफ अकाउंट भी खोला है। मै कहां निवेश कर सकती हूं?   


कार्तिक झवेरी : आप जितनी बचत कर रही हैं उतना पैसा म्युचुअल फंड में डाल सकते हैं। 50 फीसदी निवेश आप डाइवर्सिफाइड स्कीमों में डालें और बाकी 25-25 फीसदी रकम मिडकैप और सेक्टोरल स्कीमों में डालें। अगर आप उतार-चढ़ाव से बचना चाहती हैं तो बैलेंस्ड फंड चुनें। अभी आपको लाइफ इंश्योरेंस की जरूरत नहीं है। आप अपने लिए एक इंडिविज्युअल हेल्थ कवर ले सकती हैं और माता-पिता, भाई-बहनों को भी कवर करना है तो फैमिली फ्लोटर ले सकती हैं।

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