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निवेश विकल्पों पर एक नजर

प्रकाशित Wed, 18, 2010 पर 16:26  |  स्रोत : Hindi.in.com

18 अगस्त 2010

सीएनबीसी आवाज़


 


 


हम आपको निवेश के अलग अलग विकल्पों और उनके फायदे-नुकसान के बार में जानकारी दे रहे हैं।


 


 


1. बचत खाता

बचत खाते का इस्तेमाल छोटी अवधि के लिए पैसों को रखने के लिए करना चाहिए। बचत खातों पर कम ब्याज मिलता है।


 


 


2. मनी मार्केट फंड्स (लिक्विड फंड्स)



मनी मार्केट फंड्स में निवेश करने से आपको ज्यादा रिटर्न मिलता है। साथ ही, जब चाहे तब पैसे निकालने की सहूलियत भी होती है। मनी मार्केट फंड्स खास तरह के म्यूचुअ फंड होते हैं, जिनमें पैसा छोटी अवधि के लिए निवेश किया जाता है। हालांकि, इससे मिलने वाला रिटर्न फिक्स्ड डिपॉजिट के मुकाबले कम होता है।


 


 


 


3. फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी)



फिक्स्ड डिपॉजिट 6 से 12 महीने के निवेश के लिए बेहतर विकल्प है। फिक्स्ड डिपॉजिट की अवधि 30 दिनों से शुरू होती है। 6 महीने से कम अवधि के एफडी पर मनी मार्केट फंड से कम रिटर्न मिलता है। एफडी में निवेश करने से पहले सोच लेना चाहिए कि कितने समय के लिए आपको पैसों की जरूरत नहीं होगी। क्योंकि, समय से पहले एफडी से पैसे निकालने पर आपको पेनल्टी देनी पड़ेगी।


 


 


 


4. डाकघर बचत खाता



डाकघर बचत खातों में एफडी से ज्यादा रिटर्न मिलता है। साथ ही, आपको हर महीने निवेश पर आय पाने का भी विकल्प डाकघर बचत खातों के साथ मिलेगा। ये विकल्प रिटायर्ड लोगों के लिए अच्छा रहता है। भरोसेमंद होने के साथ साथ डाकघर बचत खातों से मिलने वाले रिटर्न पर टैक्स नहीं देना पड़ता है।


 


 


डाकघर बचत खातों के साथ नैशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट, नैशनल सेविंग्स स्कीम, किसान विकास पत्र, जैसे विकल्प भी मिलते हैं।


 


 


5. पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (पीपीएफ)



पब्लिक प्रॉविडेंट फंड छोटे निवेशकों के लिए अच्छा विकल्प है क्योंकि-

- पीपीएफ पर आयकर घटाने के बाद 11 फीसदी की दर से रिटर्न मिलता है।

- पीपीएफ में साल में किए गए निवेश की राशि के 20 फीसदी हिस्से के बराबर (60,000 रुपये तक) की टैक्स छूट मिलती है।

- पीपीएफ में निवेश करने में जोखिम ना के बराबर होता है।


 



पीपीएफ में निवेश किया गया पैसा आप 7 साल के बाद ही निकाल सकते हैं। अगर आपको बीच में पैसा निकालने की जरूरत न हो तो पीपीएफ निवेश का अच्छा विकल्प है।


 


 


6. कंपनी फिक्स्ड डिपॉजिट



कंपनी फिक्स्ड डिपॉजिट के जरिए कंपनियां छोटे निवेशकों से पैसा जुटाती हैं। अगर आप 1 साल से ज्यादा अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो कंपनी फिक्स्ड डिपॉजिट अच्छा विकल्प है। कंपनी फिक्स्ड डिपॉजिट से समय से पहले पैसे नहीं निकाले जा सकते हैं।


 


 


कंपनी फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश जोखिम होता है। क्योंकि, गैर-वित्तीय कंपनियों के लिए कंपनी फिक्स्ड डिपॉजिट की क्रेडिट रेटिंग लेना जरूरी नहीं है। इसलिए निवेश से पहले कंपनी फिक्स्ड डिपॉजिट को जांच-परख लें।


 


 


7. बॉन्ड और डिबेंचर्स



कंपनी फिक्स्ड डिपॉजिट के अलावा बॉन्ड्स और डिबेंचर्स के जरिए कंपनियां पैसा जुटाती हैं। बॉन्ड्स और डिबेंचर्स में निवेश करने से आपको कैपिटल गेन पर कुछ टैक्स छूट मिलती है। लेकिन, बड़ी रकम का निवेश करते वक्त बॉन्ड्स और डिबेंचर्स से दूर रहना ठीक रहेगा।


 


 


 


8. म्यूचुअल फंड्स



म्यूचुअल फंड्स में कई निवेशकों का पैसा इकट्ठा करके शेयर, बॉन्ड खरीदे जाते हैं, जिनपर मिला रिटर्न निवेशकों में बांटा जाता है।


 



म्यूचुअल फंड में निवेश के फायदे-

- पेशेवर निवेश सलाहकार की सेवाएं मिलती हैं।

- कम पैसा लगाकर आप कई तरह के निवेश का फायदा उठा सकते हैं।


 


 


 


9. जीवन बीमा



जीवन बीमा पॉलिसी को निवेश के तौर पर नहीं खरीदना चाहिए। पॉलिसी का प्रीमियम में रिटर्न के साथ मौत का मुआवजा और कमीशन जैसे कई खर्चे जोड़े जाते हैं। ऐसे में निवेश के लिए खरीदी गई जीवन बीमा पॉलिसी महंगी पड़ती है।


 


 


अगर आपको निवेश के साथ बीमा भी कराना है, तब ही जीवन बीमा पॉलिसी खरीदें।


 


 


10. इक्विटी शेयर



इक्विटी शेयर में निवेश फायदेमंद तब ही होता है जब पैसा लंबी अवधि के लिए लगाया जाए। अगर आप के पास कम से कम 5 साल का वक्त है तो आप शेयर में निवेश कर सकते हैं। इक्विटी में निवेश करने के दो तरीके हैं-



- शेयर बाजार से शेयर खरीदे जाएं।

- पब्लिक इश्यू आने पर शेयरों के लिए आवेदन किया जाए।


 



लेकिन, इक्विटी में निवेश के साथ सबसे ज्यादा जोखिम जुड़ा होता है।