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योर मनी: ई-इंश्योरेंस से पॉलिसी पर रखें नजर

प्रकाशित Wed, 05, 2014 पर 08:30  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

इंश्योरेंस पॉलिसी सामान्य तौर पर लंबी अवधि तक चलने वाली एक प्रक्रिया है। जहां निवेश से ज्यादा सुरक्षा का नजरिया होता है। कुछ बीमाधारकों के पास कई पॉलिसी होती है। ऐसे में सभी पॉलिसी पर नियंत्रण रख पाना थोड़ा कठिन होता है। लेकिन बीमाधारकों की ये दिक्कत अब दूर हो गई है। क्योंकि ई-इंश्योरेंस के जरिए वह अपनी सभी पॉलिसी को एक जगह रख सकते हैं।


पॉलिसीबाजार डॉट कॉम के सीईओ यशीष दहिया का कहना है कि ई-इंश्योरेंस एक बेहतर माध्मय है जहां से अपनी पॉलिसी को सही तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है। यह प्रक्रिया डीमैट अकाउंट जैसी ही होती है। ई-इंश्योरेंस के लिए सबसे पहले ई-अकाउंट खोलना होता है। ई-अकाउंट के जरिए से ही हम अपनी सभी पॉलिसी को एक सूत्र में बांध सकते हैं। हालांकि फिलहाल ई-इंश्योरेंस के लिए खाता खोलने का जिम्मा केवल 5 कंपनियों के पास है।


ई-इंश्योरेंस के लिए बीमाधारक एनएमडीएल, सीआईआर, एसएचसीआईएल, कार्वी और कैम्स के पास से अपना खाता खोल सकते हैं। खाता बात ये है कि खाता खोलने के लिए आपको किसी भी प्रकार के शुल्क का भुगतान नहीं करना होगा। वहीं सबसे खास बात ये है कि ई-इंश्योरेंस के जरिए बार-बार पॉलिसी लेते समय केवायसी के नियमों को पूरा नहीं करना होता है। यहां केवल एक बार केवायसी के फॉर्म भरने के बाद उसी पर आपकी बाकी पॉलिसी भी चलती हैं। हालांकि ई-इंश्योरेंस के लिए बीमाधारक के पैन कार्ड और आधारकार्ड जरूरी होता है।


भारत में फिलहाल ई-इंश्योरेंस का चलन बेहद कम यानि करीब 1 फीसदी का ही है। यानि कुल बीमाधारकों में 1 फीसदी लोग ही ई-इंश्योरेंस जैसी सुविधाजनक सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। ऐसे में जरूरत है कि इस सेवा को और लोकप्रिय बनाया जाए। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग ई-इंश्योरेंस का फायदा उठा सकें। खास करते जीवन बीमा धारकों के लिए यह एक बेहद लाभदायक विकल्प है।


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