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रियल एस्टेट टीवीः सच होगा सस्ते घर का सपना

प्रकाशित Tue, 24, 2013 पर 14:28  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

इंडस्ट्री और मार्केट ये मानकर चल रहे थे कि रिजर्व बैंक इस बार कम से कम 0.25 फीसदी ब्याज महंगा करेगा। लेकिन, बेकाबू महंगाई के बावजूद आरबीआई के गवर्नर रघुराम राजन ने सबको हैरान किया। क्रेडिट पॉलिसी में उन्होंने किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया। ना रेपो रेट बढ़ाया और न ही सीआरआर में कोई बदलाव किया गया। एमएसएफ, बैंक रेट भी पहले की तरह 8.75 फीसदी पर स्थिर रखे गए हैं। रियल्टी एक्सपर्ट और इंडस्ट्री ने गवर्नर के इस फैसले को सेक्टर के लिए वरदान माना है।


गवर्नर रघुराम राजन का साथ बैंकों ने भी दिया। पॉलिसी के अगले ही दिन होम लोन मार्केट के दो बडे खिलाडी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और एचडीएफसी ने होम लोन पर ब्याज घटा दिया। यानी, नए साल में घर खरीदना हो, तो अब से बेहतर वक्त नहीं होगा।


आरबीआई ने भले ही दरों में कोई बदलाव नहीं किया हो लेकिन बैंकों ने कर्ज सस्ता करना शुरू कर दिया है। देश के सबसे बडे बैंक, एसबीआई और एचडीएफसी ने कर्ज में 0.5 फीसदी तक की कटौती कर दी है। स्टेट बैंक ने अपने होम लोन पर ब्याज 0.35 फीसदी सस्ता किया। यानी अब एसबीआई से 30 साल के लिए होम लोन लेने पर आपकी ईएमआई हर 1 लाख रुपए के लिए 11 रुपये से सस्ता होगा।


वहीं 75 लाख रुपये तक के लोन पर अब 10.15 फीसदी का ब्याज देना होगा और उससे ज्यादा के कर्ज पर 10.30 फीसदी का ब्याज लगेगा। महिलाओं के लिए स्टेट बैंक ने स्पेशल रेट का एलान किया है। अब महिलाओं को होम लोन 0.05 फीसदी कम ब्याज पर मिलेगा। यानि 75 लाख तक का लोन 10.10 फीसदी पर और उससे ज्यादा का लोन 10.25 फीसदी पर मिलेगा।


होम लोन मार्केट के दूसरे बडे खिलाडी एचडीएफसी ने भी कर्ज सस्ता किया है। कंपनी ने अपने होमलोन पर ब्याज 0.25 से 0.5 फीसदी कम किया है। अब 75 लाख रुपए तक के लोन पर 10.25 फीसदी ब्याज ही चुकाना पडेगा।


हालांकि, एचडीएफसी का लिमिटेड पीरियड ऑफर है। ये ऐसे ही लोन पर लागू है जिसके लिए एप्लिकेशन 31 जनवरी के पहले दिया जाएगा और पहला डिस्बर्सल फरवरी 28 के पहले लिया जाएगा। और फिलहाल ये सिर्फ नए ग्राहकों को दिया जा रहा है।


हालांकि, ये जरुरी नहीं है कि इन बैंकों की देखा-देखी दूसरे बैंक भी रेट घटाएं। क्योंकि, ज्यादातर बैंक अपने बेस रेट पर ही होम लोन दे रहे हैं और बेस रेट से कम पर बैंक कर्ज नहीं दे सकतें। तो दूसरी तरफ, बढ़ते महंगाई के माहौल में बैंक डिपॉजिट पर ब्याज घटाना भी नहीं चाहते।


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