2014 के लिए टैक्स गुरु की टैक्स टिप्स -
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2014 के लिए टैक्स गुरु की टैक्स टिप्स

प्रकाशित Sat, 04, 2014 पर 12:28  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स बचाने में आपकी मदद करने के लिए एक बार फिर आ गए हैं टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया। साल 2014 आ गया है और हर साल की शुरुआत की तरह इस साल भी टैक्स गुरु कुछ नई बातें बताएंगे जो पूरे साल आपके काम आएंगी। आज हम बात करेंगे कि साल 2014 में वौ कौन से 14 काम आप ना करें जिनसे आपको परेशानी हो। आज हम टैक्स और बचत के लिहाज से टॉप 14 बातें जिनसे दूर रहकर आप टैक्स तो बचाएंगे ही साथ ही अच्छा फायदा भी कमाएंगे।


टैक्स चोरी ना करें- टैक्स चोरी बिल्कुल ना करें क्योंकि ये गैरकानूनी है। इससे कोई फायदा नहीं है और अगर पकड़े गए तो भारी जुर्माना देना होगा।


पत्नी को गिफ्ट में रकम ना दें-अपनी पत्नी और बहू को गिफ्ट के रूप में रकम ना दें। इससे आपके ऊपर क्लबिंग ऑफ इन्कम का प्रावधान लागू हो जाएगा। अगर गिफ्ट देना ही चाहते हैं तो पत्नी या बहू को दी गई गिफ्ट की रकम ऐसी जगह निवेश करें जहां इन्कम टैक्स फ्री हो। इसके लिए आप पीपीएफ, शेयर, टैक्स फ्री बॉन्ड में निवेश कर सकते हैं।


रिश्तेदार से गिफ्ट लेने की कोई सीमा नहीं है। हालांकि आप दोस्त और गैर रिश्तेदार से गिफ्ट ले सकते हैं लेकिन सालाना 50,000 रुपये तक की रकम ही गिफ्ट में ले सकते हैं। दोस्तों से 50,000 रुपये से ज्यादा गिफ्ट लेने पर टैक्स लगता है। वहीं शादी में किसी से भी मिला गिफ्ट टैक्स फ्री होता है।


पीपीएफ में 1 लाख रुपये से ज्यादा निवेश ना करें- पीपीएफ निवेश का अच्छा तरीका है लेकिन एक साल में पीपीएफ में 1 लाख रुपये से ज्यादा निवेश नहीं करें। 1 लाख रुपये से ज्यादा निवेश करने पर बाकी राशि पर ब्याज नहीं मिलेगा।


माता-पिता, भाई-बहन का प्रीमियम नहीं दें- माता-पिता, भाई-बहन का प्रीमियम देने पर टैक्स छूट नहीं मिलती है। सिर्फ अपना, पत्नी और अपने बच्चों का प्रीमियम देने पर सेक्शन 80सी का लाभ मिलेगा।


अलग-अलग बैंकों में पीपीएफ अकाउंट नहीं खोलें- ये गलत है कि अलग-अलग बैंकों में पीपीएफ अकाउंट खोलने पर आपको हरेक पर 1 लाख रुपये तक की छूट मिल जाएगी। आपको केवल एक ही पीपीएफ अकाउंट के 1 लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्स छू मिलेगी। आप एक ही बैंक या पोस्ट ऑफिस में अपना अकाउंट खोलें।


सिर्फ अपने नाम पर प्रॉपर्टी नहीं खरीदें- साल 2014 में ज्वाइंट नाम पर प्रॉपर्टी खरीदें। आप प्रॉपर्टी पत्नी, बालिग बच्चों के साथ मिलकर लें या लोन लेकर ज्वाइंट प्रॉपर्टी खरीदें। इससे प्रॉपर्टी के सभी हिस्सेदारों को 1.5-1.5 लाख रुपये की छूट का फायदा मिल सकता है। 


अपने पैसों से पत्नी को प्रॉपर्टी ना खरीदें- अपने पैसों से पत्नी के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदना सही फैसला नहीं है। पत्नी को या बहू को अपने पैसे लोन पर दें। लोन के पैसे से पत्नी प्रॉपर्टी अपने नाम पर खरीद सकती है। पत्नी और बहू से लोन का कुछ ब्याज जरूर लें, तभी टैक्स छूट का फायदा मिलेगा।


सर्किल रेट से कम पर प्रॉपर्टी ना खरीदें- सर्किल रेट से कम दाम पर प्रॉपर्टी खरीदने से नुकसान हो सकता है। धारा 43, 50सी और 56 के तहत सर्किल रेट से कम में घर खरीदने या बेचने पर सर्किल रेट और खरीद की कीमत की बैलेंस राशि खरीदार की इनकम में जोड़ी जाएगी।


50 लाख रु से ज्यादा कीमत की प्रॉपर्टी नहीं खरीदें- बेहतर होगा कि आप 50 लाख रुपये से ज्यादा कीमत की प्रॉपर्टी नहीं खरीदें। अगर 50 लाख रुपये से ज्यादा की प्रॉपर्टी खरीदते हैं तो 1 फीसदी की दर से टीडीएस काटना जरूरी होता है। प्रॉपर्टी की खरीद कीमत पर टीडीएस खरीदार को काटना होता है। प्रॉपर्टी पर टीडीएस काटकर जमा करवाना खरीदने वाले की जिम्मेदारी होता है।


शेयर के लिए लोन ना लें- लोन लेकर शेयर मार्केट में निवेश ना करें। लोन लेकर शेयर मार्केट में निवेश करने पर टैक्स छूट नहीं मिलती है। शेयर के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन होने पर लोन के ब्याज पर छूट नहीं मिलेगी।


20000 रु से ज्यादा के कैश लोन नहीं लें- 20000 रुपये से ज्यादा कैश लोन लेने पर जुर्माना लग सकता है। लोन की रकम के बराबर जुर्माना लगता है। आप किसी से कुल कैश लोन सिर्फ 20000 रुपये तक ही ले सकते हैं।


20,000 रु से ज्यादा कैश पेमेंट ना करें- कैश पेमेंट का ये नियम बिजनेस और प्रोफेशन पर लागू होता है। इसमें आप 20,000 रुपये से ज्यादा का कैश पेमेंट नहीं करें तो बेहतर होगा।


सोने में बड़ा निवेश ना करें- सोने में बड़ी खरीदारी नहीं करना ही बेहतर है। सालभर में 30 लाख रुपये से ज्यादा सोने में निवेश पर वेल्थ टैक्स लगता है। हालांकि गोल्ड ईटीएफ में निवेश फायदेमंद होता है। गोल्ड बीज़ में भी निवेश करने पर वेल्थ टैक्स नहीं लगेगा।


6 साल से पहले के दस्तावेज ना फेंके- नए साल में सफाई के चक्कर में पिछले साल के रिकॉर्ड, कागज, पत्र, बिल, वाउचर आदि फेंक ना दें। अगर आयकर विभाग द्वारा री एसेसमेंट प्रोसिडिंग शुरु होती है तो आपको पुराने दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है।


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