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टैक्स गुरु का साथ, फिक्र की नहीं बात

प्रकाशित Sat, 28, 2013 पर 15:22  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स से जुड़ी उलझनें दूर करने के लिए टैक्स गुरु से बेहतर और कोई नहीं हो सकता है। टैक्स बचाने में आपकी मदद करते हैं टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया। आज एक बार फिर आपकी टैक्स से जुड़ी परेशानियों और फिक्र को दूर करने के लिए आ गए हैं टैक्स गुरु।


सवालः एयरफोर्स में ऑफिसर हैं और 50 फीसदी विकलांग हैं। ई रिटर्न फाइल कर चुके हैं। क्या आईटीआर-वी के साथ फॉर्म 16 और डिसेबिलिटी सर्टिफिकेट भी बंग्लुरु भेजना होगा?


सुभाष लखोटिया: इन्कम टैक्स रिटर्न के साथ कोई भी कागजात नहीं भेजने होंगे। अगर एसेसमेंट ऑफिस आप से बाद में दस्तावेज मांगता है तो आप इसे भेज सकते हैं।


सवालः वित्त वर्ष 2009-2010 और वित्त वर्ष 2011-2012 का टैक्स रिफंड नहीं मिला है। पेपर रिटर्न भरा था लेकिन अभी तक आईटी विभाग से कोई जवाब नहीं आया, क्या करना चाहिए?


सुभाष लखोटिया: आप अपने असेसिंग ऑफिसर को पत्र लिखें और इसमें रिटर्न और रिफंड की जानकारी दें।


सवालः कंपनी से हर माह 10,000 रुपये मोटर कार अलाउंस मिल रहा है तो इस पर कितना टैक्स देना होगा?


सुभाष लखोटिया: अगर मोटर कार अलाउंस कन्वेयंस अलाउंस का हिस्सा है तो टैक्स नहीं लगेगा। आयकर के नियम 2बीबी के तहत कन्वेयंस अलाउंस की पूरी रकम ऑफिस के काम पर खर्च करने पर टैक्स नहीं लगेगा।  


सवालः पत्नी का पीपीएफ अकाउंट खोलना चाहते हैं, अपने पीपीएफ अकाउंट में सालाना 1 लाख डालते हैं और पत्नी के अकाउंट में भी हर साल 1 लाख रुपये डालना चाहते हैं। इस पर क्या टैक्स देनदारी बनेगी?


सुभाष लखोटिया: पीपीएफ अकाउंट में 1 लाख रुपये का निवेश करने पर 80 सी के तहत टैक्स छूट मिलती है। पत्नी के पीपीएफ अकाउंट में निवेश करने पर पति को अलग से टैक्स छूट नहीं मिलेगी।


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