Moneycontrol » समाचार » टैक्स

जानिए टैक्स से जुड़े हर मसले पर हल

प्रकाशित Sun, 03, 2013 पर 19:49  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स का नाम सुनते ही हो जाती है टेंशन। लेकिन टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया आपकी टैक्स की मुश्किल आसान बनाकर आपको करते हैं टेंशन फ्री। आइए टैक्स गुरु से जानते हैं टैक्स से जुड़े हर मसले पर हल

सवाल : सीबीडीटी ने नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए एक नया सर्कुलर जारी किया है। वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए इस सर्कुलर में क्या खास बातें हैं?


सुभाष लखोटिया : सीबीडीटी के सर्कुलर में वित्त वर्ष 2012-13 में सैलरी इनकम पर टैक्स कैलकुलेशन की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी है। इसमें दो से ज्यादा मालिकों से मिली सैलरी पर भी टैक्स कैलकुलेशन की जानकारी है। पुरानी कंपनी में मिले वेतन की जानकारी नई कंपनी में देना जरूरी होता है। कर्मचारियों को मिलने वाले भत्तों पर कंपनी टैक्स दे सकती है। कर्मचारी बकाया वेतन पर सेक्शन 89 के तहत छूट फॉर्म 10ई जमा कर सकते हैं। टीडीएस काटने वाले व्यक्तियों के कर्तव्य भी सर्कुलर में बताए गए हैं।


सवाल : फॉर्म 26एस में हुई गडबड़ी को कैसे सुधारें?


सुभाष लखोटिया : फॉर्म 26एस में हुई गडबड़ी को सुधारने के लिए आपको अपने पुरानी कंपनी के मालिक को पत्र लिखना होगा और पत्र की एक कॉपी कमिश्नर इनकम टैक्स को भी भेजनी होगी। इस तरह आप अपनी टैक्स में हुई गलती को सुधार सकते हैं।


सवाल : बेटी की शादी के लिए चेक से गहने खरीदे। बेटी यूएसए में रहती है। क्या गहने विदेश ले जाने पर टैक्स की देनदारी बनेगी?


सुभाष लखोटिया : बेटी को गहने विदेश ले जाने में कोई परेशानी नहीं होगी। लेकिन बेहतर होगा कि पासपोर्ट पर इस बारे में लिखवा लें।


सवाल : किराए पर टैक्स छूट कैसे मिलेगी?


सुभाष लखोटिया : घर के किराए पर सेक्शन 80जीजी के तहत छूट मिलेगी। वेतन के 25 फीसदी की अधिकतम सीमा तक छूट की अनुमति है। लेकिन हर महीने केवल 2000 रुपये तक की अधिकतम छूट मिलेगी।


सवाल : नए सर्कुलर में सैलरी इनकम पर टीडीएस के बारे में भी कई बातें कही गई हैं। क्या खास बातें हैं जो हमें ध्यान में रखनी चाहिए?


सुभाष लखोटिया : टीडीएस काटने के लिए कर्मचारी दूसरे स्त्रोत से इनकम की जानकारी कंपनी को दे सकता है। कर्मचारी सादे कागज पर ये जानकारी कंपनी को दे सकता हैं। कंपनी सिर्फ हाउस प्रॉपर्टी से हुए नुकसान की राशि पर छूट दे सकती है और अन्य नुकसान पर नहीं। मकान के लिए ब्याज की छूट लेने पर कंप्लीशन सर्टिफिकेट कंपनी में जमा करना जरूरी है। साथ ही मकान के लिए ब्याज जिसे देना है उससे प्रमाणपत्र लेकर जमा करना भी जरूरी है। 


सवाल : कंपनी एलटीसी का रीइंबर्समेंट करती है। दुबई का एयर टिकट रीइंबर्स करवाने पर क्या टैक्स देना होगा?


सुभाष लखोटिया : एयर टिकट दिखाने पर भी पूरे एलटीसी रीइंबर्समेंट पर टैक्स लगेगा। विदेश यात्रा करने पर एलटीसी रीइंबर्समेंट पर टैक्स छूट नहीं है। सिर्फ भारत में यात्रा करने पर ही एलटीसी रीइंबर्समेंट पर टैक्स छूट मिलेगी। 


वीडियो देखें