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टैक्स गुरु: टैक्स बचत से जुड़े सुझाव

प्रकाशित Sat, 22, 2014 पर 11:38  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा विषय जिसके बारे में हममें से ज्यादातर लोग सोचना पसंद नहीं करते हैं। उलटे इनकम टैक्स का नाम आते ही हम परेशान हो जाते हैं। हालांकि पूरे साल हमारी कोशिश रहती है कि हम ज्यादा से ज्यादा टैक्स बचाएं और इसके लिए हम कई तरह के निवेश भी करते हैं लेकिन फिर भी कई बार हम इनमें उलझ जाते हैं। आपकी इसी टैक्स से जुड़ी उलझन को सुलझाकर आसान बनाते हैं टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया। तो जानिए टैक्स से जुड़े आपके सभी सवालों का जवाब टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया से।


सवाल : अगर सैलरी से टीडीएस कट रहा है तो क्या रिटर्न भरने की जरूरत है?


सुभाष लखोटिया : टीडीएस कट गया और कोई टैक्स बकाया नहीं फिर भी रिटर्न भरना जरूरी है। सेक्शन 139 के तहत टीडीएस कटने के बाद भी रिटर्न भरना जरूरी होता है। सालाना 2 लाख रुपये से ज्यादा इनकम होने पर रिटर्न भरना अनिवार्य है।


सवाल : सेक्शन 56 के तहत हम अपने रिश्तेदारों से किसी भी लिमिट तक का गिफ्ट ले सकते हैं और दे सकते हैं, तो क्या पती अपनी पत्नी को जितना चाहे गिफ्ट दे?  


सुभाष लखोटिया : सेक्शन 56 के तहत रिश्तेदार से गिफ्ट लेने की सीमा नहीं है। पती अपनी पत्नी को 5 लाख रुपये से ज्यादा राशि गिफ्ट कर सकता है और इस गिफ्ट की रकम पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। लेकिन गिफ्ट की राशि से हुई इनकम पति की आय में जुड़ेगी। यहां सेक्शन 64 के तहत क्लबिंग प्रावधान लागू होगा।    


सवाल : हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम और प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप के लिए क्या टैक्स छूट होती है और क्या हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम का पेमेंट कैश के जरिए किया जा सकता है?


सुभाष लखोटिया : सेक्शन 80डी के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम और प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप इन दोनों के लिए छूट मिलती है। सेक्शन 80डी के तहत दोनों के लिए कुल 15,000 रुपये तक की छूट होती है। प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप के लिए अलग से 5000 रुपये की छूट नहीं मिलती। सिर्फ हेल्थ चेक अप के लिए 5000 रुपये की ही छूट मान्य है। हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का पेमेंट कैश में नहीं करना चाहिए, क्योंकि प्रीमियम का पेमेंट कैश में करने पर सेक्शन 80डी के तहत टैक्स छूट नहीं मिलती।


सवाल : जब कोई अपने माता पिता या परिवार के किसी सदस्य के पॉलिसी का प्रीमियम अदा करें तो क्या उस पर भी टैक्स छूट क्लेम किया जा सकता है। 


सुभाष लखोटिया : माता-पिता, भाई-बहन के लिए प्रीमियम भरने पर टैक्स छूट नहीं मिलती। अपना, पत्नी और बच्चे का पॉलिसी पप्रीमियम देने पर टैक्स छूट का लाभ उठाया जा सकता है। शादीशुदा बेटी के इंश्योरेंस का प्रीमियम देने पर भी टैक्स की पूरी छूट मिल सकती है। बेटी अलग आयकर असेसी हो तब भी प्रीमियम चुकाने पर टैक्स की छूट मिलती है। वहीं सेक्शन 80जीजी के तहत किराए के मकान पर बेटे को एचआरए की छूट नहीं मिलेगी। अगर घर अपने लिए किराए पर लिया हों तब ही छूट मिलती है।  


सवाल : कंपनी ऑफिस से घर आने-जाने का खर्चा देती है और इस पूरे खर्चे का खुद के लिए इस्तेमाल करते हैं, तो क्या ऐसे में टैक्स छूट मिलेगी? 


सुभाष लखोटिया : ऑफिस आने-जाने के लिए कंपनी से मिलने वाली रकम टैक्स फ्री नहीं होती है। अगर हम इस रकम को खर्च करते हैं और इससे कोई कमाई नहीं होती फिर भी टैक्स देना होगा। बतौर ट्रांसपोर्ट अलाउंसेस सिर्फ 800 रुपये पर ही टैक्स छूट मिलती है। बाकी पूरी रकम इनकम में जोड़कर टैक्स लगेगा। 


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