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योर मनी: बच्चों के लिए फाइनेंशियल प्लानिंग

प्रकाशित Thu, 03, 2014 पर 09:01  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

फाइनेंशियल प्लानिंग करते समय हमें हर तरह के लक्ष्यों का ख्याल रखना होता है, वहीं उसी के मुताबिक निवेश की रणनीति बनाई जाती है। आपके भविष्य की फाइनेंशियल प्लानिंग में रिटायरमेंट और चाइल्ड एजुकेशन प्लानिंग काफी अहम हैं। मौजूदा समय में शिक्षा इतनी महंगी हो रही है कि आगे चलकर आपको अपने बच्चों के लिए काफी चिंता हो सकती है। इस महंगी पढ़ाई का हल केवल एक ही है कि बच्चे के भविष्य की प्लानिंग उसके जन्म के साथ ही करना शुरू कर दें।


वाइजइंवेस्ट एडवाइजर्स के सीईओ हेमंत रुस्तोगी का कहना है कि जितना जल्दी हो सके माता-पिता को बच्चे के अच्छे भविष्य के लिए पैसे जोड़ना शुरू कर देना चाहिए। लगातार महंगी होती शिक्षा को देखते हुए चाइल्ड एजुकेशन के लक्ष्य को प्राथमिकता देना बहुत जरूरी है। सबसे पहले यह तय करें की आप अपने बच्चे को क्या पढ़ाना चाहते हैं, हालांकि यह शुरुआत से तय करना मुश्किल होता है कि आगे बच्चे की रूचि किस क्षेत्र में रहेगी। लेकिन एक उच्च शिक्षा के हिसाब से निवेश की प्लानिंग करना चाहिए।


हेमंत रुस्तोगी के मुताबिक बच्चे के भविष्य के लिए जोड़ते समय हमेशा महंगाई दर को ध्यान में रखें। यदि 20 साल बाद बच्चे की पढ़ाई के लिए आप 20 लाख रुपयों का लक्ष्य बना रहे तो यह जरूर ध्यान रखें कि आपके लक्ष्य में महंगाई दर समावेश है। अन्यथा 20 साल बाद 20 लाख रुपये का लक्ष्य 40 लाख रुपये के आसपास पहुंत चुका होगा। इसके अलावा यह भी ध्यान रखना चाहिए कि बच्चे के भविष्य के लिए आप जोड़ रहे हैं तो आपका निवेश नियमित होना चाहिए।


बच्चे की पढ़ाई के लिए निवेश सामान्य तौर पर एक लंबी अवधि का लक्ष्य है। लंबी अवधि के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए इक्विटी में निवेश करना उचित होगा। आईसीआईसीआई फोक्स्ड ब्लूचिप, आईडीएफसी प्रीमियर इक्विटी फंड, बीएसएल फ्रंटलाइन इक्विटी जैसे फंड में लंबी अवधि के लक्ष्यों के लिए बेहतर हैं। वहीं एचडीएफसी चिड्रेन गिफ्ट प्लान और एसबीआई मैग्नम चिड्रेन प्लान में भी पैसे लगा सकते हैं। इसके अलावा बच्चों के भविष्य के लिए एक अच्छी रकम जोड़ने के लिए पीपीएफ और एफडी भी बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं।


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