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टैक्स गुरू के साथ सुलझाएं डीटीसी की शंका

प्रकाशित Sat, 04, 2010 पर 12:23  |  स्रोत : Hindi.in.com

4 सितंबर 2010



सीएनबीसी आवाज़


नये टैक्स कोड के जारी होने को लेकर लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं, खासकर वो लोग जो आयकर देते हैं, इस बात को लेकर चिंतित हैं कि डीटीसी लागू होने के बाद उन्हें फायदा होगा या नुक्सान?



टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया कहते हैं कि लंबे इंतजार के बाद सरकार ने डीटीसी लागू करने का फैसला ले लिया है और आपको चिंता करने की कोई जरूरत नहीं हैं क्योंकि इन टैक्स कोड के लागू होने के बाद आपको लाभ ही ज्यादा होगा।


टैक्स गुरू के जवाबों से हल करें टैक्स की समस्याएं



सबसे पहले आयकरदाताओं को इस बात पर खुश होना चाहिये कि सरकार ने आयकर स्लैब में बदलाव कर दिये हैं। अब आपकी 2 लाख तक की आय पर आयकर नहीं लगेगा। 2 लाख से 5 लाख तक की आय पर 10 फीसदी की दर से आयकर लगेगा। 5 से 10 लाख तक की आय होने पर आपको 20 फीसदी की दर से आयकर भरना होगा और 10 लाख से ज्यादा आमदनी मिलने पर आयकर की सीमा 30 फीसदी होगी।


 


डायरेक्ट टैक्स कोड: कितना होगा फायदा!



ये दरें हिंदू अनडिवाइडेड फैमिली, व्यक्ति पर समान तरह से लागू होंगी।



डीटीसी में कंपनियों के लिये 30 फीसदी कॉर्पोरेट कर लगाने का प्रस्ताव है, साथ ही इसमें सरचार्ज और सेस भी शामिल है।



इसके अलावा को-ऑपरेटिंग हाउसिंग सोसायटी को 10 से 20,000 तक की आमदनी पर 10 फीसदी की दर से और 20,000 से अधिक कमाई पर 20 फीसदी की दर से आयकर देना होगा।


 


टैक्स गुरू के साथ करें टैक्स समस्याओं का निदान



इसके अलावा टैक्स गुरू कहते हैं कि चैरिटी ट्रस्ट के लिये सरकार ने जो आयकर स्लैब घोषित किये हैं उनके मुताबिक 1 लाख तक की आय पर केवल 15 फीसदी की दर से ही आयकर वसूला जाएगा, हालांकि इन ट्रस्टों को बेनामी डोनेशन मिलने की सूरत में उस राशि का 30 फीसदी आयकर के रूप में देना होगा।



यूलिप पर टैक्स छूट खत्म खत्म होने से भी आपको घबराने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि सरकार ने पहले ही इस बात की घोषणा कर दी है कि 31 मार्च 2012 तक के लिये किये गये सभी निवेश पर मौजूदा नियमों के अनुसार ही टैक्स छूट जारी रहेगी। अगर आपने डीटीसी की घोषणा होने से पहले कोई यूलिप ले रखी है तो उस पर भी टैक्स छूट मिलती रहेगी।


 


कॉस्ट इंफ्लेशन इंडेक्स से करधारकों को लाभ: टैक्स गुरू



मकान से मिलने वाले किराए को 1 लाख तक के बचत निवेश पर टैक्स छूट की सीमा से बाहर रखा गया है। मकान किराए पर टैक्स छूट मिलेगी या नहीं अभी ये सरकार ने साफ नहीं किया है क्योंकि अभी तक सरकार ने डीटीसी के नियमों की घोषणा नहीं की है।



इसके साथ ही टैक्स गुरू ने एक और फायदे की बात बताते हुए कहा कि लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर अब आपको टैक्स नहीं देना होगा। साथ ही शेयरों से मिलने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर भी आपको टैक्स नहीं देना पड़ेगा।



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