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एफएमपी, इक्विटी में निवेश करने का सही वक्त

प्रकाशित Fri, 20, 2013 पर 12:43  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

आरबीआई ने रेपो रेट में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी की है। वहीं, बैंक रेट 0.75 फीसदी घटाया है। दिग्गज जानकार बता रहे हैं कि अब निवेशकों को पॉलिसी के बाद अपने पोर्टफोलियो में क्या बदलाव करना चाहिए।


प्रभुदास लीलाधर के ज्वाइंट एमडी दिलीप भट्ट का कहना है कि बाजार में एफएमपी और इक्विटी में मिलाजुला निवेश रखना चाहिए। अगले 8-10 महीनों के लिए सरकार के ऊपर कई सारे दबाव रहेंगे जिसका असर बाजार पर भी दिख सकता है। महंगाई को नियंत्रित करने के लिए सरकार कोशिश करेगी जिसके चलते कड़े कदम उठाए जाते रहेंगे।


दिलीप भट्ट के मुताबिक एफएमपी जिसमें 10 फीसदी के करीब रिटर्न मिल सकता है। इक्विटी में अच्छे फंडामेंटल वाली एमएनसी कंपनियों में निवेश करना चाहिए।


दिलीप भट्ट के मुताबिक मौजूदा स्तरों पर कमिंस औरएबीबी के शेयर आकर्षक वैल्यूएशन पर हैं और इनमें निवेश किया जा सकता है। इसके अलावा फार्मा आईटी शेयरों में भी खरीदारी की जा सकती है।


बाजार में निवेश करने के लिए थोड़ा और समय इंतजार करना चाहिए और निफ्टी में 100-150 अंकों की और गिरावट आने के बाद निवेश करने का सलाह है। अगर आपके पास 100 रुपये हैं तो 5 रुपये बाजार में निवेश जरूर करने चाहिए।


एलआईसी नोमुरा म्यूचुअल फंड एएमसी के नीलेश साठे का कहना है कि जब बाजार में कुछ गिरावट आए तो रिटेल निवेशक कुछ निवेश इक्विटी में कर सकते हैं। इसके साथ एफएमपी में निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश कर सकते हैं। बैंक एफडी में 9-9.5 फीसदी और इक्विटी में 10-10.5 फीसदी के रिटर्न के हिसाब से अच्छा पैसा बन सकता है। निवेशक अपना सारा पैसा एक ही जगह ना लगाकर अलग-अलग एसेट क्लास में डालें तो बेहतर होगा।


फ्यूचर जनराली इंडिया लाइफ इंश्योरेंस के निराकार प्रधान के मुताबिक 1 साल के निवेश के लिहाज से एफएमपी में निवेश करना फायदा का सौदा हो सकता है। वहीं अपने पोर्टफोलियो में कुछ हिस्सा इक्विटी में भी रखना चाहिए। भारतीय बाजार में एफआईआई का पैसा आता रहेगा जिसके चलते इक्विटी में भी 5-10 फीसदी रिटर्न मिलने की उम्मीद है।


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