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आईटी रिटर्न भरते समय क्या रखें ध्यान

प्रकाशित Thu, 11, 2013 पर 09:47  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

रिटर्न भरने की डेडलाइन करीब आ रही है। ऐसे में कई छोटी-बड़ी बातें हैं जो आपको परेशान कर रही होंगी, लेकिन इस परेशानी को दूर करने के लिए टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया ने ऐसी बातें बताईं जो हमें रिटर्न भरते वक्त ध्यान रखनी चाहिए।


आईटी रिटर्न भरते वक्त सबसे जरूरी है कि फॉर्म में सही नाम लिखें। सही पैन कार्ड नंबर लिखें और टीडीएस सही से भरा जाना चाहिए। अगर आपका टैक्स बकाया हो तो जमा कर दें और सबसे आखिर में अपने फॉर्म में दस्तखत जरूर करें।


आईटी रिटर्न सही से भरने के लिए सही आईटी रिटर्न फॉर्म चुनें। इसमें डिडक्शन ठीक से क्लेम करना चाहिए। अपनी कुल आय का आंकड़ा निकाल लें और बैंक स्टेटमेंट जरूर लें। इसके अलावा एफडी और बचत खाते का ब्यौरा जरूर लें। 10,000 रुपये तक का बचत खाता ब्याज टैक्स फ्री है और आप धारा 80टीटीए का लाभ जरूर लें।


5 लाख रुपये से ज्यादा की आय वालों के लिए इस साल ई रिटर्न भरना अनिवार्य है। ई- रिटर्न के दायरे में कई नए टैक्सपेयर शामिल होंगे जो अभी तक पेपर रिटर्न भर रहे थे। पहली बार ई-रिटर्न भरनेवालों के लिए सलाह है कि वो सरकारी वेबसाइट या किसी प्राइवेट वेबसाइट से रिटर्न भर सकते हैं। लेकिन डिजिटल सिग्नेचर के साथ ई-रिटर्न समय पर भरें।


अगर डिजिटल सिग्नेचर के साथ ई-रिटर्न नहीं भरा तो करदाता आईटीआर-5 फॉर्म भरें। 120 दिन के अंदर आईटीआर-5 फॉर्म भरकर सीपीसी बेंगलुरू भेज दें। ई-रिटर्न के पासवर्ड अपने पास ध्यान से रखें।


आमतौर पर हम सोचते हैं कि जब टैक्स कट ही गया है तो रिटर्न भरने की क्या जरूरत है। लेकिन हमारे टैक्स गुरु कहते हैं टैक्स पेएबल नहीं है उसके बावजूद भी रिटर्न भरना जरूरी है। 2 लाख रुपये से ज्यादा इनकम वालों के लिए रिटर्न भरना जरूरी है।


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