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योर मनी: इंश्योरेंस में ना रखें निवेश का नजरिया

प्रकाशित Fri, 07, 2014 पर 08:15  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

प्रोब्स इंश्योरेंस ब्रोकिंग के आत्रेय भारद्वाज बता रहे हैं इंश्योरेंस पॉलिसी लेते समय किन बातों का ख्याल रखें। वहीं कौन सी पॉलिसी आपके लिए होगी बेहतर।


सवाल: मैंने भारतीय अक्सा का लाइफ सेव प्लान और अक्सा आजीवन आनंद प्लान लिया है। दोनों प्लान की अवधि 15 साल है और इसमें 5-25 फीसदी रिटर्न का भरोसा भी कंपनी की ओर से दिया गया है। क्या दोनों पॉलिसी में निवेश के माध्यम से क्या 15 साल में 50 लाख रुपये जुटाए जा सकते हैं?


आत्रेय भारद्वाज: इंश्योरेंस और निवेश दोनों ही अलग-अलग चीजें हैं, दोनों की उद्देश्य भी अलग है। कभी इंश्योरेंस में निवेश का नजरिया नहीं रखना चाहिए। वहीं दोनों पॉलिसी के माध्यम से 15 साल में 50 लाख रुपये नहीं जुटाए जा सकते हैं। हालांकि इंश्योरेंस के नजरिए से देखा जाए तो आपके दोनों प्लान बेहतर हैं। लाइफ सेव प्लान एक मनी बैक पॉलिसी है, जिसमें आगे चलकर समय-समय पर आपको पैसा मिलेगा। साथ ही इस प्लान में कंपनी की ओर बोनस भी मिलता है। वहीं अक्सा आजीवन आनंद एक एंडॉवमेंट प्लान है।


सवाल: मेरी उम्र 22 साल है, मैंने साल 2011 में 4 लाख रुपये का एज्युकेशन लोन लिया है। जिसपर ब्याज दर 13 फीसदी है। हाल ही में मुझे नौकरी मिली है और 12,000 रुपये मासिक वेतन है। क्या ऐसा कोई विकल्प है जिसके माध्यम से लोन की ईएमआई का भुगतान हो सके?


आत्रेय भारद्वाज: अब तक बाजार में ऐसा कोई विकल्प या प्लान मौजूद नहीं है जिसके माध्यम से आप लोन की ईएमआई को बोझ कम कर सके। शुरुआती समय में आपको अपने मासिक वेतन से ही ईएमआई का भुगतान करना होगा। लेकिन साथ ही कुछ पैसे अलग से निवेश करते जाएं आगे चलकर जब वह पैसे एक अच्छी रकम में तब्दील हो जाएं, तब उन पैसों से अपने कर्ज को चुकता कर सकते हैं।


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