अंतरिम बजट: खोखली उम्मीदें, अब क्या हो रणनीति -
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अंतरिम बजट: खोखली उम्मीदें, अब क्या हो रणनीति

प्रकाशित Mon, 17, 2014 पर 18:06  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

यूपीए-टू ने अपना अंतरिम बजट पेश कर दिया है। जैसा की उम्मीद की थी, इस बजट के आम आमदी के हाथ कुछ नहीं आया है। कंज्यूमर ड्यूरेबल गुड्स, गाड़ियों की खरीद पर एक्साइज ड्यूटी भले कम की गई। लेकिन इनकम टैक्स दरों को सरकार ने जस का तस बरकरार रखा है। वहीं आगे आम चुनाव के बाद नया बजट भी आना है, ऐसे में इस अंतरिम बजट को लेकर क्या करें प्लानिंग, समझा रहे हैं टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया और वाइज इंवेस्ट एडवाइजर्स के हेमंत रुस्तगी।


सुभाष लखोटिया के अनुसार पिछले 10-15 साल में पहली बार बजट काफी लंबा-चौड़ा था। लेकिन ये अंतरिम बजट बहुत ज्यादा उत्साहजनक नहीं रहा। इंडीविजुअल टैक्स पेयर को सरकार ने कोई राहत नहीं दी है। हालांकि जिन लोगों के पास पैसे हैं वह गाड़ियों पर एक्साइज ड्यूटी घटाने का फायदा उठाकर गाड़ी खरीद सकते हैं। वहीं इस बजट से अपनी निवेश रणनीति में कोई फेरबदल नहीं करें। क्योंकि ये अंतरिम बजट है, जुलाई तक नया बजट आएगा। उसके बाद निवेशक नई प्लानिंग के साथ निवेश कर सकते हैं।


सुपर रिच टैक्स यानि अमीरों पर ज्यादा टैक्स लगाने की बात लेकर भी सरकार ने कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई है। हालांकि एज्युकेशन लोन लेने वालों को एक ब्याज पर एक राहत जरूर सरकार ने दी है। ऐसे में छात्रों को इस मौके का फायदा उठाना चाहिए। क्योंकि चुनाव के बाद आनेवाले बजट से इससे ज्यादा राहत की उम्मीद नहीं है।


टैक्स गुरू के मुताबिक नए वित्त वर्ष में निवेश को लेकर फिलहाल कोई रणनीति नहीं बनानी चाहिए। निवेशकों तो जुलाई में आनेवाले संपूर्ण बजट का इंतजार करना चाहिए। हालांकि पीपीएफ में निवेश की रणनीति जारी रखना चाहिए। 80 सी के तहत इसमें टैक्स बेनेफिट मिलता रहेगा।


वाइज इंवेस्ट एडवाइजर्स के हेमंत रुस्तगी के अनुसार अंतरिम बजट से बहुत ज्यादा उम्मीदें पहले से ही नहीं थी, वहीं ये बजट उम्मीद के मुताबिक रहा है। सरकार ने डायरेक्ट टैक्स में कोई बदलाव नहीं किए हैं, हालांकि इनडायरेक्ट टैक्स पर कुछ फेरबदल को जरूर अंजाम दिया है। निवेश के लिहाज से अंतरिम बजट से कुछ खास निकलकर नहीं आया है। बेहतर होगा निवेशक अपनी पूर्व रणनीति के साथ निवेश जारी रखें। वहीं निवेश की शुरुआत के लिए बजट जैसे इवेंट का इंतजार नहीं करना चाहिए। अपनी जरूरत के मुताबिक निवेश की शुरुआत कभी भी कर सकते हैं।


बजट में गाड़ियों पर एक्साइड ड्यूटी घटाई गई है। ऐसे में जिन्होंने पहले से गाड़ी खरीदने के लिए प्लानिंग की है, उनके लिए ये बेहतर मौका होगा। क्योंकि एक्साइज ड्यूटी में ये राहत आगे नए बजट में भी मिलेगी ऐसा कह पाना मुश्किल है। वहीं वित्तीय घाटा अनुमान से थोड़ा कम 4.6 फीसदी रहा है।


खाने-पीने की महंगाई दर में कुछ राहत मिलती नजर आ रही है। ये इस बात के संकेत हैं कि आगे चलकर आर्थिक माहौल सकारात्मक रहेगा। ऐसे में निवेशकों को निवेश की रणनीति बनाना चाहिए।ज्यादा जोखिम से बचने के लिए बाजार में सीधे तौर पर निवेश करने के बजाय म्यूचुअल फंड में निवेश को ज्यादा महत्व देना चाहिए। यहां से डेट फंड और सेक्टोरियल फंड में निवेश कर सकते हैं। आगे चलकर इनसे बेहतर रिटर्न की उम्मीद लग रही है।


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