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टैक्स गुरु: जानिए टैक्स बचत के गुरु मंत्र

प्रकाशित Sat, 07, 2013 पर 15:56  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया से जानेंगे टैक्स बचाने के कुछ ऐसे गुरु मंत्र जिससे आप वक्त से पहले अपना टैक्स बचाकर हासिल कर सकते किस्मत से ज्यादा।


सवाल : ट्रैवल कन्सेशन को सही तरीके से कैसे क्लेम कर सकते हैं और एलटीसी स्कैम से कैसे बचें?


सुभाष लखोटिया : लीव ट्रैवल कन्सेशन का लाभ सभी वर्ग के वेतनभोगी कमर्चारी ले सकते हैं। लीव ट्रैवल कन्सेशन की छूट उन कर्मचारियों पर भी लागू होती है जो नौकरी से निकाल दिए गए हैं। धारा 10(5) के तहत नौकरीपेशा लोग एलटीसी क्लेम कर सकते हैं। एलटीसी पर टैक्स छूट कर्मचारी के साथ पत्नी, बच्चे, माता-पिता और भाई-बहन पर किए गए खर्च पर भी लागू हैं। वहीं लीव ट्रैवल कन्सेशन सिर्फ 2 बच्चों के लिए ही मिलती है। एलटीसी पर टैक्स छूट सिर्फ भारत में सफर करने पर विदेश यात्रा के खर्च पर मिलती है। एलटीसी पर टैक्स छूट 4 सालों में 2 बार मुमकिन है।


हवाई यात्रा करने पर सबसे छोटे रूट से इकोनॉमी क्लास के किराए की छूट ले सकते हैं। ट्रेन से सफर करने पर सबसे छोटे रूट का एसी फर्स्ट क्लास का किराया मिलेगा। अगर बस से यात्रा कर रहे हैं तो कन्सेशन फर्स्ट क्लास या डीलक्स किराया पर छूट मिलेगी। लेकिन याद रखें कि छूट सिर्फ सबसे छोटे ट्रैवल रूट के लिए मिलती है ।


सवाल : सास अपनी बहू को प्रॉपर्टी गिफ्ट देना चाहती है। इस पर टैक्स की देनदारी कैसे बनेगी?


सुभाष लखोटिया : सास अपनी बहू को गिफ्ट दे सकती है। गिफ्ट के तौर पर अचल संपत्ति या नकदी दी जा सकती है। लेकिन क्लबिंग प्रावधान का ध्यान रखें। गिफ्ट में मिली चल-अचल संपत्ति से हुई इनकम गिफ्ट देने वाले की इनकम में जुड़ेगी। कैंसलेशन डीड के जरिए गिफ्ट खारिज किया जा सकता है। 


सवाल : नगरपालिका के दायरे के पास आने वाली खेती की जमीन बेचना चाहता हूं, जमीन सर्किल रेट से कम कीमत में बेचनेवाला हूं और अच्छी खासी कीमत मिलने वाली है। टैक्स की देनदारी क्या होगी?


सुभाष लखोटिया : पुश्तैनी कृषि जमीन बेचने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स लगता है। आईटी कानून की धारा 49 के तहत जमीन की खरीद कीमत तय होगी। सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त वैल्युअर जमीन की कीमत बताएगा। 1 अप्रैल 1981 को जमीन की जो कीमत होगी, वही आपकी खरीद कीमत मानी जाएगी। आपको इसमें कॉस्ट इंफ्लेशन इंडेक्स का फायदा मिल सकता है। सर्किल रेट से कम पर जमीन बेचने पर भी सर्किल रेट को ही आधार माना जाएगा। इनकम टैक्स के वैल्यूएशन ऑफिसर भी जमीन की कीमत तय कर सकते हैं। 


सवाल : 13 साल के बेटे को बिजली का झटका लगने के बाद शारीरिक क्षति के लिए मुआवजा मिला है। इस मुआवजे की रकम पर क्या पिता को टैक्स देना होगा या फिर बेटे को टैक्स रिटर्न फाइल करना होगा?


सुभाष लखोटिया : मुआवजे की रकम को इनकम नहीं माना जाएगा। पिता और बेटे में से किसी को टैक्स नहीं देना है। आईटी रिटर्न में भी मुआवजे की रकम को दिखाने की जरूरत नहीं है।


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