Moneycontrol » समाचार » निवेश

योर मनी: नया वित्त वर्ष, करें नई प्लानिंग

प्रकाशित Wed, 02, 2014 पर 08:59  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

नए वित्त वर्ष की शुरुआत हो चुकी है, नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही हमें कई नई प्लानिंग भी करना होता है। लेकिन सबसे अहम होता अपने निवेश की प्लानिंग करना, अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करना। बीते वित्त वर्ष में जो गलतियां हुई उन्हें दोबारा दोहारा जाए। ऐसे में नए वित्त वर्ष के साथ कैसे करें नई प्लानिंग बता रहे हैं अपनापैसा डॉट कॉम के हर्ष रूंगटा।


हर्ष रूंगटा का कहना है कि नए वित्त वर्ष के साथ एक निवेशक को अपने निवेश को लेकर खुद से कई वित्तीय संकल्प करने चाहिए। ऐसे संक्लप जो बीते वित्त वर्ष की गलतियों को ना दोहाराए जाएं। वहीं चालू वित्त वर्ष में नियमित रूप से निवेश करने का संकल्प लेना चाहिए। नए कारोबारी साल की शुरुआत के साथ ही सबसे पहले निवेशक को अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करना चाहिए। इस दौरान यह देखना चाहिए की पिछले 1 साल में उसके पोर्टफोलियो में मौजूद तमाम निवेश के विकल्पों ने कितना मुनाफा दिया है।


पोर्टफोलियो की समीक्षा के दौरान यदि कोई फंड का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है तो उसे पोर्टफोलियो से बाहर कर देना चाहिए। क्योंकि ऐसे फंड आपके वित्तीय लक्ष्य में बाधा डाल सकते हैं। वहीं अक्सर देखा गया है कि हम टैक्स बचाने के लिए साल के अंत में जल्दबाजी में कहीं भी निवेश कर लेते हैं, ऐसे मौकों पर खास करके इंश्योरेंस में निवेश ज्यादा होता है। केवल टैक्स बचाने के लिए हम ऐसा प्लान ले बैठते हैं जिसकी हमें जरूरत भी नहीं होती है। जिसका खामियाजा हमें आगे भुगतना पड़ता है।


ऐसे में नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही टैक्स बचाने की प्लानिंग शुरु कर लेना चाहिए। वहीं बाजार की मौजूदा तेजी देखकर इक्विटी में ज्यादा एक्सपोजर नहीं बढ़ाना चाहिए। अपने लक्ष्य के मुताबि की फंड का चयन करना चाहिए। लंबी अवधि के लक्ष्य है तो इक्विटी में निवेश बेहतर हैं, किंतु छोटी अवधि के लक्ष्य हासिल करने के लिए डेट फंड का चुनाव करना चाहिए। वहीं आपका जोखिम सहने का स्तर जितना हो उसके मुताबिक ही निवेश करना बेहतर होता है।


निवेश की प्लानिंग करते समय सबसे पहले अपने लिए पर्याप्त इंश्योरेंस लें, उसके बाद दूसरे विकल्पों में निवेश की सोचें। लेकिन यहां यह हमेशा ध्यान रहे कि इंश्योरेंस और निवेश दोनों में अलग-अलग नजरिया रखें। इंश्योरेंस को कभी भी निवेश नहीं मानना चाहिए।


वीडियो देखें