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योर मनी: कदम-कदम पर जोखिम, पर्याप्त कवर जरूरी

प्रकाशित Wed, 16, 2014 पर 08:45  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

रिस्क मैनेजमेंट प्लानिंग से पहले यह हमें जोखिम को समझना चाहिए। अपनी कार्यशैली और जीवनशैली दोनों का आकलन करना चाहिए, वहीं उसके मुताबिक ही प्लानिंग करना चाहिए। निवेश और इंश्योरेंस दोनों के लक्ष्य और उद्देश्य अलग-अलग होने चाहिए। हालांकि यहां यह ध्यान रखना चाहिए की पहले इंश्योरेंस लें यानि सुरक्षा पहले करना चाहिए। उसके बाद निवेश को प्राथमिकता देनी चाहिए।


अपनापैसा डॉट कॉम के सीईओ हर्ष रूंगटा का कहना है कि हमें यह समझना चाहिए यदि हम नहीं रहे तो हमारे बाद हमपर निर्भर लोगों का क्या होगा। ऐसे में सबसे पहले खुद पर निर्भर लोगों की सुरक्षा का इंतजाम करना चाहिए। ऐसे में इसके लिए इतना कवर लें कि आपके बाद भी आपके परिवार की जीवन की गाड़ी सुचारू रूप से चल सके। बाजार में ऐसे कई टर्म प्लान मौजूद हैं, जिसके माध्यम से आप खुद की सुरक्षा के साथ परिवार के भविष्य को सुरक्षित कर सकते हैं।


हर्ष रुंगटा के मुताबिक लाइफ इंश्योरेंस लेते हैं तो उसमें एक्सिडेंटल डेथ का कवर होता है, लेकिन डिसएबिलिटी के लिए हम कवर नहीं लेते हैं। यदि किसी एक्सिडेंट में हम आपाहिज हो जाएं, कुछ कर पाने के लिए सक्षम नहीं हो। तो सोचिए ऐसी स्थिति में आपका घर कैसे चलेगा। ऐसे में लाइफ कवर लेते समय में डिसऐबिलिटी को भी ध्यान में रखइसके कर इसके लिए भी कवर लें। इसके अलावा बढ़ते मेडिकल खर्च को देखते हुए हेल्थ इंश्योरेंस भी लेना जरूरी होता है।


यदि आप पर कोई निर्भर नहीं हैं तो लाइफ कवर की आपको जरूरत नहीं, लेकिन दूसरी कई चीजें हैं जिसके लिए आपको कवर की जरूरत पड़ेगी। आपकी नौकरी चली जाए, कोई बीमानी या एक्सिडेंट हो जाए उस समय आप क्या करेंगे। ऐसे में आज से भविष्य के जोखिमों के बारे में सोचकर प्लानिंग करना चाहिए। ऐसे में जल्द से जल्द लक्ष्य बनाएं और ऐसे जोखिम के लिए भी कवर लें। नौकरीपेशा व्यक्तियों को एक इमरजेंसी फंड बनाना चाहिए, जिसमें आपकी मासिक आय के करीब 6 महीनों के बराबर की रकम होनी चाहिए।


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