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रिटर्न फाइल की प्रक्रिया को कैसे बनाएं आसान

प्रकाशित Sat, 24, 2013 पर 16:01  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

इनकम टैक्स आप भले ही हर साल देते हो, लेकिन इससे जुड़ी कई चीजें अक्सर आपको पता नहीं होती या फिर सही समय पर सही सलाह नहीं मिल पाती, ऐसे में ऐन वक्त पर रिटर्न फाइल करने में होने वाली जद्दोजेहद से बचने के लिए और रिटर्न फाइल करने की प्रकिया को आसान बनाने के लिए जानेंगे टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया की सलाह।    


सवाल : परिवार में तीन सदस्यों के नाम पर अलग-अलग प्लॉट खरीद लिए हैं और इस प्लॉट की कीमत 28 लाख रुपये से ज्यादा नहीं है। ऐसे में वेल्थ टैक्स तो नहीं देना पड़ेगा?


सुभाष लखोटिया : परिवार में तीन सदस्यों के नाम पर अलग-अलग प्लॉट खरीदने के बावजूद छूट सिर्फ एक प्लॉट पर ही मिलेगी। पत्नी के नाम पर प्लॉट होने पर करदाता की जायदाद में प्लॉट की वैल्यू जुड़ेगी। वहीं नाबालिक बच्चे के नाम पर लॉट भी करदाता की जायदाद में जुड़ेगा। हर सदस्य अगर अपनी कमाई से प्लॉट खरीदता है तो वेल्थ टैक्स से छूट का फायदा मिलेगा। नाबालिग के नाम पर प्लॉट उसके बालिग होने तक ही माता-पिता की जायदाद में जुड़ेगा।


सवाल : पत्नी के नाम पर प्लैट है क्या पत्नी को किराया चुका कर एचआरए क्लेम कर सकते हैं? इसके अलावा अगर मैं अपने पत्नी के अकाउंट में कुछ रकम डालता हूं तो क्या उसपर टैक्स की देनदारी होगी?


सुभाष लखोटिया : पत्नी घर की मालिक हो तो आप पत्नी को किराया दे सकते हैं। पत्नी को दिए किराए पर आपको एचआरए की टैक्स छूट का फायदा मिलेगा। पत्नी को पैसे ट्रांसफर करने पर टैक्स नहीं लगेगा। लेकिन अगर पत्नी को मिली रकम से आमदनी होती है तो टैक्स देना होगा?


सवाल : ज्वेलरी बेचकर मिली रकम का निवेश अगर प्लॉट खरीदने में किया जाएं तो क्या कैपिटल टैक्स की देनदारी बनेगी और प्लॉट की गाइडलाइन वैल्यू का निवेश से क्या संबध है?  


सुभाष लखोटिया : ज्वेलरी बेचकर मिली रकम का निवेश प्लॉट में जरूर किया जा सकता है। प्लॉट खरीदने के लिए न्यूनतम निवेश को गाइडलाइन वैल्यू कहा जाता है। गाइडलाइन वैल्यू से ज्यादा कीमत देकर प्लॉट खरीदने से कोई दिक्कत नहीं होगी। लेकिन कैपिटल गेन्स नियमों का फायदा उठाने के लिए प्लॉट खरीदकर मकान बनाना जरूरी है।  


सवाल : बैंक डिपॉजिट पर टीडीएस ना कटे इसके लिए क्या करें?


सुभाष लखोटिया : धारा 194ए के तहत अगर 10,000 रुपये से ज्यादा ब्याज मिल रहा है तो बैंक टीडीएस काटेगा। लेकिन धारा 29सी के तहत करदाता बगैर टैक्स कटौती के ब्याज क्लेम कर सकते हैं। टैक्स न कटें इसलिए एचयूएफ फॉर्म 15जी जमाकर सकते हैं। वहीं वरिष्ट नागरिक भी टीडीएस न कटे इसलिए फॉर्म 15एच भर सकते हैं।


सवाल : पेंशन पर टीडीएस कटा है लेकिन जो टीडीएस कटा है, उसे फॉर्म 26एस में नहीं दिखाया है और अभी आईटी रिटर्न भरना है, क्या करें?


सुभाष लखोटिया : टीडीएस सर्टिफिकेट देना जरूरी है। जहां टीडीएस कटा है वहां से आप को सर्टिफिकेट लेना चाहिए। टीडीएस सर्टिफिकेट नहीं मिला तो आप कंपनी को पत्र लिखकर इसे हासिल करें। यदि कंपनी से भी कोई जवाब नहीं मिले तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को जानकारी दें। 
 
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