टैक्स गुरु: जानिए टैक्स बचत के आसान तरीके -
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टैक्स गुरु: जानिए टैक्स बचत के आसान तरीके

प्रकाशित Sat, 01, 2014 पर 12:41  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

मौजूदा वित्त वर्ष के लिए टैक्स बचत की आखिरी तारीख पास आने वाली है। अब लोग सोचने लगे हैं कि कौन से उपाय करें जिससे टैक्स भी बचे और भविष्य की प्लानिंग भी हो जाए। बहुत से ऐसे सवाल होंगे जो आपके मन में होंगे लेकिन इस वक्त सिर्फ सोचने से काम नहीं चलेगा। इसीलिए टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया से हम जानेंगे कुछ ऐसे बेहतरीन तरीके जिनसे आपका टैक्स भी बचेगा और भविष्य की प्लानिंग भी होगी।


सवाल : आरबीआई के 9 साल ज्यादा पुराने नोट हटाने के फैसले से क्या होगा हम पर असर और किन बातों का ख्याल रखना है जरूरी?


सुभाष लखोटिया : आरबीआई के इस फैसले से करदाता को घबराने की जरूरत नहीं है। इस फैसले से केवल ब्लैक मनी रखने वालों को और जिनके पास ज्यादा कैश पैसे हैं उन्हें परेशानी हो सकती है। 9 साल पुराने नोट बंद नहीं हुए हैं इन्हें सिर्फ बदला जा रहा है और इसलिए जल्द बैंक में जाकर अपने पुराने नोट बदल लें। आरबीआई के इस कदम के पीछे केवल ब्लैक मनी को बाहर निकालने का मकसद नहीं है। बल्कि इस प्रावधान के जरिए हर तरह के पुराने नोट बदलना है। जितने भी पुराने नोट हो, वो सारे नोट बैंक से बदलने में कोई दिक्कत नहीं होगी।


बस ध्यान रखें कि एक दिन में 50,000 रुपये या उससे ज्यादा की रकम बैंक में जमा करने पर पैन नंबर देना जरूरी होगा। परंतु अगर पैन नंबर नहीं है तो पते के प्रूफ के साथ फॉर्म नंबर 60 भरकर जमा करना होगा। किसान और खेती करने वालो लोगों को फॉर्म 61 जमा करना होगा। 10 लाख रुपये तक कैश डिपॉजिट करने पर एआईआर के तहत आईटी ऑफिस भे दी जाएगी।


सवाल : क्या इंश्योरेंस पॉलिसी में मिलने वाली मैच्योरिटी की रकम टैक्स फ्री होती है? 


सुभाष लखोटिया : मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी रकम पर सेक्शन 10(10डी) के तहत टैक्स छूट मिलती है। अगर आपने इंश्योरेंस पॉलिसी 1 अप्रैल 2003 से 31 मार्च 2012 के बीच ली हैं तो पॉलिसी का कुल प्रीमियम सम एश्योर्ड के 20 फीसदी से ज्यादा नहीं होना चाहिए। वहीं 1 अप्रैल 2012 के बाद ली हुई पॉलिसी के लिए कुल प्रीमियम सम एश्योर्ड के 10 फीसदी से ज्यादा नहीं होना चाहिए। अगर ये शर्ते पूरी नहीं होती है तो मैच्योरिटी रकम पर टैक्स लगेगा। व्यक्ति के मृत्यू के मामले में मिली राशि पर ये शर्तें लागू नहीं होती है। परंतु की मैन इंश्योरेंस पॉलिसी की मैच्योरिटीज पर मिली रकम पर टैक्स लगेगा।   


सुभाष लखोटिया : क्या पती अपनी पत्नी को घर के कामकाज के लिए सैलरी देकर टैक्स बचा सकता है या नहीं?


सुभाष लखोटिया : पत्नी को पैसे देने पर क्लबिंग प्रावधान लागू होगा। पैसे से हुई कमाई, पति की इनकम में जुड़ेगी, इसलिए पत्नी को सैलरी देने पर कोई टैक्स छूट नहीं मिलेगी। लेकिन पत्नी के नाम से घर खरीदकर उसे किराया देकर आप एचआरए छूट का फायदा उठा सकते हैं। पत्नी को लोन देकर घर खरीदना बेहतर विकल्प होगा। इससे किराया देने पर क्लबिंग प्रावधान लागू नहीं होगा।  


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