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कैसे दूर करें टैक्स रिटर्न से जुड़ी उलझन

प्रकाशित Sat, 13, 2013 पर 14:41  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

रिटर्न भरने की आपकी तैयार को और पुख्ता बनाने के लिए जानिए टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया की टिप्स।


सवाल : ई-रिटर्न भरते वक्त किन बातों का ख्याल रखना चाहिए और कैसे भरें?  


सुभाष लखोटिया : 5 लाख रुपये से ज्यादा इनकम वालों के लिए ई-रिटर्न भरना अनिवार्य है। अगर आप पहली बार रिटर्न भर रहे है तो डिटेल्स ध्यान से भरें। करदाता किसी भी तरीके से रिटर्न फाइल कर सकते हैं। लेकिन बेहतर होगा अगर आप खुद रिटर्न फाइल करें। सरकार वेबसाइट पर रिटर्न भरना नि:शुल्क होता है।


करदाता incometaxindia.gov.in या incometaxindiaefiling.gov.in पर जाकर टैक्स फाइल कर सकते हैं। इसके अलावा टीआरपी की मदद से भी रिटर्न फाइल कर सकते हैं। टीआरपी यानी टैक्स रिटर्न प्रिपेयरर। टैक्स रिटर्न प्रिपेयरर काफी कम चार्ज पर टैक्स रिटर्न भरने में मदद करते हैं। अगर किसी वेबसाइट की मदद से रिटर्न फाइल कर रहे हैं तो पहले आप चार्ज पता करें।


अगर आप ई-रिटर्न सीए, टीआरपी या किसी की भी मदद से भर रहे हैं तो पहले फीस तय कर लें। 250 रुपये देकर सिर्फ इंडिविज्युअल या एचयूएफ टीआरपी की मदद ली जा सकती है। पहली बार ई-रिटर्न भरने वालों को पहले देखना चाहिए कि कौन-सा रिटर्न फॉर्म आपको भरना है और ध्यान रखें है कि डिजिटल सिग्नेचर के साथ ई-रिटर्न समय पर भरें। अगर डिजिटल सिग्नेचर के साथ ई-रिटर्न नहीं भरा तो करदाता को 120 दिन के अंदर आईटीआर-वी फॉर्म भरकर सीपीसी, बंगलुरु भेजना होगा।


जिनकी एक्जेंप्टेंड इनकम 5 हजार रुपये से ज्यादा है उन्हें फॉर्म नंबर 1 नहीं भरना चाहिए बल्कि फॉर्म नंबर 2 भरना जरूरी होगा। इसकी जानकारी आपको इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म नंबर 1 ही मिलेगी। आप एक्जेंप्टेड इनकम के कॉलम को ध्यान से पढ़ें।


अगर 31 जुलाई 2013 तक रिटर्न नहीं भर पाएं तो कोई चिंता की बात नहीं है। 31 जुलाई के बाद भी रिटर्न भर सकते हैं। लेकिन हर महीने 1 फीसदी के हिसाब से पीनल इंटरेस्ट देना पड़ेगा और बकाए टैक्स पर ब्याज जोड़ कर टैक्स देना पड़ेगा। जिनका लॉस हुआ है और टैक्स समय पर नहीं भरा तो लॉस कैरी फॉरवर्ड नहीं होगा।    


सवाल : इनकम टैक्स रिटर्न जमा करते समय गलत पॅन नंबर लिख दिया था जिससे किसी और के नाम पर चालान बना। इस गलती को कैसे सुधारें? 


सुभाष लखोटिया : आप अपने आयकर अधिकारी को पत्र लिखकर जानकारी दें। आयकर अधिकारी के सुधार करने के बाद ही सही जानकारी दर्ज होगी।    


सवाल : पिता रिटायर्ड है, पेंशन नहीं मिलती, एफडी और पोस्ट ऑफिस सेविंग्स स्कीम के ब्याज के साथ डिविडेंड से इनकम है। कौन-सा रिटर्न भरें और क्या जानकारी दें? 


सुभाष लखोटिया : आप पिताजी के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म नंबर 2 भरें। अन्य स्त्रोत से आय के कॉलम में ब्याज की जानकारी दें और सेविंग्स बैंक खाते के ब्याज पर 10 हजार की छूट क्लेम करें। डिविडेंड इनकम को एक्जेंप्टेड इनकम के कॉलम में लिखें।  


सवाल : पिताजी के सेवानिवृत्ती लाभ पर टैक्स की देनदारी कैसे बनती है? 


सुभाष लखोटिया : पिता को आईटीआर 2 भरना होगा। एक्जेंप्टेड इनकम की जानकारी ई1 में दें। कृषि आय या एक्जेंप्टेड इनकम 5 हाजार से ज्यादा होने पर आईटीआर नहीं भर सकते हैं।  

सवाल :
मेरी सालाना आय 2 लाख रुपये तक है, वित्त वर्ष 2011-12 और वित्त वर्ष 2012-13 में कोई टैक्स नहीं दिया अब मैं रिटर्न भरना चाहती हूं, कौन सा फॉर्म भरूं क्या जुर्माना देना होगा?  


सुभाष लखोटिया : आप आईटीआर 4एस भर सकते हैं। टीडीएस नहीं कटा है तो जो भी टैक्स बकाया है वो देना होगा। आपको देर से रिटर्न भरने पर जुर्माना नहें देना पड़ेगा क्योंकि आपकी इनकम इग्ज़ेम्शन लिमिट से कम है। बचा हुआ टैक्स और उस पर पेनल्टी दें, फिर रिटर्न भरें।  सैलरी के अलावा प्रोफेशनल सर्विस से भी आय हो तो इनकम टैक्स रोटर्न फॉर्म नंबर 4 भरना होगा।
 
सवाल : सालाना आय 6 लाख रुपये है। हाउस रेंट या कोई और भत्ता नहीं मिलता है। फॉर्म 26एएस के कॉलम से 6 लाख रुपये लिखा था। क्या आईटीआर 1 भरते वक्त सैलरी से इनकम में क्या 6 लाख रुपये लिखें या 4 लाख रुपये लिखें?


सुभाष लखोटिया : इनकम टैक्स भरते वक्त इनकम 6 लाख रुपये ही लिखना होगा। छूट की राशि को कुल आय से कम कर नहीं लिखें। टैक्स निकालते वक्त ही छूट की रकम को घटाना चाहिए। 


सवाल : वित्त वर्ष 2013-14 में एसटीसीजी के तौर पर 10 हजार और इंट्राडे में 1900 रुपये का मुनाफा हुआ, आईटीआर 4 की जगह आईटीआर 2 भरा, क्या ये सही हैं? 


सुभाष लखोटिया : इंट्राडे से हुई आया स्पेक्युलेटिव इनकम मानी जाएगी। इसलिए आपको आईटीआर 4 भरना होगा।


सवाल : एलटीए पर टैक्स छूट का फायदा कैसे ले सकते हैं?   


सुभाष लखोटिया : एलटीए यानि लीव ट्रैवल अलाउंस। लीव ट्रैवल अलाउंस से जुड़ी टैक्स छूट कंपनी से लेनी चाहिए। अगर कंपनी को जानकारी देना भूल गए हैं तो रिटर्न भरते वकत क्लेम कर सकते हैं।   
 
सवाल : सैलरी से इनकम 2.5 लाख रुपये है और बैंक ब्याज से 15 हजार रुपये मिलते हैं, कौन-सा रिटर्न फॉर्म भरूं?    


सुभाष लखोटिया : आप आईटीआर फॉर्म नंबर 1 भर सकते हैं। धारा 80टीटीए के तहत ब्याज पर 10 हजार रुपये का टैक्स छूट क्लेम कर सकते हैं।


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