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टैक्स की चिंताओं से मुक्ति दिलाएंगे टैक्स गुरु

प्रकाशित Thu, 05, 2013 पर 15:40  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स का नाम सुनते ही कई लोग परेशान हो जाते हैं लेकिन टैक्स गुरु से गुरु मंत्र लेने वाले निवेशक टैक्स का नाम सुनकर घबराते नहीं हैं। आज भी टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया आपको टैक्स की चिंताओं से मुक्ति दिलाने के लिए आपके सवालों के जवाब लेकर आ गए हैं।


सवालः 3 साल से आईटी विभाग से 37,000 रुपये का रिफंड लेना है। अब फाइल दिल्ली में जा चुकी है और आईटी एधिकारी बदल गए हैं। रिफंड वापस लेने के लिए क्या करें?


सुभाष लखोटियाः आप पुराने आईटी अधिकारी को पत्र लिखें। इस पत्र की कॉपी दिल्ली में आईटी अधिकारी को भेजें। पत्र स्पीड पोस्ट से भेजे तो ही बेहतर होगा। मुमकिन है कि आपके कागजात पुराने टैक्स अधिकारी के पास ही हों।


सवालः बहन को 1 लाख रुपये गिफ्ट देना चाहता हूं। इस पर टैक्स की देनदारी कैसे बनेगी?


सुभाष लखोटियाः बहन को आप कितनी भी राशि गिफ्ट कर सकते हैं, इस पर टैक्स की कोई देनदारी आप पर या आपकी बहन पर नहीं बनेगी। इतना ध्यान रखें कि अगर अचल संपत्ति दे रहे हैं तो गिफ्ट डीड बनवानी होगी।


सवालः भाई से 5 लाख रुपये का गिफ्ट मिलने वाला है, क्या ये रकम टैक्स फ्री होगी?


सुभाष लखोटियाः आप भाई से 5 लाख रुपये या इससे ज्यादा रकम गिफ्ट के रूप में ले सकते हैं। इससे आप पर या आपके भाई पर कोई टैक्स की देनदारी नहीं होगी।


सवालः मैंने एक मकान लोन पर लिया था जिसकी रीपेमेंट चल रही है, मैं अपने भाई को गिफ्ट देना चाहता हूं, क्या मैं ऐसा कर सकता हूं?


सुभाष लखोटियाः आप अपने भाई को लोन लिया हुआ मकान गिफ्ट करेंगे तो इससे टैक्स से जुड़ी कई उलझनें जुड़ेंगी क्योंकि आप इसके लोन पर टैक्स छूट का बेनेफिट ले रहे हैं। इसलिए आप इस मकान को गिफ्ट ना करें तो बेहतर रहेगा।


सवालः माइनर बच्चे को माता पिता, दादा दादी के अलावा और कौन गिफ्ट दे सकता है और कितना गिफ्ट दे सकता है, क्या गिफ्ट देने वाले पर टैक्स की देनदारी बनेगी?


सुभाष लखोटियाः नाबालिग बच्चे को रिश्तेदार जितना चाहे उतना गिफ्ट दे सकते हैं। केवल एक बात का ध्यान रखना है कि अगर इस रकम को निवेश किया और इससे कुछ आय प्राप्त हुई तो वो क्लबिंग ऑफ इनकम के तहत माता पिता की आय में जुड़ जाएगी। रिश्तेदार के गिफ्ट देने पर उसे टैक्स की देनदारी नहीं बनेगी। अगर इससे बचना चाहते हैं तो ऐसे विकल्प में निवेश करें जिससे इनकम क्लब ना हो जैसे टैक्स फ्री बॉन्ड।


सवालः एक प्रतियोगिता में 38,000 रुपये जीते हैं, कंपनी इस पर 30 फीसदी टीडीएस काट रही है, क्या ये ठीक है?


सुभाष लखोटियाः आयकर की धारा 15बीबी के तहत इनाम की रकम पर 30 फीसदी की दर से टैक्स लगता है। इसके तहत लॉटरी, क्रॉसवर्ड आदी प्रतियोगिता की रकम पर भी टैक्स लगता है।


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