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सही बजट से करें मंदी का मुकाबला

प्रकाशित Sat, 07, 2013 पर 13:51  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

जब मंदी आती है तो अपने साथ बहुत सारी मुश्किलें लेकर आती है। जॉब कट या सैलरी कट जैसी बातें मंदी के वक्त बहुत सुनने को मिलती हैं। लेकिन, अगर आप सही स्ट्रैटेजी बनाकर चलें तो इन मुश्किलों से आसानी से निपट सकते हैं। बस जरूरत है सही बजट बनाने की, क्योंकि आपका बजट देता है आपके खर्चों और बचत को सही दिशा। योर मनी के इस खास सीरीज में दिग्गज फाइनेंशियल प्लानर बता रहे हैं कि बजट बनाना क्यों जरूरी होता है और कैसे बनाना चाहिए अपना बजट।


वाइज इन्वेस्ट एडवाइजर्स के सीईओ, हेमंत रुस्तगी का कहना है कि घर का बजट आमदनी और खर्चों का लेखा-जोखा होता है। बजट बनाने से आमदनी और खर्चों में तालमेल बिठाना और बचत करना आसान हो जाता है। खर्चों का हिसाब लगाकर हम आसानी से अपने खर्चों में कटौती कर सकते हैं। बजट बनाने से पहले बचत फिर खर्च करना आसान होता है।


बजट बनाने से हम अपने फिजूल खर्च कम कर सकते हैं। गैर जरूरी खर्चों पर नजर रखकर बजट के अनुसार कटौती कर सकते हैं। खर्चे काबू में रहेंगे तो वित्तीय लक्ष्यों के लिए बचत हो सकती है और जब मंदी में आमदनी नहीं बढ़ती तब खर्च घटाने में भी मदद मिलेगी। इसलिए हर व्यक्ति को अपने खर्चों की सूची बनानी चाहिए। अपनी आमदनी का कितना हिस्सा खर्च होता है और कितना हिस्सा निवेश होता है इसकी जानकारी रखनी चाहिए। साथ ही अपने अन्य खर्चों के लिए अलग फंड बनाए रखना चाहिए। 

फाइनेंशियल प्लानर अर्नव पंड्या का कहना है कि बजट बनाने के लिए हमें सारे खर्चों की लिस्ट तैयार करनी चाहिए जिसमें राशन, बिजली और पानी का बिल, टेलीफोन बिल, घूमना-फिरना, शॉपिंग जैसी चीजों का खर्च साफ-साफ लिखना जरूरी होता है। क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड से किया गया खर्च भी जरूर जोड़ना चाहिए। शॉपिंग करते वक्त दुकानदार से बिल जरूर मांगना चाहिए ताकि हमें खर्च लिखने में आसानी हो।

खर्च तय करते वक्त अपने आमदनी का हिसाब जरूर रखना चाहिए। हर महीने की बचत खर्च से पहले अलग कर ले तो उचित होगा। नियमित आय को डिविडेंड और बोनस जैसी अनियमित आय से अलग रखना चाहिए। बजट बनाने के बाद देखें कि कटौती कहां की जा सकती है। बजट कुछ महीने पहले ही तैयार कर लें और इसमें जरूरत के मुताबिक बदलाव करते रहें।

अर्नव पंड्या के मुताबिक महंगाई से निपटने के लिए हमें ज्यादा बचत करनी चाहिए और साथ ही आमदनी बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए। इसलिए अपने सारे खर्चों का हिसाब-खिताब रखकर अपने खर्चों में कटौती करनी चाहिए। बाहर खाना कम करें और महीने में चार के बजाय दो बार जाएं। ट्रैवलिंग खर्च में कटौती करके ज्यादा से ज्यादा पब्लिक ट्रांसपोर्ट से सफर करके बचत कर सकते हैं। मनोरंजन और शॉपिंग से जुड़े खर्चों में कमी कर सकते हैं।


हम सेल में शॉपिंग करके और सेल में मिलने वाले ऑफर्स का फायदा उठाकर थोड़ी बचत कर सकते हैं। लेकिन जितनी जरूरत हो उतना ही खरीदना चाहिए। एक ही ब्रांड से चिपके न रहकर सस्ते ब्रांड भी लेकर देखना चाहिए। मौसमी सब्जियां खरीदनी चाहिए जो आम तौर पर सस्ती होती हैं। बाहर खाते वक्त ऑर्डर देने से पहले रेट लिस्ट पर नजर डाले और ज्यादा महंगी चीजें ऑर्डर करने से बचें। इसतरफ खाने-पीने का खर्च कई महीने कंट्रोल करने पर ही असर दिखेगा।


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