Moneycontrol » समाचार » टैक्स

कॉस्ट इंफ्लेशन इंडेक्स से करधारकों को लाभ: टैक्स गुरू

प्रकाशित Fri, 27, 2010 पर 18:28  |  स्रोत : Hindi.in.com

27 अगस्त 2010

सीएनबीसी आवाज़


टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया का कहना है कि हाल ही में सरकार ने जो कॉस्ट इंफ्लेशन इंडैक्स 711 का नियम लागू किया है इससे कर धारकों को फायदा ही फायदा मिलने वाला है। इसका कारण है कि पहले से खरीदा हुई संपत्ति को मौजूदा हालात में बेचने पर आपको तयशुदा कर की बजाय कॉस्ट इंफ्लेशन इंडैक्स 711 की दर से कर देना होगा।


इसका उदाहरण देते हुये उन्होंने बताया कि मान लीजिये कि आपने 1981 में 10 लाख में कोई प्रॉपर्टी बेची थी। आज की तारीख में उसे बेचने पर आपको उसे बेचने पर आज की दरों के हिसाब से नहीं बल्कि कॉस्ट इंफ्लेशन इंडैक्स 711 के हिसाब से कर देना होगा। बेची गई प्रॉपर्टी में से कॉस्ट इंफ्लेशन इंडैक्स 711 को घटाने के बाद आपके ऊपर कोई कर बाकी निकलता है तो आपको इसे देना होगा।


टैक्स गुरू के साथ करें टैक्स समस्याओं का निदान


इसके अलावा आपको इस बात का ख्याल रखना चाहिये कि आपने जहां रिटर्न फाइल किया है वहीं आप पैन माइग्रेशन के लिये आवेदन कर सकते हैं। इसके साथ ही आपको इस बात का ख्याल रखना चाहिये कि माइग्रेशन से पहले आपको रिटर्न  भरना होगा।


पीपीएफ के ऊपर उनका कहना था कि इसके ऊपर जो ब्याज मिलता है इस पर कर में छूट नहीं मिलती है। इसके निवेश पर तो कर में छूट मिल सकती है। पर इसके ब्याज के ऊपर कर में छूट नहीं मिल सकती।


पीपीएफ अकाउंट की सीमा 70,000 रु तक ही है और आप एक ही पीपीएफ अकाउंट खोल सकते हैं। आप इसमें इससे ज्यादा का निवेश नहीं कर सकते हैं।


अगर आपने ई-रिटर्न फाइल किया हो तो रिफंड के लिये चिंता ना करें क्योंकि ये अपने समय पर आपको मिल जायेगा। इसके साथ ही आपको अगर समय पर ये नहीं मिल पाता है तो आप इसके लिये असेसिंग ऑफिसर को लिख सकते हैं।


अगर किसी नाबालिग व्यक्ति को कहीं से शेयर उपहार में मिले हैं और जब वो इन्हें बेचता है तो इनसे मिलनी वाली आय के ऊपर भी उस व्यक्ति को लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स देना होगा।


 


टैक्स गुरू के जवाबों से हल करें टैक्स की समस्याएं



अक्सर लोगों का ये सवाल होता है कि अगर कहीं से सोना, हीरा या इनके आभूषण उपहार में मिलते हैं तो क्या इनके उपर टैक्स देना पड़ेगा। इस सवाल के जवाब में टैक्स गुरू ने बताया कि आपको जहां कहीं से भी उपहार स्वरूप ऐसी कोई वस्तु उपहार के रूप में मिलती है तो इस बात का आपको सबूत देना होगा और इसके बाद जिस व्यक्ति से भी उपहार मिला है उससे इसके दस्तावेज़ लेकर आपको संभाल कर रखने चाहिये क्योंकि ये आयकर कानून के तहत आवश्यक है।


पूरी जानकारी के लिये वीडियो देखें