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आखिरी मौके पर टैक्स प्लानिंग के कौन-से विकल्प

प्रकाशित Tue, 25, 2014 पर 14:27  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

31 मार्च के लिए उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। ऐसे में अगर आपने अभी तक टैक्स बचत के लिए कहीं निवेश नहीं किया है, तो वाइज इंवेस्ट एडवाइजर्स के सीईओ हेमंत रुस्तगी से जानिए आखिरी मौके पर टैक्स प्लानिंग करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। 


वाइज इंवेस्ट एडवाइजर्स के सीईओ हेमंत रुस्तगी का कहना है कि आखिरी मौके पर टैक्स प्लानिंग करते समय करदाता को घबराना नहीं चाहिए। क्योंकि ऐसे समय ही ज्यादातर करदाता मिससेलिंग के शिकार बन जाते हैं और इसलिए करदाताओं को टैक्स प्लानिंग करते समय जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए और कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। सेक्शन 80 सी के तहत करदाता ईपीएफ में निवेश और बच्चों की स्कूल फीस पर टैक्स छूट का लाभ उठा सकते हैं।


करदाताओं को टैक्स छूट के लिए कितना निवेश करना है, ये ठीक हिसाब लगा कर ही तय करना चाहिए। सेक्शन 64 के तहत पति/पत्नी के बैंक खाते में डाले गए पैसे का ब्याज आय में जुड़ता है। बच्चों के नाम पर निवेश का ब्याज भी आपकी आमदनी में जुड़ता है। अगर आप पेरेंट्स के साथ रहते हैं तो उन्हें किराया देंकर आप उस रसीद को ऑफिस में जमा करवा दें और इसतरफ एचआरए पर टैक्स छूट का फायदा उठाएं।  


टैक्स प्लानिंग के अभी राजीव गांधी इक्विटी स्कीम, एनपीएस और यूनिट लिंक पेंशन स्कीम जैसे नए विकल्प भी मौजूद है। अगर आपकी आमदनी पर परिवार वाले निर्भर हैं, तो आपको टर्म प्लान लेना जरूरी है और आप एक घंटे के अंदर ऑनलाइन टर्म प्लान ले सकते हैं। ध्यान रखें कि टर्म प्लान के प्रीमियम पर भी आपको 80सी के तहत छूट का फायदा मिल सकता है। इसके अलावा 80डी के तहत भी आप हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर 15,000 रुपये तक छूट पा सकते हैं और माता-पिता के हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर 15,000 रुपये तक छूट ले सकते हैं। माता-पिता सीनियर सिटीजन हैं तो हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम की लिमिट 20,000 रुपये होगी। अगर कोई गंभीर बीमारी नहीं हो तो हेल्थ पॉलिसी भी ऑनलाइन ले सकते हैं। 


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