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योर मनी: पॉलिसी में मिस सेलिंग का शिकार ना हों

प्रकाशित Fri, 13, 2013 पर 09:42  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

इंश्योरेंस व्यक्ति के जीवन का एक महत्वपू्र्ण हिस्सा है। व्यक्ति को अपने और परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखकर पर्याप्त इंश्योरेंस लेना चाहिए। ट्रांसिट कंसल्टंसी के कार्तिक झवेरी इंश्योरेंस पॉलिसी पर अहम जानकारी दे रहे हैं।

सवाल: मेरी मां ने बजाज एलियांज यूनिट प्लान लिया है, जिसके 3 प्रीमियम भी भरे जा चुके हैं। लेकिन हाल ही में हमें मालूम पड़ा है कि इस प्लान के जरिए हम पूरी तरह से मिस सेलिंग का शिकार हुए हैं। जिस उद्देश्य से ये पॉलिसी खरीदी थी, वह इसमें नहीं है, क्या करें?


कार्तिक झवेरी: यह काफी गंभीर मामला है, अक्सर बीमा धारक ऐसी समस्याओं का सामना करते हैं। हो सकता है एजेंट ने ज्यादा रिटर्न के लालच में आपको ये पॉलिसी बेची है। लेकिन अब 3 प्रीमियम भर चुके हैं तो आपको ये प्लान करीब 5 साल तक जारी रखना ही होगा। हालांकि 3 साल प्रीमियम भर चुके हैं तो आपके पास पॉलिसी पेड-अप करवाने का भी विकल्प है। वहीं आगे से कोई भी प्लान लेते समय उस प्लान की पूरी जानकारी और प्लान लेने के उद्देश्य में स्पष्टता के बाद ही प्लान खरीदें।


ट्रांसेंड कंसल्टंसी के डायरेक्टर कार्तिक झवेरी बता रहे हैं इंश्योरेंस पॉलिसी लेते समय किन बातों का ध्यान रखें। वहीं कौन सी पॉलिसी आपके पोर्टफोलियो के लिए बेहतर साबित होगी।


सवाल: मैं 30 साल के लिए करीब 25 लाख रुपये का ऑनलाइन टर्म प्लान लेना चाहता हूं। साथ ही प्लान के साथ एक डिसएबिलिटी राडर भी जोड़ना चाहता हूं, कैसे लूं प्लान?


कार्तिक झवेरी: अपनी सालाना आय का 10-12 गुना रकम का टर्न प्लान लेना चाहिए। ऑनलाइन अलग-अलग कंपनियों के प्लान की समीक्षा करें, वहीं जो प्लान बेहतर और सस्ता लगे उसे खरीद सकते हैं। इसका अलावा यदि बहुत जरूरी ना हो तो प्लान के साथ डिसएबिलिटी राइडर जोड़ने की आवश्यकता नहीं। क्योंकि राइडर जोड़ने पर आपके प्रीमियम की रकम बढ़ जाएगी।


सवाल: मैंने अविवा लाइफ का 50 लाख रुपये के कवर का टर्म प्लान 20 साल के लिए लिया है। प्रीमियम के लिए पहला चेक भी दिया है, लेकिन मेडिकल टेस्ट करने के बाद कंपनी बिना बताए ही प्रीमियम की रकम में 100 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। कंपनी ने बताया आपको डायबिटीज है इसलिए रकम में बढ़ोतरी हुई है, क्या ये उचित है?


कार्तिक झवेरी: इस मामले में कंपनी गलत नहीं है। मेडिकल टेस्ट के बाद, यदि कोई बीमारी पाई जाती है तो कंपनी को पूरा हक है कि वह आपके के लिए प्लान के लिए कितना प्रीमियम तय करे। इसी के तहत आपके प्लान की रकम भी बढ़ाई गई है। फिर यदि आप संतुष्ट नहीं हैं तो 15 दिन के भीतर प्लान से निकल सकते हैं, यदि हाल ही में प्लान लिया हो तो। वहीं यदि आपको इस प्लान के जारी रखना है तो पूरे प्रीमयम का भुगतान करना पड़ेगा।


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