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टैक्स गुरु: टैक्स बचत की बेहतरीन टिप्स

प्रकाशित Sat, 16, 2013 पर 12:02  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स बचत के साथ बेहतर और सही निवेश करना जरूरी है ताकि भविष्य में उसका अच्छा लाभ मिलें। टैक्स प्लानिंग से लेकर बचत और निवेश से जुड़े हर मोड़ पर टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया  करते हैं आपकी मदद और देते हैं आपको टैक्स के बेहतरीन टिप्स और फंडे ताकि आप रहे टैक्स टेंशन से फ्री।


सवाल : घर के लोन के ब्याज पर 1.5 लाख रुपये की छूट मिलती है ये तो हम सब जानते हैं लेकिन अगर कोई अपना पहला घर खरीदने की सोच रहा है तो टैक्स के लिहाज से घर या प्रॉपर्टी किसके नाम पर खरीदी जानी चाहिए?


सुभाष लखोटिया : घर ज्वाइंट नाम पर एक से ज्यादा सदस्यों के नाम पर लेना बेहतर होगा। लेकिन अगर पति सिर्फ नौकरी करते है तो घर केवल पति के नाम पर लेना चाहिए। इससे पति होमलोन के ब्याज पर छूट का पूरा फायदा ले पाएंगे।


सवाल : अगर पत्नी के पीपीएफ अकाउंट में 1 लाख रुपये जमा करूं तो क्या इस निवेश पर टैक्स छूट मिलेगी?


सुभाष लखोटिया : आप पत्नी के नाम पर पीपीएफ अकाउंट में 1 लाख रुपये का निवेश कर सकते हैं। इस पूरे निवेश पर आपको सेक्शन 80सी के तहत छूट मिलेगी। करदाता सेक्शन 80सी के तहत पीपीएफ में अपने, पत्नी और बच्चों के नाम पर निवेश कर सकते हैं।


सवाल : साल 2008-11 के बीच एमबीए का कोर्स किया। कंपनी ने कोर्स की फीस रीइंबर्स किया लेकिन रकम पर टैक्स काटा। क्या ये सही है?


सुभाष लखोटिया : रीइंबर्समेंट के पैसे तनख्वाह में जोड़े जाते हैं। कंपनी पढ़ने के लिए अलाउंस देती तो टैक्स छूट मिलती। कंपनी इंस्टीट्यूट को पैसे दे या आपको रीइंबर्स करे तब भी टैक्स पर कोई असर नहीं होगा। 


सवाल : बेटी के अकाउंट में 5 लाख रुपये की एफडी ट्रांसफर करना चाहते हैं। टैक्स बचाने के लिए क्या बेटी को फॉर्म 15जी भरकर जमा करना होगा?


सुभाष लखोटिया : आप बेटी के नाम पर अपनी एफडी ट्रांसफर करवा सकते हैं। अगर बेटी 18 साल की हो तब क्लबिंग का इनकम नहीं होगा और बेटी को बैंक में टीडीएस नहीं काटने के लिए फॉर्म 15जी जमा करना होगा।


सवाल : अगर खेती की पुरानी जमीन बेचकर नई खेती की जमीन में निवेश करें तो कोई टैक्स की देनदारी नहीं बनती। ऐसा क्यों ? 


सुभाष लखोटिया : अगर शहर में खेती की जमीन है तो उसे बेचने पर कैपिटल गेन टैक्स देना होगा। लेकिन अगर गांव में खेती की जमीन है तो कैपिटल गेन टैक्स की छूट मिलेगी। खेती की जमीन बेचकर 2 साल के अंदर दूसरी खेती की जमीन खरीदने पर सेक्शन 54बी के तहत टैक्स छूट का फायदा मिलता है। जमीन बेचने से 2 साल पहले तक जमीन सिर्फ खेती के लिए इस्तेमाल होनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता तो टैक्स का फायदा नहीं मिलेगा।


सवाल : नैसर्गिक आपत्ती में हुए नुकसान की भरपाई के लिए पर कंपनी से मिली रकम पर क्या टैक्स छूट मिलेगी?


सुभाष लखोटिया : कंपनी से मिले पैसे आपकी इनकम में जोड़े जाएंगे। कर्मचारी के काम के लिए कंपनी का खर्च भत्ते के तौर पर जोड़ा जाएगा। हालांकि अगर कंपनी चाहे तो वो इस रकम पर टैक्स दे सकती है।


सवाल : दो घर के लिए लोन लिया है। पुराने घर के लोन पर छूट ले रहे हैं। नए घर के लोन पर टैक्स का फायदा कैसे मिलेगा?


सुभाष लखोटिया : दोनों होमलोन पर टैक्स छूट का फायदा नहीं मिलता। आपको एक घर के लोन पर टैक्स छूट मिलती रहेगी। अगर आप दूसरा घर किराए पर देंगे तो दूसरे लोन के ब्याज पर छूट मिलेगी। वहीं एचआरए की छूट आपको घर किराए की रसीद देने पर ही मिलेगी।


सवाल : जमीन की खरीद बिक्री पर टैक्स की देनदारी कैसे बनेगी?


सुभाष लखोटिया : अगर आपने प्रॉपर्टी में अपना अधिकार बेच दिया तो अब जमीन खरीदने वाले के लेनदेन पर आपकी कोई देनदारी नहीं बनेगी। लिहाजा बेहतर होगा जमीन या पैसे के निवेश और लेनदेन से बचें और खरीदार से नई प्रॉपर्टी में निवेश के लिए जरूरी पत्र लें।


सवाल : क्या ऐसा कोई भी नियम है जिसके तहत कुछ कर्मचारियों को बिना किराए का प्रूफ जमा किए ही एचआरए की छूट मिलेगी?


सुभाष लखोटिया : आईटी कानून के तहत किराए की रसीद देने पर ही एचआरए की छूट मिलती है। लेकिन सीबीडीटी ने जो नया सर्कुलर जारी किया है उसमें 3000 रुपये तक एचआरए की छूट के लिए किराए की रसीद जरूरी नहीं है। ये सुविधा कर्मचारी को टीडीएस में छूट के लिए दी जाती है।


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