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बेहतर कौन: इंफ्लेशन बॉन्ड, एफएमपी या एफडी

प्रकाशित Mon, 23, 2013 पर 12:35  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

रिजर्व बैंक आज से इंफ्लेशन इंडेक्स बॉन्ड लॉन्च कर दिया है। ये बॉन्ड रिटेल महंगाई दर यानि सीपीआई से लिंक्ड होंगे। 31 दिसंबर तक इंफ्लेशन इंडेक्स बॉन्ड में निवेश किया जा सकता है। ऊंची महंगाई दर यानी 11 फीसदी से ऊपर सीपीआई को देखते हुए इंफ्लेशन इंडेक्स बॉन्ड में निवेश फायदा दे सकता है। इंफ्लेशन इंडेक्स बॉन्ड में कम से कम 5000 रुपये निवेश करने होंगे। साथ ही अधिकतम 5 लाख रुपये का निवेश किया जा सकता है।


इंफ्लेशन इंडेक्स बॉन्ड सीपीआई मंहगाई दर से 1.5 फीसदी ज्यादा रिटर्न देगा। नवंबर मंहगाई दर 11.24 फीसदी रहने से निवशकों को इस बॉन्ड में 13 फीसदी रिटर्न मिलेगा। दरअसल कंपाउंड इंटरेस्ट की वजह से इंफ्लेशन इंडेक्स बॉन्ड में ज्यादा रिटर्न संभव है। इंफ्लेशन इंडेक्स बॉन्ड में 10 साल में 10,000 रुपये का निवेश बढ़कर 28,000 रुपये हो जाएगा।


वाइजइंवेस्ट एडवाइजर्स के सीईओ हेमंत रुस्तगी का कहना है कि इंफ्लेशन इंडेक्स बॉन्ड में कम जोखिम में ज्यादा फायदा है। हालांकि इंफ्लेशन इंडेक्स बॉन्ड के रिटर्न पर टैक्स लगेगा, इसीलिए ऊंचे टैक्स स्लैब में ज्यादा फायदा नहीं मिलेगा। इंफ्लेशन इंडेक्स बॉन्ड में 30 फीसदी टैक्स स्लैब पर 8 फीसदी का रिटर्न मिलेगा।


हेमंत रुस्तगी के मुताबिक इंफ्लेशन इंडेक्स बॉन्ड में सीनियर सिटीजन के लिए कम से कम निवेश 1 साल निवेश करना होगा। वहीं बाकी लोगों के लिए कम से कम निवेश 3 साल निवेश करना होगा।


हेमंत रुस्तगी ने बताया कि इंफ्लेशन इंडेक्स बॉन्ड के आने के बाद छोटे निवेशकों के लिए इन्वेस्टमेंट के विकल्प बढ़ गए हैं। निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में इंफ्लेशन बॉन्ड के साथ-साथ फिक्स्ड डिपॉजिट को भी जगह देनी चाहिए। लंबी अवधि के नजरिए से इंफ्लेशन इंडेक्स बॉन्ड में निवेश फायदेमंद साबित होगा।


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