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होमलोन, आरजीईएस में निवेश से बचाएं टैक्स

प्रकाशित Sat, 01, 2014 पर 13:35  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा विषय जिसके बारे में हममें से ज्यादातर लोग सोचना पसंद नहीं करते हैं। उलटे इनकम टैक्स का नाम आते ही हम परेशान हो जाते हैं। हालांकि पूरे साल हमारी कोशिश रहती है कि हम ज्यादा से ज्यादा टैक्स बचाएं और इसके लिए हम कई तरह के निवेश भी करते हैं लेकिन फिर भी कई बार हम इनमें उलझ जाते हैं। आपकी इसी टैक्स से जुड़ी उलझन को सुलझाकर आसान बनाते हैं टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया। तो जानिए टैक्स से जुड़े आपके सभी सवालों का जवाब टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया से।


सवाल : राजीव गांधी इक्विटी सेविंग्स स्कीम के नियमों में क्या बदलाव हुए है?


सुभाष लखोटिया : आयकर की धारा 80सीसीसी के तहत राजीव गांधी इक्विटी सेविंग्स स्कीम में निवेश पर टैक्स छूट का फायदा मिल सकता है। सराकर ने 18 दिसंबर 2013 को नई आरजीईएसएस 2013 शुरु किया है और इस स्कीम के तहत पहली बार अधिकतम 50,000 रुपये तक के निवेश पर छूट मिलती है।


आरजीईएसएस में निवेश का 50 फीसदी ही छूट के तौर पर मिलता है। लेकिन ध्यान रहें कि सालाना 12 लाख रुपये से कम इनकम वाले ही इस छूट का लाभ उठा सकते हैं। इस स्कीम के जरिए बीएसई 100, सीएनएक्स 100, महारत्न, नवरत्न, मिनीरत्न, ईटीएफ, एमएफ, एफपीओ, आईपीओ में निवेश कर सकते हैं। जिनके पास पहले से डीमैट अकाउंट नहीं है ऐसे नए रिटेल निवेशकों को इसका फायदा हो सकता हैं।


निवेशक राजीव गांधी इक्विटी सेविंग्स स्कीम में वित्त वर्ष 2012-13 में निवेश कर सेक्शन 80सीसीजी की छूट ले सकते हैं। वहीं वित्त वर्ष 2013-14 में भी 50,000 रुपये का निवेश करके इस साल भी टैक्स छूट का फायदा उठाया जा सकता है।          


सवाल : पिता को 6 महीने की बकाया तनख्वाह मिलाकर कुल इनक्म 13.50 लाख हुई है। क्या आरजीईएसएस में निवेश कर टैक्स छूट का फायदा ले सकते हैं? 


सुभाष लखोटिया : सेक्शन 80सीसीजी के तहत छूट के लिए 12 लाख रुपये से कम इनकम होना जरूरी है। लेकिन आप के पिता की इनकम 12 लाख रुपये से ज्यादा है, इसलिए उनको आरजीईएसएस में निवेश कर छूट का फायदा नहीं मिलेगा। सिर्फ 12 लाख रुपये से कम इनकम वाले लोग ही आरजीईएसएस का फायदा ले सकते हैं।    


सवाल : होमलोन पर टैक्स छूट का फायदा कैसे मिल सकता है?


सुभाष लखोटिया : वित्त वर्ष 2013-14 के लिए आयकर की धारा 80ईई के तहत पहले घर के होमलोन के ब्याज पर अधिकतम 1 लाख रुपये तक की छूट का फायदा उठा सकते हैं। अगर  पूरी राशि इस वित्त वर्ष में नहीं ली गई, तो आगे के सालों में ये छूट मिलेगी। छूट के लिए जरूरी है कि होमलोन वित्त वर्ष 2013-14  में ही लिया गया हो।


लोन की रकम 25 लाख रुपये और घर की कीमत 40 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। लोन अप्रूव होने के दिन तक करदाता का कोई घर नहीं होना चाहिए। लोन वित्तीय संस्थाओं और फाइनेंस कंपनियों से ही लेना जरूरी है। 


यदि घर तैयार नहीं हुआ हो फिर भी होम लोन के ब्याज पर ज्यादा छूट मिलेगी। सेक्शन 90ईई के तहत छूट के लिए पजेशन जरूरी नहीं है। घर अभी बन रहा हो तब भी टैक्स छूट मिलेगी।   


सवाल : सेक्शन80ईई का फायदा लेने के लिए 24.90 लाख रुपये का लोन लिया। बैंक ने लोन के साथ इंश्योरेंस भी दिया। लोन की रकम बढ़ गई। अब क्या करें?  


सुभाष लखोटिया : अगर लोन की रकम 24.90 लाख रुपये है तो सेक्शन 80ईई का फायदा मिलेगा। किसी भी वजह से लोन की राशि 25 लाख रुपये से ज्यादा हुई तो कोई फायदा नहीं मिलेगा। अगर आप बैंक से लोन की रकम 24.90 लाख रुपये का सर्टिफिकेट लें तब ही छूट का फायदा मिलेगा।
 
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