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योर मनी: बैक-डेटेड पॉलिसी क्यो लें

प्रकाशित Wed, 12, 2014 पर 08:38  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

इंश्योरेंस पॉलिसी तो कई लोगों के पास होती है। लेकिन बहुत कम लोगों को पता होगा कि वह बैक-डेटेड पॉलिसी यानि पिछली तारीख से भी पॉलिसी ले सकते हैं। बैक-डेटेड पॉलिसी क्यों लेना चाहिए, वहीं क्या हैं इसके फायदे समझा रहे हैं रूंगटा सिक्योरिटीज के हर्ष रूंगटा


हर्ष रूंगटा के अनुसार इंश्योरेंस कंपीन पॉलिसीधारक को बैक-डेटेड पॉलिसी लेने का विकल्प देती है। इस विकल्प का चुनाव करके पॉलिसीधारक पिछली तारीख से अपनी पसंदीदा पॉलिसी ले सकते हैं। लेकिन ऐसा केवल एक वित्त वर्ष तक ही किया जा सकता है। यानि मौजूदा वित्त वर्ष से पिछले वित्त वर्ष में पॉलिसी ली जा सकती है। लेकिन पिछली तारीख से पॉलिसी लेने का ये विकल्प केवल ट्रेडिशनल प्लान में उपलब्ध है। यूलिप प्लान में छऐसी सुविधा इंश्योरेंस कंपनियां नहीं देती हैं।


पिछली तारीख से पॉलिसी लेने के कई कारण और फायदे होते हैं। यदि ज्यादा उम्र वाला व्यक्ति किसी ट्रेडिशनल प्लान में फिट नहीं हो रहा है तो वह पिछली तारीख से पॉलिसी ले सकता है। वहीं उम्र कम दिखाने से पॉलिसी का प्रीमियम भी कुछ कम हो जाता है, ये एक फायदा है। वहीं टैक्स बचत के लिए बैक-डेटेड पॉलिसी एक बेहतर विकल्प है।


यहां यह स्पष्ट कर दें कि बैक-डेटेड पॉलिसी लेना कोई जरूरी नहीं है। पॉलिसीधारक अपनी सुविधानुसार ही इस विकल्प का चुनाव करता है। वहीं पिछली तारीख से प्लान लेने पर पॉलिसीधारक को एक बार ब्याज भी देना पड़ता है। वहीं पॉलिसी में बोनस उसे पिछली तारीख से नहीं, बल्कि चालू वर्ष के मुताबिक ही मिलता है। ऐसे में इसमें अतिरिक्त बोनस की अपेक्षा नहीं करना चाहिए। सामान्य तौर पर लोग सालगिरह अथवा जन्मदिन इत्यादि को ध्यान में रखकर बैक-डेटेड पॉलिसी लेते हैं।


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