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कैसे मिले ज्यादा रिटर्न, लगे कम टैक्स

प्रकाशित Sat, 18, 2014 पर 16:59  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

बाजार में निवेश के तमाम विकल्प, अलग-अलग कंपनियों के अलग-अलग दावे और इस बीच टैक्स बचाने की जद्दोजहद। कई निवेशक अक्सर खुद को ऐसे ही जाल में फंसा हुआ पाते हैं। क्योंकि हमेशा से ही निवेश और टैक्स के बीच तालमेल बिठाना चुनौतीपूर्ण रहा है। कई लोग निवेश के जरिए रिटर्न तो कमाते हैं लेकिन उसे टैक्स की बलि भी चढ़ा देते हैं। वहीं कई लोग टैक्स बचाने के चक्कर में गलत जगह निवेश करके रिटर्न से हाथ धो बैठते हैं।

अगर आप भी इस दौर से गुजर रहे हैं तो निश्चिंत हो जाइए। क्योंकि योर मनी पर हम आपको बताएंगे सही निवेश के जरिए टैक्स बचाने के तरीके। साथ ही ये भी सुनिश्चित करेंगे की आपका निवेश, टैक्स से बचा रहें ताकी आप अपना लक्ष्य निर्धारित वक्त पर पा सकें। इस खास विषय पर जानेंगे ऑनलाइन फाइनेंशियल प्लानिंग डॉटइन के डायरेक्टर कार्तिक झावेरी की राय।


पीपीएफ, वीपीएफ, ईपीएफ
टैक्स बचाने के लिए वेतनभोगी कर्मचारी ज्यादातर ईपीएफ में पैसा डालते हैं और साथ ही साथ वीपीएफ यानि वॉलेंटरी प्रॉविडेंट फंड भी बनाते हैं। पीपीएफ में मिलने वाला रिटर्न टैक्स फ्री होता है। पीपीएफ में 1 साल में सालाना 500 रुपये का निवेश जरूरी होता है। इसमें ऑनलाइन निवेश की भी सुविधा होती है। निवेशक पीपीएफ में सालाना 1 लाख रुपये तक एकमुश्त या किश्तों में लगा सकते हैं। इसमें लॉक इन पीरियड 15 साल का होता है। पीपीएफ में जमा राशि पर मिलने वाला ब्याज मार्केट रेट के हिसाब से बदलता है। पीपीएफ के तहत 6 साल के लिए लोन लेने की सुविधा भी मिलती है। 80सी के तहत पीपीएफ के निवेश पर टैक्स छूट मिलती है। लिहाजा हर किसी के पोर्टफोलियो में पीपीएफ अकाउंट होना चाहिए।


इक्विटी लिंक सेविंग स्कीम (ईएलएसएस)         
इक्विटी लिंक सेविंग स्कीम में ऑनलाइन निवेश किया जा सकता है। ईएलएसएस का रिटर्न 17.5 फीसदी रहा है। इसमें 80सी के तहत निवेश और डिविडेंड पर टैक्स छूट मिलती है। ईएलएसएस में 3 साल के बाद ही पैसा निकाल सकते हैं। शेयर बाजार में कारोबार के मुताबिक रिटर्न मिलेगा। एक्सिस लॉन्ग टर्म इक्विटी, आईसीआईसीआई प्रू टैक्स प्लान, एचडीएफसी लॉन्ग टर्म एडवांटेज फंड निवेश के लिए अच्छे विकल्प है। ईएलएसएस में भी निवेश से टैक्स बचत का फायदा मिल सकता हैं।    


एनपीएस
ईपीएफ के मुकाबले एनपीएस टैक्स बचत का बेहतरीन विकल्प है। एनपीएस का रिटर्न 4.2-10.2 फीसदी रहा है। एनपीएस में भी 80 तहत के सैलरी का 10 फीसदी निवेश टैक्स मुक्त रहेगा। एनपीएस में 16 फीसदी इक्विटी एक्सपोजर मिलेगा। इसमें डाला हुआ पैसा रिटायरमेंट तक लॉक रहता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर निवेश का 25 फीसदी पैसा निकालने की सुविधा मिलती है। एनपीएस में सालाना कम से कम 5000 रुपये का निवेश जरूरी होता है।  


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